नवरात्रि षष्ठी पर PM मोदी ने मां कात्यायनी को किया नमन, 'भवानी अष्टकम' भजन किया साझा
सारांश
मुख्य बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 16 अक्टूबर 2026 को नवरात्रि के छठे दिन मां कात्यायनी को नमन करते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर आदि शंकराचार्य रचित भजन 'भवानी अष्टकम' का यूट्यूब लिंक साझा किया। यह भजन गायिका माधवी मधुकर झा की आवाज़ में है, जिसमें देवी महिमा का वर्णन किया गया है।
प्रधानमंत्री का संदेश
अपनी एक्स पोस्ट में प्रधानमंत्री मोदी ने लिखा, 'नवरात्रि की पवित्र षष्ठी पर मां कात्यायनी के श्रीचरणों में कोटि-कोटि नमन! मेरी कामना है कि उनकी अनुकंपा से हर किसी के जीवन में असीम शक्ति, साहस और सकारात्मक ऊर्जा का संचार हो।' इस संदेश के साथ उन्होंने 'भवानी अष्टकम' का लिंक संलग्न किया, जो देवी से समर्पण की गहन भावना को अभिव्यक्त करता है — 'हे देवी! तुम ही मेरी गति हो।'
संस्कृत सुभाषित का साझाकरण
मां कात्यायनी को नमन से पूर्व प्रधानमंत्री की ओर से एक संस्कृत श्लोक भी साझा किया गया — 'तव च का किल न स्तुतिरम्बिके! सकलशब्दमयी किल ते तनुः। निखिलमूर्तिषु मे भवदन्वयो मनसिजासु बहिःप्रसरासु च॥'
इस श्लोक का भावार्थ है कि हे जगदम्बिके! संसार में भला ऐसा कौन-सा शब्द है जो आपकी स्तुति नहीं? क्योंकि आपका स्वरूप तो समस्त शब्दों से बना है। मन में उठने वाले सभी विचारों और बाहर दिखाई देने वाली समस्त आकृतियों में देवी का ही स्वरूप दिखता है।
मां कात्यायनी का स्वरूप
नवरात्र के छठे दिन देवी दुर्गा के छठे रूप मां कात्यायनी की उपासना की जाती है। उनकी चार भुजाएँ हैं — एक हाथ में तलवार, दूसरे में कमल पुष्प, और शेष दो हाथ वरदा मुद्रा तथा अभय मुद्रा में हैं। उनका वाहन सिंह है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार मां कात्यायनी शक्ति, साहस और विजय की प्रतीक मानी जाती हैं।
नवरात्रि में सोशल मीडिया के ज़रिये जन-जुड़ाव
गौरतलब है कि प्रधानमंत्री मोदी प्रत्येक नवरात्रि में एक्स के माध्यम से धार्मिक संदेश, भजन और सुभाषित साझा करते रहे हैं, जो उनके जन-संपर्क का एक नियमित हिस्सा बन गया है। यह परंपरा उनके व्यापक डिजिटल जन-जुड़ाव अभियान का अंग है। नवरात्रि के शेष दिनों में भी इसी प्रकार के धार्मिक संदेशों की अपेक्षा की जा रही है।