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थोक महंगाई दर जून में 9.87% पर, ईंधन-ऊर्जा 27.41% उछला; चांदी ज्वेलरी 133% महंगी

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थोक महंगाई दर जून में 9.87% पर, ईंधन-ऊर्जा 27.41% उछला; चांदी ज्वेलरी 133% महंगी

सारांश

जून में भारत की थोक महंगाई दर 9.87% पर पहुंची — ईंधन-ऊर्जा में 27.41% और चांदी ज्वेलरी में 133% की उछाल सबसे चौंकाने वाली रही। खुदरा महंगाई भी 4.38% पर आई, जो संकेत देती है कि मूल्य दबाव उत्पादन से उपभोक्ता तक पूरी श्रृंखला में फैल रहा है।

मुख्य बातें

थोक महंगाई दर (WPI) जून में 9.87 प्रतिशत रही, जो मई के 9.68 प्रतिशत से अधिक है।
ईंधन एवं ऊर्जा श्रेणी में महंगाई 27.41 प्रतिशत रही; प्राथमिक वस्तुओं में 7 प्रतिशत और विनिर्मित वस्तुओं में 7.48 प्रतिशत ।
सालाना आधार पर सर्वाधिक महंगी वस्तु चांदी की ज्वेलरी (133.21%) , उसके बाद अदरक (50.41%) और टमाटर (31.92%) ।
खुदरा महंगाई दर (CPI) जून में बढ़कर 4.38 प्रतिशत (अनंतिम) हुई; ग्रामीण क्षेत्र में 4.74% , शहरी में 3.92% ।
खुदरा खाद्य महंगाई जून में 5.32 प्रतिशत — मई के 4.78 प्रतिशत से अधिक।

भारत की थोक महंगाई दर (WPI) जून में सालाना आधार पर 9.87 प्रतिशत दर्ज की गई, जो मई के 9.68 प्रतिशत से अधिक है। वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय द्वारा 14 जुलाई को जारी आंकड़ों के अनुसार, ईंधन एवं ऊर्जा, खाद्य वस्तुओं और विनिर्मित उत्पादों की बढ़ती लागत इस उछाल की प्रमुख वजह रही।

डब्ल्यूपीआई के तीन मुख्य घटकों का हाल

मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, ईंधन एवं ऊर्जा श्रेणी में थोक महंगाई दर जून में 27.41 प्रतिशत रही, हालांकि यह मई के 30.33 प्रतिशत से कुछ कम है। प्राथमिक वस्तुओं में महंगाई दर मई के 4.99 प्रतिशत से बढ़कर जून में 7 प्रतिशत हो गई। विनिर्मित वस्तुओं में दर 7.48 प्रतिशत पर स्थिर रही।

आंकड़ों के अनुसार, जून में थोक महंगाई दर के ऊंचे स्तर के पीछे खनिज तेल (पेट्रोलियम उत्पाद सहित), खाद्य वस्तुओं, रसायनों एवं रासायनिक उत्पादों और बेसिक मेटल की मैन्युफैक्चरिंग लागत में वृद्धि मुख्य कारण रही।

खाद्य महंगाई में उछाल

जून में खाद्य उत्पादों में थोक महंगाई दर 6.14 प्रतिशत दर्ज की गई, जबकि मई में यह 4.49 प्रतिशत थी। गौरतलब है कि कुल डब्ल्यूपीआई में खाद्य वस्तुओं की हिस्सेदारी 24.99 प्रतिशत है, जो इस श्रेणी को समग्र सूचकांक पर सर्वाधिक प्रभाव डालने वाला घटक बनाती है।

सालाना आधार पर सर्वाधिक महंगाई वाली पाँच वस्तुओं में चांदी की ज्वेलरी (133.21 प्रतिशत), अदरक (50.41 प्रतिशत), सोना/हीरे/प्लेटिनम ज्वेलरी (36.82 प्रतिशत), टमाटर (31.92 प्रतिशत) और किशमिश एवं मुनक्का (20.52 प्रतिशत) शामिल रहीं।

