19 अक्टूबर 2026
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नवरात्र के अंतिम दिन PM मोदी ने मां सिद्धिदात्री का स्मरण किया, एक्स पर दुर्गा कवच का श्लोक साझा किया

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नवरात्र के अंतिम दिन PM मोदी ने मां सिद्धिदात्री का स्मरण किया, एक्स पर दुर्गा कवच का श्लोक साझा किया

सारांश

नवरात्र के अंतिम दिन प्रधानमंत्री मोदी ने एक्स पर 'श्रीदेवीकवचम्' का आठवाँ श्लोक साझा कर मां सिद्धिदात्री से भक्तों की रक्षा और उन्नति की प्रार्थना की — एक आध्यात्मिक संदेश जो करोड़ों श्रद्धालुओं की महानवमी की भावना से जुड़ता है।

मुख्य बातें

PM नरेंद्र मोदी ने 19 अक्टूबर 2026 को एक्स पर दुर्गा कवच का आठवाँ श्लोक साझा किया।
श्लोक का भाव: देवी दुर्गा का भक्तिपूर्वक स्मरण करने वालों की उन्नति और रक्षा निश्चित है।
नवरात्र के नौवें दिन मां सिद्धिदात्री की पूजा होती है, जो भक्तों को आठ सिद्धियाँ प्रदान करती हैं।
पौराणिक मान्यता के अनुसार, भगवान शिव ने इन्हीं की कृपा से सिद्धियाँ प्राप्त कर अर्धनारीश्वर स्वरूप धारण किया।
महानवमी पर कन्या पूजन और देवी को खीर, हलवा, काले चने तथा कमल पुष्प अर्पित करने का विशेष विधान है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 19 अक्टूबर 2026 को नवरात्र के अंतिम दिन सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर मां सिद्धिदात्री का स्मरण करते हुए दुर्गा कवच का एक श्लोक साझा किया। इस पोस्ट में उन्होंने देवी दुर्गा की स्तुति करते हुए भक्तों की रक्षा और अभ्युदय की कामना व्यक्त की।

कौन-सा श्लोक साझा किया

मोदी की ओर से साझा किया गया संस्कृत श्लोक — 'यैस्तु भक्त्या स्मृता नूनं तेषां वृद्धिः प्रजायते। ये त्वां स्मरन्ति देवेशि रक्षसे तान्न संशयः।' — 'श्रीदेवीकवचम्' (दुर्गा कवच) का आठवाँ श्लोक है। इसका भावार्थ है: जो भक्त भक्तिपूर्वक देवी दुर्गा का स्मरण करते हैं, उनकी निश्चय ही उन्नति होती है; हे देवेश्वरी! जो आपका चिंतन करते हैं, आप उनकी संकटों से रक्षा करती हैं — इसमें कोई संदेह नहीं।

इस श्लोक से ठीक पहले दुर्गा कवच में संकट, युद्ध और भय से मुक्ति का प्रसंग वर्णित है, जो इस स्तुति को विशेष रूप से प्रासंगिक बनाता है।

मां सिद्धिदात्री का स्वरूप और महत्त्व

नवरात्र के नौवें और अंतिम दिन मां सिद्धिदात्री की पूजा का विधान है। 'सिद्धि' का अर्थ पूर्णता या सामर्थ्य है और 'दात्री' का अर्थ प्रदान करने वाली — अर्थात देवी भक्तों को अणिमा, महिमा, गरिमा, लघिमा, प्राप्ति, प्राकाम्य, ईशत्व और वशित्व जैसी आठ सिद्धियाँ देती हैं।

मां का वाहन सिंह है और उनकी चार भुजाएँ हैं — दाहिने हाथों में गदा और चक्र तथा बाएँ हाथों में कमल पुष्प और शंख सुशोभित रहते हैं। यह स्वरूप शक्ति, सिद्धि और दिव्य ज्ञान का प्रतीक माना जाता है।

