'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' से लोकतंत्र में महिलाओं की भागीदारी को मिलेगी नई ताकत: श्रुति चौधरी
सारांश
Key Takeaways
- नारी शक्ति वंदन अधिनियम महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी को बढ़ावा देगा।
- यह निर्णय लोकतंत्र को मजबूत करेगा।
- महिलाओं के लिए आरक्षण एक ऐतिहासिक कदम है।
- सरकार ने महिलाओं के सशक्तीकरण के लिए कई योजनाएं शुरू की हैं।
- महिलाएं अब प्रत्येक क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं।
चंडीगढ़, 15 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। हरियाणा की कैबिनेट मंत्री श्रुति चौधरी ने 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' की सराहना करते हुए केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बधाई दी। उन्होंने इसे एक ऐतिहासिक और दूरगामी प्रभाव डालने वाला निर्णय बताया, जो देश की राजनीति और लोकतंत्र में महिलाओं की भागीदारी को और मजबूत करेगा।
मंत्री श्रुति चौधरी ने कहा कि यह निर्णय भारत को 'विकसित राष्ट्र' बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उनके अनुसार, यह वह समय है जब देश तेजी से विकास की ओर अग्रसर है और ऐसे निर्णय भविष्य की नींव को मजबूत कर रहे हैं। आज के समय में कई विकसित देशों ने भी इस तरह के कदम नहीं उठाए हैं, लेकिन भारत ने इसे लागू करने की दिशा में एक बड़ा कदम बढ़ाया है।
उन्होंने संसद और विधानसभा में महिलाओं की भागीदारी को बढ़ाने पर भी जोर दिया। नारी शक्ति वंदन अधिनियम के अंतर्गत महिलाओं के लिए आरक्षण को एक ऐतिहासिक कदम बताया गया, जो भविष्य में राजनीति में महिलाओं की भूमिका को और मजबूत करेगा। मंत्री ने कहा कि यह कदम लोकतंत्र की मजबूती को बढ़ाएगा और देश की आधी आबादी को उनका सही प्रतिनिधित्व प्राप्त होगा। जब महिलाएं निर्णय लेने की प्रक्रिया में शामिल होंगी, तो नीतियों में संतुलन और प्रभावशीलता बढ़ेगी।
उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में देश में कई बड़े सामाजिक और राजनीतिक सुधार हुए हैं। सरकार ने महिलाओं के सशक्तीकरण के लिए निरंतर प्रयास किए हैं, और इसका परिणाम अब जमीनी स्तर पर दिखने लगा है। उन्होंने 'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ' अभियान का उल्लेख करते हुए कहा कि यह केवल एक योजना नहीं, बल्कि एक जन आंदोलन बन चुका है। इस अभियान ने हरियाणा जैसे राज्यों में लिंग अनुपात में सुधार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। पहले जहां भ्रूण हत्या और लिंग असंतुलन की समस्याएं थीं, वहीं अब स्थिति में सुधार देखने को मिल रहा है।
श्रुति चौधरी ने यह भी कहा कि सरकार ने महिलाओं के आर्थिक सशक्तीकरण के लिए भी कदम उठाए हैं। उन्होंने जन-धन योजना, पीएम आवास योजना और उज्ज्वला योजना जैसे कार्यक्रमों का जिक्र करते हुए कहा कि इनसे महिलाओं को न केवल आर्थिक सहायता मिली है, बल्कि उन्हें घरों में मालिकाना हक और सम्मान भी प्राप्त हुआ है।
उन्होंने सेना में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी का उल्लेख करते हुए कहा कि आज की बेटियां हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं। उन्होंने इसे प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में हो रहे सकारात्मक बदलाव का परिणाम कहा।
मंत्री ने संसद की सीटों की संख्या बढ़ाने और परिसीमन से जुड़े मुद्दों पर भी रुख बताया। उन्होंने कहा कि यह बदलाव लोकतंत्र को मजबूत करने के लिए आवश्यक है और इससे सभी राज्यों को समान अवसर मिलेगा।
वहीं, बीबीएमबी (भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड) के मुद्दे पर मंत्री श्रुति चौधरी ने कहा कि हरियाणा अपने अधिकारों को लेकर पूरी तरह से दृढ़ है और किसी भी स्थिति में अपने हक से समझौता नहीं करेगा।