14 जुलाई 2026
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नवी मुंबई हत्याकांड: पत्नी और प्रेमी ने पति का गला दबाया, शव के तीन टुकड़े कर जंगल में फेंका

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नवी मुंबई हत्याकांड: पत्नी और प्रेमी ने पति का गला दबाया, शव के तीन टुकड़े कर जंगल में फेंका

सारांश

नवी मुंबई में एक पत्नी और उसके प्रेमी ने अवैध संबंधों में बाधा बने पति की गला दबाकर हत्या की, शव के तीन टुकड़े कर जंगल में छिपाए और आठ महीने तक परिवार को गुमराह करते रहे। 11 महीने बाद CDR और तकनीकी साक्ष्यों से पुलिस ने साजिश का पर्दाफाश किया।

मुख्य बातें

रबाले एमआईडीसी पुलिस ने 14 जुलाई 2026 को पत्नी सुनीता कुशवाह (40) और प्रेमी राहुल दशरथ प्रजापति (30) को गिरफ्तार किया।
मृतक बलीराम सूर्यनाथ कुशवाह (50) की हत्या 9 अगस्त 2025 की रात ऐरोली, नवी मुंबई में की गई थी।
आरोपियों ने शव के तीन टुकड़े कर गवली देव पहाड़ी के जंगल में अलग-अलग स्थानों पर फेंका।
हत्या के बाद सुनीता आठ महीने तक परिवार को बलीराम के 'घर छोड़ने' की झूठी कहानी सुनाती रही।
CDR और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने दोनों को पकड़ा; अदालत ने सात दिन की पुलिस हिरासत दी।
अवशेष बरामद करना पुलिस के लिए चुनौती, 11 महीने बाद जंगल में तलाश जारी।

नवी मुंबई की रबाले एमआईडीसी पुलिस ने 14 जुलाई 2026 को ऐरोली के यादव नगर में करीब 11 महीने पहले हुई एक नृशंस हत्या का पर्दाफाश किया। पुलिस ने मृतक बलीराम सूर्यनाथ कुशवाह (50) की पत्नी सुनीता कुशवाह (40) और उसके कथित प्रेमी राहुल दशरथ प्रजापति (30) को गिरफ्तार किया है। अदालत ने दोनों आरोपियों को सात दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया है।

मुख्य घटनाक्रम

पुलिस जांच के अनुसार, 9 अगस्त 2025 की रात दोनों आरोपियों ने मिलकर घर में सो रहे बलीराम का गला दबाकर हत्या कर दी। पहचान छिपाने के इरादे से शव के तीन टुकड़े किए गए और उन्हें अलग-अलग बोरियों तथा चादर में लपेटकर राहुल के ऑटो रिक्शा से गवली देव पहाड़ी के जंगल में अलग-अलग स्थानों पर फेंक दिया गया। हत्या से पहले बच्चों को दो दिन के लिए रिश्तेदार के घर भेजा गया था, ताकि कोई गवाह न रहे।

साजिश की पृष्ठभूमि

पुलिस के बयान के अनुसार, बलीराम अपनी पत्नी सुनीता और दो बच्चों के साथ यादव नगर में रहते थे। इसी दौरान सुनीता के घणसोली निवासी रिक्शा चालक राहुल प्रजापति से अवैध संबंध हो गए। जब बलीराम को इन संबंधों की जानकारी मिली और उन्होंने विरोध किया, तो दोनों ने मिलकर हत्या की योजना बना ली। यह ऐसे समय में सामने आया है जब महाराष्ट्र में घरेलू हिंसा और अपराध के मामलों में वृद्धि की चिंताएँ बनी हुई हैं।

आठ महीने तक परिवार को गुमराह किया

हत्या के बाद सुनीता ने यादव नगर का मकान किराए पर दे दिया और दोनों बच्चों के साथ राहुल के घर घणसोली में रहने लगी। करीब आठ महीने तक उसने परिवार को यह कहकर गुमराह किया कि बलीराम घर छोड़कर चले गए हैं। दोनों आरोपियों ने अपने मोबाइल और सिम कार्ड भी बदल दिए थे।

जांच और गिरफ्तारी

अप्रैल 2026 में रबाले एमआईडीसी पुलिस स्टेशन में गुमशुदगी दर्ज होने के बाद जांच शुरू हुई। कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR), तकनीकी साक्ष्यों और पूछताछ में सामने आए विरोधाभासी बयानों के आधार पर पुलिस ने दोनों को हिरासत में लिया। अलग-अलग पूछताछ में दोनों आरोपियों ने हत्या की पूरी साजिश स्वीकार कर ली।

आगे की जांच और चुनौतियाँ

आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने गवली देव पहाड़ी क्षेत्र में मृतक के अवशेषों की तलाश शुरू कर दी है। हालांकि घटना को 11 महीने बीत जाने के कारण अवशेष बरामद करना पुलिस के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई है। मामले की आगे की जांच रबाले एमआईडीसी पुलिस कर रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

न पड़ोसियों को, और न ही प्रशासन को। गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज होने में आठ महीने की देरी यह सवाल खड़ा करती है कि लापता व्यक्तियों के मामलों में समय पर जांच की व्यवस्था कितनी मज़बूत है। CDR और तकनीकी साक्ष्यों ने जहाँ पुलिस की क्षमता को साबित किया, वहीं यह भी स्पष्ट है कि बिना सक्रिय परिजन शिकायत के यह मामला शायद कभी सामने न आता। अवशेष बरामद न होना अभी भी न्यायिक प्रक्रिया के लिए एक बड़ी बाधा है।
RashtraPress
14 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नवी मुंबई हत्याकांड में क्या हुआ था?
पुलिस के अनुसार, 9 अगस्त 2025 की रात सुनीता कुशवाह और उसके प्रेमी राहुल प्रजापति ने मिलकर पति बलीराम सूर्यनाथ कुशवाह का गला दबाकर हत्या की। इसके बाद शव के तीन टुकड़े कर गवली देव पहाड़ी के जंगल में फेंक दिए गए।
आरोपियों को कब और कैसे पकड़ा गया?
अप्रैल 2026 में गुमशुदगी दर्ज होने के बाद जांच शुरू हुई। कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR), तकनीकी साक्ष्यों और विरोधाभासी बयानों के आधार पर रबाले एमआईडीसी पुलिस ने 14 जुलाई 2026 को दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया।
हत्या की साजिश क्यों रची गई थी?
पुलिस के बयान के अनुसार, सुनीता और राहुल के बीच अवैध संबंध थे। जब बलीराम को इसकी जानकारी हुई और उन्होंने विरोध किया, तो दोनों ने मिलकर हत्या की योजना बनाई।
क्या मृतक के अवशेष बरामद हुए हैं?
अभी तक अवशेष बरामद नहीं हुए हैं। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर गवली देव पहाड़ी क्षेत्र में तलाश शुरू की है, लेकिन 11 महीने बीत जाने के कारण यह बड़ी चुनौती बनी हुई है।
आरोपियों को अदालत ने क्या सज़ा सुनाई?
अभी सज़ा नहीं सुनाई गई है — मामला जांच के चरण में है। अदालत ने दोनों आरोपियों — सुनीता कुशवाह और राहुल प्रजापति — को सात दिन की पुलिस हिरासत में भेजा है।
राष्ट्र प्रेस
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