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क्या एनसीआर में एक हफ्ते तक बारिश का असर रहेगा? पश्चिमी विक्षोभ बना कारण

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क्या एनसीआर में एक हफ्ते तक बारिश का असर रहेगा? पश्चिमी विक्षोभ बना कारण

सारांश

एनसीआर में बारिश के मौसम की स्थिति का प्रभाव अगले हफ्ते तक जारी रह सकता है। जानिए क्यों यह मौसम परिवर्तन सामान्य मानसून से अलग है और इसके पीछे का मुख्य कारण क्या है।

मुख्य बातें

एनसीआर में एक हफ्ते तक बारिश का अनुमान।
पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव, जो बारिश को तीव्र बनाता है।
उमस भरी गर्मी से राहत, लेकिन जलभराव की समस्याएं।
सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
मानसून की गतिविधियों में बदलाव।

नोएडा, 28 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। एनसीआर में हाल के दिनों में मौसम में लगातार बदलाव देखने को मिला है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) की नवीनतम रिपोर्ट के अनुसार, आगामी एक सप्ताह तक यहां बारिश और गरज-चमक का सिलसिला जारी रहने की संभावना है।

मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि वर्तमान में पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव एनसीआर और उसके आस-पास के क्षेत्रों पर है। साथ ही, दक्षिण-पश्चिम दिशा से आ रही नम हवाओं ने मानसूनी गतिविधियों को और तेज कर दिया है।

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, 28 अगस्त से 2 सितंबर तक निरंतर बारिश या गरज के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है। इस दौरान अधिकतम तापमान 31 से 34 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 23 से 25 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है। वहीं, ह्यूमिडिटी 95 से 99 प्रतिशत तक पहुंच सकती है, जिससे उमस महसूस होगी।

दिल्ली-एनसीआर में इस समय “थंडरस्टॉर्म विद रेन” (गरज के साथ छींटे) की स्थिति बनी हुई है। मौसम विभाग ने कोई औपचारिक चेतावनी जारी नहीं की है, लेकिन कई क्षेत्रों में अचानक तेज बारिश, गरज और बिजली गिरने की संभावना बनी रहती है। विशेषज्ञों के अनुसार, इस समय हो रही बारिश सामान्य मानसून की गतिविधि से अलग है, क्योंकि इसमें पश्चिमी विक्षोभ की भी महत्वपूर्ण भूमिका है।

आमतौर पर मानसून की हवाएं अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से नमी लेकर आती हैं, जिससे भारत में बारिश होती है। लेकिन जब इसमें पश्चिमी विक्षोभ का सम्मिलन होता है, तो बारिश का स्वरूप और तीव्र हो जाता है। यही कारण है कि दिल्ली-एनसीआर और आस-पास के राज्यों में लगातार बारिश देखी जा रही है।

बारिश के कारण तापमान में गिरावट से लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत मिल रही है, लेकिन जलभराव और ट्रैफिक जाम जैसी समस्याएं भी उत्पन्न हो रही हैं। मौसम विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि वे अनावश्यक यात्रा से बचें और बारिश के दौरान सतर्क रहें।

संपादकीय दृष्टिकोण

एनसीआर में हो रही बारिश और उसके संभावित प्रभावों को ध्यान में रखते हुए, यह महत्वपूर्ण है कि हम सभी सतर्क रहें। मौसम के इस परिवर्तन का कारण पश्चिमी विक्षोभ है, जो हर साल हमें मानसून की गतिविधियों में बदलाव का अनुभव कराता है।
RashtraPress
1 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एनसीआर में बारिश कब शुरू होगी?
28 अगस्त से बारिश की शुरुआत होने की संभावना है, जो 2 सितंबर तक जारी रह सकती है।
बारिश के कारण क्या समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं?
बारिश के कारण जलभराव और ट्रैफिक जाम जैसी समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं।
क्या मौसम विभाग ने कोई चेतावनी जारी की है?
मौसम विभाग ने कोई औपचारिक चेतावनी जारी नहीं की है, लेकिन सतर्क रहने की सलाह दी है।
इस बारिश का तापमान पर क्या असर पड़ेगा?
बारिश के कारण तापमान में गिरावट आएगी, लेकिन उमस में वृद्धि भी होगी।
पश्चिमी विक्षोभ का क्या प्रभाव है?
पश्चिमी विक्षोभ बारिश के स्वरूप को तीव्र करता है और मानसूनी गतिविधियों को सक्रिय बनाता है।
राष्ट्र प्रेस
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