नवरात्र के 9वें दिन PM मोदी ने एक्स पर साझा किया 'नारायणी नमस्तुते' भजन, मां सिद्धिदात्री से माँगी सबकी उन्नति
सारांश
मुख्य बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 19 अक्टूबर 2026 को नवरात्र के नौवें और अंतिम दिन सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर मां सिद्धिदात्री को नमन करते हुए देवी स्तुति 'नारायणी नमस्तुते' का यूट्यूब लिंक साझा किया। इस भजन में वीरेंद्रकृष्ण भद्र की आवाज़ में मां दुर्गा की महिमा का बखान किया गया है।
पीएम मोदी का संदेश और संस्कृत श्लोक
प्रधानमंत्री ने अपनी एक्स पोस्ट में लिखा, 'त्याग और तप की देवी मां महागौरी के आशीष से सबका भविष्य उज्ज्वल हो। हर किसी को जीवन में यश और कीर्ति की प्राप्ति हो, यही कामना है।' इसके अतिरिक्त उन्होंने एक अलग पोस्ट में संस्कृत का एक सुभाषित भी साझा किया।
साझा किया गया श्लोक था: 'यैस्तु भक्त्या स्मृता नूनं तेषां वृद्धिः प्रजायते। ये त्वां स्मरन्ति देवेशि रक्षसे तान्न संशयः।' यह श्रीदेवीकवचम् (दुर्गा कवच) का आठवाँ श्लोक है, जिसका भावार्थ है कि जो भक्त भक्तिपूर्वक देवी दुर्गा का स्मरण करते हैं, उनकी निश्चित रूप से उन्नति होती है और देवी उन्हें संकटों से बचाती हैं।
मां सिद्धिदात्री: शक्ति और सिद्धि की देवी
नवरात्र का नौवाँ दिन मां सिद्धिदात्री की पूजा को समर्पित होता है। 'सिद्धि' का अर्थ पूर्णता या सामर्थ्य है, और 'दात्री' का अर्थ है देने वाली। मान्यता के अनुसार यह देवी भक्तों को आठ सिद्धियाँ — अणिमा, महिमा, गरिमा, लघिमा, प्राप्ति, प्राकाम्य, ईशत्व और वशित्व — प्रदान करती हैं।
देवी का वाहन सिंह है और उनकी चार भुजाएँ हैं। दाहिने हाथों में गदा और चक्र तथा बाएँ हाथों में कमल पुष्प और शंख सुशोभित रहते हैं। यह स्वरूप शक्ति, सिद्धि और दिव्य ज्ञान का प्रतीक माना जाता है।
पौराणिक महत्व: शिव का अर्धनारीश्वर स्वरूप
पौराणिक मान्यताओं के अनुसार भगवान शिव ने मां सिद्धिदात्री की कृपा से ही अनेक सिद्धियाँ प्राप्त की थीं। कहा जाता है कि देवी की कृपा से ही शिव का आधा स्वरूप शक्ति के रूप में अभिव्यक्त हुआ, जिससे वे अर्धनारीश्वर कहलाए। यह स्वरूप शिव और शक्ति की अभिन्न एकता तथा सृष्टि में स्त्री-पुरुष ऊर्जा के संतुलन का प्रतीक माना जाता है।
नवरात्र का समापन और आस्था का उत्सव
नौ दिनों तक चले शारदीय नवरात्र 2026 का सोमवार को मां सिद्धिदात्री की पूजा के साथ समापन हुआ। यह ऐसे समय में आया है जब देशभर में श्रद्धालु पिछले नौ दिनों से माँ दुर्गा के नौ स्वरूपों की विधिवत आराधना कर रहे थे। प्रधानमंत्री का यह सार्वजनिक संदेश और भजन-साझाकरण धार्मिक अवसरों पर उनकी नियमित सोशल मीडिया सक्रियता का हिस्सा है। अब विजयदशमी की तैयारियाँ शुरू होंगी, जो नवरात्र के बाद का प्रमुख पर्व है।