क्या एनसीआर में प्रदूषण से आंशिक राहत मिली है, लेकिन ठंड और कोहरे की चुनौती बरकरार है?

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क्या एनसीआर में प्रदूषण से आंशिक राहत मिली है, लेकिन ठंड और कोहरे की चुनौती बरकरार है?

सारांश

एनसीआर में प्रदूषण के स्तर में कुछ सुधार हुआ है, लेकिन ठंड और कोहरे ने लोगों की परेशानियों को और बढ़ा दिया है। क्या यह स्थिति जल्द ठीक होगी?

Key Takeaways

  • एनसीआर में वायु गुणवत्ता में सुधार हुआ है।
  • ठंड और कोहरा लोगों की समस्याओं को बढ़ा रहे हैं।
  • विशेषज्ञों की सलाह बच्चों और बुजुर्गों के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण है।

नोएडा, 2 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) के निवासियों के लिए नए साल की शुरुआत में मौसम और प्रदूषण के विभिन्न आंकड़े सामने आए हैं। तेज हवाओं के चलते वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) में कुछ सुधार देखने को मिल रहा है, लेकिन कड़ाके की ठंड और घने कोहरे ने मुश्किलें बढ़ा दी हैं।

हालिया आंकड़ों के अनुसार, आने वाले दिनों में न्यूनतम तापमान में और गिरावट का अनुमान है। भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) की वेबसाइट पर जानकारी के अनुसार, 2 जनवरी को सुबह से घना कोहरा रहने की संभावना है। इस दिन अधिकतम तापमान करीब 17 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 9 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है।

3 जनवरी को भी मौसम में खास बदलाव नहीं आएगा, सुबह का समय घने कोहरे से भरा रहेगा। तापमान 17 डिग्री अधिकतम और 7 डिग्री न्यूनतम रहने की संभावना है। 4 जनवरी को कोहरे की तीव्रता कुछ कम होगी, अधिकतम तापमान 18 डिग्री और न्यूनतम 7 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है।

वायु गुणवत्ता पर नजर डालें तो दिल्ली, नोएडा और गाजियाबाद के कई क्षेत्रों में तेज हवाओं के चलते एक्यूआई में गिरावट आई है, और कुछ क्षेत्र ऑरेंज जोन में पहुँच गए हैं। फिर भी, कई इलाके रेड जोन में बने हुए हैं। दिल्ली में नेहरू नगर (341), ओखला फेज-2 (328), पटपड़गंज (314), पंजाबी बाग (308), पुसा (322), आर.के. पुरम (319) और रोहिणी (315) जैसे इलाके रेड जोन में हैं।

एनएसआईटी द्वारका (423) और सिरीफोर्ट (342) में स्थिति और भी गंभीर है। गाजियाबाद में इंदिरापुरम (227) ऑरेंज जोन में है, जबकि लोनी (295) और संजय नगर (295) भी ऑरेंज जोन के करीब हैं। हालांकि वसुंधरा (384) अब भी रेड जोन में है। नोएडा में सेक्टर-62 (278) और सेक्टर-1 (300) ऑरेंज जोन में हैं, जबकि सेक्टर-125 (303) और सेक्टर-116 (314) रेड जोन में दर्ज किए गए हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि तेज हवा और हल्की मौसमी गतिविधियों के चलते प्रदूषण में अस्थायी राहत मिल सकती है, लेकिन तापमान में गिरावट और घने कोहरे के कारण आने वाले दिनों में लोगों को कड़ाके की ठंड का सामना करना पड़ेगा। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने बच्चों, बुजुर्गों और साँस के मरीजों को सुबह-शाम बाहर जाने में सावधानी बरतने की सलाह दी है।

Point of View

यह महत्वपूर्ण है कि हम प्रदूषण के स्तर और मौसम की स्थिति पर ध्यान दें। एनसीआर में स्वास्थ्य और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए, हमें जागरूकता फैलानी चाहिए।
NationPress
02/01/2026

Frequently Asked Questions

एनसीआर में प्रदूषण का स्तर क्या है?
एनसीआर के कई क्षेत्रों में प्रदूषण का स्तर रेड जोन में है, जबकि कुछ क्षेत्र ऑरेंज जोन में हैं।
ठंड और कोहरे से कैसे बचें?
विशेषज्ञों ने सलाह दी है कि बच्चों, बुजुर्गों और साँस के मरीजों को बाहर जाने में सावधानी बरतनी चाहिए।
क्या मौसम में कोई सुधार होगा?
विशेषज्ञों के अनुसार, तेज हवा से अस्थायी राहत मिल सकती है लेकिन कोहरे और ठंड की समस्या बनी रहेगी।
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