असम NDA को ऐतिहासिक जनादेश: मंत्री अतुल बोरा बोले — हिमंता सरमा के विकास कार्यों पर जनता की मुहर

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
असम NDA को ऐतिहासिक जनादेश: मंत्री अतुल बोरा बोले — हिमंता सरमा के विकास कार्यों पर जनता की मुहर

सारांश

असम में NDA की ऐतिहासिक चुनावी जीत को मंत्री अतुल बोरा ने स्वतंत्रता के बाद का सबसे निर्णायक जनादेश बताया — हिमंता सरमा के विकास कार्यों की जनस्वीकृति का प्रमाण। 126 नवनिर्वाचित विधायक गुरुवार को शपथ लेंगे और रणजीत कुमार दास को अध्यक्ष पद के लिए नामित किया गया है।

मुख्य बातें

असम के मंत्री एवं AGP अध्यक्ष अतुल बोरा ने NDA की जीत को स्वतंत्रता के बाद असम का सबसे बड़ा जनादेश बताया।
उन्होंने कहा कि यह परिणाम मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा के नेतृत्व में किए गए विकास कार्यों की जनस्वीकृति है।
NDA गठबंधन ने विधानसभा अध्यक्ष पद के लिए वरिष्ठ नेता रणजीत कुमार दास का नामांकन दाखिल किया; BJP , AGP और BPF ने संयुक्त समर्थन दिया।
विधानसभा के सभी 126 नवनिर्वाचित विधायक गुरुवार को शपथ लेने की उम्मीद है।
नामांकन के दौरान गठबंधन के वरिष्ठ नेता और नवनिर्वाचित विधायक उपस्थित रहे।

असम गण परिषद (AGP) के अध्यक्ष एवं असम के मंत्री अतुल बोरा ने बुधवार, 20 मई को गुवाहाटी में पत्रकारों से बातचीत में कहा कि हाल के विधानसभा चुनावों में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) को मिला भारी जनादेश मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा के नेतृत्व में की गई विकास पहलों पर जनता के अटूट भरोसे का प्रमाण है। उन्होंने इस जीत को स्वतंत्रता के बाद असम की राजनीति में अभूतपूर्व बताया।

ऐतिहासिक जनादेश का दावा

मंत्री बोरा ने कहा, 'स्वतंत्रता के बाद असम में सरकार गठन के दौरान शायद ही कभी इतना निर्णायक जनादेश देखने को मिला हो।' उनके अनुसार यह चुनावी परिणाम केवल एक राजनीतिक जीत नहीं, बल्कि जनता द्वारा भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार के कार्यकाल की सामूहिक स्वीकृति है। AGP नेता ने रेखांकित किया कि पिछले कार्यकाल में हिमंता बिस्वा सरमा के मार्गदर्शन में किए गए विकास कार्यों को जनता ने सराहा है।

विधानसभा अध्यक्ष पद के लिए नामांकन

बोरा ने यह भी बताया कि NDA गठबंधन ने असम विधानसभा अध्यक्ष पद के लिए वरिष्ठ नेता रणजीत कुमार दास का नाम औपचारिक रूप से प्रस्तावित किया है। उनका नामांकन पत्र पहले ही दाखिल किया जा चुका है। BJP, AGP और बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट (BPF) ने संयुक्त रूप से उनकी उम्मीदवारी का समर्थन किया है।

नामांकन में गठबंधन की एकजुटता

मंत्री के अनुसार, नामांकन पत्र दाखिल करने के दौरान गठबंधन दलों के अनेक वरिष्ठ नेता और नवनिर्वाचित विधायक उपस्थित रहे। इनमें विभिन्न सहयोगी दलों के मंत्री और विधायक शामिल थे, जो गठबंधन की आंतरिक एकता को दर्शाता है।

विधायकों की शपथ और आगे की राह

AGP नेता बोरा ने जानकारी दी कि विधानसभा के सभी 126 नवनिर्वाचित विधायकों के गुरुवार को सदन की कार्यवाही आरंभ होने पर शपथ लेने की उम्मीद है। यह नवगठित सत्र असम की राजनीति में एक नए अध्याय की शुरुआत मानी जा रही है। गठबंधन का ध्यान अब विधायी एजेंडे को आगे बढ़ाने पर केंद्रित होगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली कसौटी यह है कि क्या यह जीत ज़मीनी विकास के आँकड़ों से मेल खाती है — बाढ़ प्रबंधन, बेरोज़गारी और भूमि विवाद जैसे मुद्दे असम में अभी भी अनसुलझे हैं। हिमंता सरमा की छवि निर्माण में मीडिया प्रबंधन और कल्याणकारी योजनाओं की बड़ी भूमिका रही है, जिसे जनादेश का एकमात्र कारण मान लेना सरलीकरण होगा। विधानसभा अध्यक्ष पद पर गठबंधन की एकजुटता भले ही सहज दिखे, पर AGP और BPF की अपनी क्षेत्रीय महत्वाकांक्षाएँ दूसरे कार्यकाल में चुनौती बन सकती हैं।
RashtraPress
20 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

असम में NDA को मिले जनादेश पर मंत्री अतुल बोरा ने क्या कहा?
मंत्री अतुल बोरा ने कहा कि यह जनादेश स्वतंत्रता के बाद असम में अभूतपूर्व है और यह मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा के नेतृत्व में किए गए विकास कार्यों पर जनता की स्वीकृति को दर्शाता है।
असम विधानसभा अध्यक्ष पद के लिए किसे नामित किया गया है?
NDA गठबंधन ने वरिष्ठ नेता रणजीत कुमार दास को विधानसभा अध्यक्ष पद के लिए नामित किया है। BJP, AGP और BPF ने संयुक्त रूप से उनका नामांकन दाखिल किया है।
असम के नवनिर्वाचित विधायक शपथ कब लेंगे?
AGP अध्यक्ष अतुल बोरा के अनुसार, विधानसभा के सभी 126 नवनिर्वाचित विधायकों के गुरुवार को सदन की कार्यवाही शुरू होने पर शपथ लेने की उम्मीद है।
असम में NDA गठबंधन में कौन-कौन से दल शामिल हैं?
असम में NDA गठबंधन में भारतीय जनता पार्टी (BJP), असम गण परिषद (AGP) और बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट (BPF) शामिल हैं। तीनों दलों ने संयुक्त रूप से रणजीत कुमार दास की विधानसभा अध्यक्ष पद की उम्मीदवारी का समर्थन किया है।
असम विधानसभा का नया सत्र कब शुरू हो रहा है?
नवगठित असम विधानसभा का पहला सत्र गुरुवार से शुरू होने की उम्मीद है, जिसमें 126 नवनिर्वाचित विधायक शपथ लेंगे और विधानसभा अध्यक्ष का चुनाव होगा।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 5 दिन पहले
  2. 1 सप्ताह पहले
  3. 1 सप्ताह पहले
  4. 1 सप्ताह पहले
  5. 1 सप्ताह पहले
  6. 2 सप्ताह पहले
  7. 2 सप्ताह पहले
  8. 2 सप्ताह पहले