पौराणिक संदर्भ

पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, भगवान शिव ने मां सिद्धिदात्री की कृपा से अनेक सिद्धियाँ प्राप्त की थीं। कहा जाता है कि देवी की अनुकंपा से ही शिव का आधा स्वरूप शक्ति के रूप में प्रकट हुआ और वे अर्धनारीश्वर कहलाए। यह स्वरूप शिव और शक्ति की अभिन्न एकता तथा सृष्टि में स्त्री-पुरुष ऊर्जा के संतुलन का प्रतीक माना जाता है।

पूजा विधि और प्रसाद

मां सिद्धिदात्री को खीर, हलवा, पूरी, काले चने और मौसमी फलों का भोग प्रिय माना जाता है। देवी को लाल या नीले रंग के पुष्प, विशेषकर कमल, अर्पित किए जाते हैं। महानवमी के दिन कन्या पूजन और प्रसाद अर्पण का विशेष महत्त्व है।

यह ऐसे समय में आया है जब पूरे देश में नवरात्र पर्व की भावना अपने चरम पर है और लाखों श्रद्धालु नवमी पूजन में भाग ले रहे हैं — प्रधानमंत्री के इस संदेश ने उस सामूहिक भावना को एक राष्ट्रीय आवाज़ दी।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो सार्वजनिक धार्मिकता और डिजिटल आउटरीच को एक साथ साधती है। यह पोस्ट सिर्फ एक व्यक्तिगत आस्था की अभिव्यक्ति नहीं, बल्कि एक ऐसा संदेश है जो करोड़ों हिंदी भाषी मतदाताओं तक सांस्कृतिक सेतु का काम करता है। गौरतलब है कि संस्कृत श्लोक को हिंदी भावार्थ के साथ प्रस्तुत करना एक विशेष वर्ग तक पहुँचने की सोची-समझी रणनीति भी मानी जा सकती है। मुख्यधारा की कवरेज अक्सर ऐसे पोस्ट को 'रूटीन' कहकर नज़रअंदाज़ करती है, जबकि इनकी एंगेजमेंट संख्या अनेक नीतिगत घोषणाओं से अधिक होती है।
RashtraPress
19 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

PM मोदी ने नवरात्र पर एक्स पर कौन-सा श्लोक साझा किया?
मोदी ने 'श्रीदेवीकवचम्' (दुर्गा कवच) का आठवाँ श्लोक 'यैस्तु भक्त्या स्मृता नूनं...' साझा किया, जिसका भाव है कि देवी दुर्गा का भक्तिपूर्वक स्मरण करने वालों की उन्नति और संकटों से रक्षा होती है।
मां सिद्धिदात्री कौन हैं और उनकी पूजा कब होती है?
मां सिद्धिदात्री नवदुर्गा का नौवाँ स्वरूप हैं, जिनकी पूजा नवरात्र के अंतिम यानी नौवें दिन होती है। वे भक्तों को अणिमा, महिमा सहित आठ सिद्धियाँ प्रदान करती हैं और उनका वाहन सिंह है।
दुर्गा कवच का आठवाँ श्लोक क्या है और उसका महत्त्व क्या है?
यह श्लोक 'श्रीदेवीकवचम्' का हिस्सा है जिसमें देवी दुर्गा के विभिन्न स्वरूपों और उनके स्मरण के प्रभाव का वर्णन है। इससे ठीक पहले संकट, युद्ध और भय से मुक्ति का प्रसंग आता है, जो इसे विशेष सुरक्षात्मक महत्त्व देता है।
महानवमी पर मां सिद्धिदात्री की पूजा कैसे करें?
महानवमी पर देवी को खीर, हलवा, पूरी, काले चने और मौसमी फलों का भोग लगाया जाता है। लाल या नीले पुष्प, विशेषकर कमल, अर्पित किए जाते हैं और कन्या पूजन का विशेष विधान माना जाता है।
मां सिद्धिदात्री का भगवान शिव से क्या संबंध है?
पौराणिक मान्यताओं के अनुसार भगवान शिव ने मां सिद्धिदात्री की कृपा से सिद्धियाँ प्राप्त कीं और उनकी अनुकंपा से ही शिव का आधा स्वरूप शक्ति के रूप में प्रकट हुआ, जिससे वे 'अर्धनारीश्वर' कहलाए।
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