खुदरा महंगाई का चित्र

थोक महंगाई के समानांतर, खुदरा महंगाई दर (CPI) भी जून में बढ़कर 4.38 प्रतिशत (अनंतिम) हो गई, जो मई में 3.93 प्रतिशत (अंतिम) थी। ग्रामीण क्षेत्र में खुदरा महंगाई दर मई के 4.25 प्रतिशत से बढ़कर 4.74 प्रतिशत पहुंची, जबकि शहरी क्षेत्र में यह मई के 3.53 प्रतिशत से बढ़कर 3.92 प्रतिशत हो गई।

जून में खुदरा खाद्य महंगाई दर 5.32 प्रतिशत रही, जो मई में 4.78 प्रतिशत थी। यह ऐसे समय में आया है जब मानसून की अनिश्चितता और वैश्विक कमोडिटी कीमतों का दबाव घरेलू मूल्य स्तर पर असर डाल रहा है।

आम जनता पर असर

थोक और खुदरा — दोनों स्तरों पर महंगाई में एक साथ वृद्धि का अर्थ है कि उत्पादन से लेकर उपभोक्ता तक की पूरी आपूर्ति श्रृंखला में मूल्य दबाव बढ़ रहा है। ईंधन एवं ऊर्जा की ऊंची लागत परिवहन और विनिर्माण दोनों को प्रभावित करती है, जिसका असर अंततः रोज़मर्रा की वस्तुओं की कीमतों पर पड़ता है।

आगे की दिशा भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) की मौद्रिक नीति समिति की अगली बैठक के निर्णय और मानसून की प्रगति पर काफी हद तक निर्भर करेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

जिसका सीधा असर मध्यम और निम्न आय वर्ग पर पड़ेगा। RBI के लिए यह आंकड़े दुविधाजनक हैं — विकास को समर्थन देने और महंगाई को काबू में रखने के बीच संतुलन और कठिन होता जा रहा है। चांदी ज्वेलरी में 133% की उछाल वैश्विक कीमती धातु बाज़ार के दबाव को दर्शाती है, जो घरेलू नीति के दायरे से बाहर है।
RashtraPress
14 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जून 2026 में भारत की थोक महंगाई दर कितनी रही?
वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, जून में थोक महंगाई दर (WPI) सालाना आधार पर 9.87 प्रतिशत रही, जो मई की 9.68 प्रतिशत से अधिक है। ईंधन, खाद्य और विनिर्मित वस्तुओं की बढ़ती लागत इसकी मुख्य वजह रही।
ईंधन और ऊर्जा की महंगाई इतनी अधिक क्यों है?
जून में ईंधन एवं ऊर्जा श्रेणी में थोक महंगाई दर 27.41 प्रतिशत रही, जिसमें खनिज तेल और पेट्रोलियम उत्पादों की बढ़ती कीमतें प्रमुख कारण हैं। हालांकि यह मई के 30.33 प्रतिशत से कम है, फिर भी यह समग्र WPI को ऊंचा रखने में सबसे बड़ा योगदानकर्ता बना हुआ है।
जून में सबसे अधिक महंगी कौन-सी वस्तुएं रहीं?
सालाना आधार पर सर्वाधिक महंगाई वाली वस्तुओं में चांदी की ज्वेलरी (133.21%), अदरक (50.41%), सोना/हीरे/प्लेटिनम ज्वेलरी (36.82%), टमाटर (31.92%) और किशमिश व मुनक्का (20.52%) शामिल रहीं।
खुदरा महंगाई दर (CPI) जून में कितनी रही?
जून में खुदरा महंगाई दर 4.38 प्रतिशत (अनंतिम) रही, जो मई की 3.93 प्रतिशत से अधिक है। ग्रामीण क्षेत्र में यह 4.74 प्रतिशत और शहरी क्षेत्र में 3.92 प्रतिशत दर्ज की गई।
थोक और खुदरा महंगाई के एक साथ बढ़ने का आम आदमी पर क्या असर होगा?
दोनों सूचकांकों में एक साथ वृद्धि का अर्थ है कि उत्पादन से लेकर उपभोक्ता तक पूरी आपूर्ति श्रृंखला में मूल्य दबाव बढ़ रहा है। ईंधन की ऊंची लागत परिवहन खर्च बढ़ाती है, जिसका असर किराने का सामान, सब्जियां और रोज़मर्रा की वस्तुओं की कीमतों पर सीधे पड़ता है।
राष्ट्र प्रेस
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