8 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

क्या एनसीआर कोहरे, कड़ाके की ठंड और जहरीली हवा से जूझ रहा है?

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
क्या एनसीआर कोहरे, कड़ाके की ठंड और जहरीली हवा से जूझ रहा है?

सारांश

राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) इस समय कोहरे और ठंड की दोहरी मार का सामना कर रहा है। जहरीली हवा के कारण लोग घर से बाहर नहीं निकल पा रहे हैं। जानिए इस स्थिति का क्या प्रभाव पड़ रहा है और स्वास्थ्य पर इसका क्या असर हो सकता है।

मुख्य बातें

कोहरा और सर्दी एनसीआर की समस्याओं में वृद्धि कर रहे हैं।
एयर क्वालिटी इंडेक्स गंभीर स्तर पर है।
स्वास्थ्य पर प्रदूषण का सीधा असर है।
विशेषज्ञों ने सावधानी सरकार को स्थिति में सुधार के लिए कदम उठाने चाहिए।

नोएडा, 16 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) वर्तमान में कोहरे और सर्दी की दोहरी मार के साथ-साथ गंभीर वायु प्रदूषण से प्रभावित है। सुबह की शुरुआत कड़ाके की ठंड और घने कोहरे के साथ हो रही है, जबकि दिन चढ़ते ही हवा इतनी जहरीली हो गई है कि लोगों का घर से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है।

मौसम विभाग की रिपोर्ट और प्रदूषण निगरानी आंकड़े स्पष्ट रूप से दिखाते हैं कि दिल्ली, नोएडा और गाजियाबाद में हालात अत्यंत चिंताजनक हैं। मौसम विभाग के अनुसार 16 जनवरी को न्यूनतम तापमान 4 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम तापमान 22 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इस दिन कोल्ड वेव के साथ सुबह के समय घना कोहरा बना रहा, जबकि पूर्वाह्न तक भी कोहरे की स्थिति बनी रही। नमी का स्तर सुबह 95 प्रतिशत तक पहुंच गया, जिससे ठंड का असर और बढ़ गया।

17 जनवरी को न्यूनतम तापमान 6 डिग्री और अधिकतम 23 डिग्री रहने का अनुमान है। इस दिन मध्यम कोहरा छाए रहने की संभावना है, हालांकि मौसम विभाग ने किसी विशेष चेतावनी की घोषणा नहीं की है। 18 जनवरी को भी तापमान 7 से 23 डिग्री के बीच रहने का अनुमान है और कोहरे की स्थिति बनी रह सकती है।

वहीं, प्रदूषण की स्थिति और भी भयावह है। दिल्ली के कई क्षेत्रों में एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) 350 से 400 के पार दर्ज किया गया है। चांदनी चौक में एक्यूआई 374, डॉ. कर्णी सिंह शूटिंग रेंज में 375, रोहिणी में 374, पंजाबी बाग में 371, पटपड़गंज में 372, ओखला फेज-2 में 382 और नेहरू नगर में 399 तक पहुंच गया। आनंद विहार 363, अशोक विहार 367, बवाना 362 और पूसा क्षेत्र में एक्यूआई 404 दर्ज किया गया, जो कि ‘गंभीर’ श्रेणी में आता है।

नोएडा की स्थिति भी कुछ अलग नहीं है। सेक्टर-125 में एक्यूआई 343, सेक्टर-62 में 331, सेक्टर-1 में 361 और सेक्टर-116 में 359 रिकॉर्ड किया गया है। गाजियाबाद के हालात और अधिक चिंताजनक हैं, जहां लोनी में एक्यूआई 405, वसुंधरा में 407, संजय नगर में 331 और इंदिरापुरम में 299 दर्ज किया गया है। इन आंकड़ों के आधार पर दिल्ली और नोएडा देश के सबसे प्रदूषित शहरों में शामिल हो रहे हैं।

इस ठंड और प्रदूषण का सीधा असर लोगों की सेहत पर भी पड़ रहा है। अस्पतालों और क्लीनिकों में सर्दी, खांसी, जुकाम और सांस संबंधी समस्याओं के मरीजों की संख्या में 30 से 35 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। डॉक्टरों का कहना है कि बच्चों, बुजुर्गों और पहले से श्वसन रोग से पीड़ित लोगों को विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता है।

विशेषज्ञों ने लोगों को सुबह-शाम अनावश्यक बाहर निकलने से बचने, मास्क का उपयोग करने और ठंड से बचाव के उपाय अपनाने की सलाह दी है। जब तक मौसम में बदलाव नहीं होता, तब तक एनसीआर के लोगों को कोहरे, ठंड और प्रदूषण से राहत मिलने की संभावना कम ही नजर आ रही है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कोहरे के कारण क्या समस्याएँ हो रही हैं?
कोहरे के कारण दृश्यता कम हो रही है, जिससे交通 में रुकावटें आ रही हैं और लोग घर से बाहर नहीं निकल पा रहे हैं।
एनसीआर में वायु प्रदूषण का स्तर कैसा है?
एनसीआर में वायु प्रदूषण का स्तर गंभीर श्रेणी में है, कई क्षेत्रों में एक्यूआई 400 के पार है।
इस स्थिति से बचने के लिए क्या उपाय करें?
लोगों को अनावश्यक बाहर निकलने से बचना चाहिए, मास्क पहनना चाहिए और ठंड से बचाव के उपाय अपनाने चाहिए।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 6 महीने पहले
  2. 7 महीने पहले
  3. 7 महीने पहले
  4. 7 महीने पहले
  5. 7 महीने पहले
  6. 7 महीने पहले
  7. 9 महीने पहले
  8. 9 महीने पहले