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न्यू नोएडा को नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से सीधी कनेक्टिविटी, 72 किमी लिंक एक्सप्रेसवे से जुड़ेंगे गांव-सेक्टर

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न्यू नोएडा को नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से सीधी कनेक्टिविटी, 72 किमी लिंक एक्सप्रेसवे से जुड़ेंगे गांव-सेक्टर

सारांश

न्यू नोएडा को नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से जोड़ने के लिए 72 किमी लंबे लिंक एक्सप्रेसवे की योजना तैयार है। बुलंदशहर होते हुए गुजरने वाला यह मार्ग गंगा और यमुना एक्सप्रेसवे को जोड़ेगा, और रोटरी के ज़रिए 209 वर्ग किमी में फैली इस नई टाउनशिप के गांव-सेक्टर सीधे एयरपोर्ट से जुड़ेंगे।

मुख्य बातें

न्यू नोएडा (डीएनजीआईआर) को नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से जोड़ने के लिए 72 किमी लंबे लिंक एक्सप्रेसवे की योजना तैयार की गई है।
एक्सप्रेसवे गंगा एक्सप्रेसवे और यमुना एक्सप्रेसवे को बुलंदशहर होते हुए जोड़ेगा।
लिंक एक्सप्रेसवे पर रोटरी बनाने का प्रस्ताव प्राधिकरण बोर्ड की बैठक में रखा जाएगा।
परियोजना 209.11 वर्ग किमी में चार चरणों में 2041 तक पूरी होगी।
किसानों को ₹4,300 प्रति वर्गमीटर मुआवजा; विकसित भूखंड विकल्प चुनने पर ₹3,800 प्रति वर्गमीटर ।
मौजूदा 18 मीटर चौड़ी सड़कों को मास्टर प्लान के तहत 24 मीटर तक चौड़ा किया जाएगा।

न्यू नोएडा (डीएनजीआईआर) को जल्द ही नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से सीधी कनेक्टिविटी मिलने की तैयारी है। इसके लिए गंगा एक्सप्रेसवे और यमुना एक्सप्रेसवे को आपस में जोड़ने वाले करीब 72 किलोमीटर लंबे लिंक एक्सप्रेसवे की योजना तैयार की गई है, जो बुलंदशहर होते हुए गुजरेगा। इस मार्ग का बड़ा हिस्सा न्यू नोएडा के प्रस्तावित क्षेत्र और गांवों से होकर निकलेगा, जिससे क्षेत्र के लाखों निवासियों की एयरपोर्ट तक पहुंच सुगम होगी।

रोटरी से मिलेगा सीधा जुड़ाव

नोएडा प्राधिकरण के अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी सतीश पाल ने बताया कि प्रस्तावित लिंक एक्सप्रेसवे पर एक रोटरी विकसित करने की योजना बनाई गई है, ताकि न्यू नोएडा को इस मार्ग से सीधे जोड़ा जा सके। यह प्रस्ताव शीघ्र ही प्राधिकरण बोर्ड की बैठक में रखा जाएगा। रोटरी के निर्मित होने के बाद न्यू नोएडा के अधिकांश गांवों और प्रस्तावित सेक्टरों की सीधी पहुंच लिंक एक्सप्रेसवे तक हो जाएगी, जिससे एयरपोर्ट तक यात्रा का समय उल्लेखनीय रूप से घटेगा।

भूमि अधिग्रहण और सड़क विस्तार की योजना

प्राधिकरण के ओएसडी क्रांति शेखर ने बताया कि ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे के आसपास जहां सड़कें पहले से मौजूद हैं, वहां किसानों से आपसी सहमति के आधार पर भूमि अधिग्रहण किया जाएगा। इसी क्षेत्र में न्यू नोएडा का साइट कार्यालय भी स्थापित किया जाएगा। जिन सड़कों की वर्तमान चौड़ाई 18 मीटर है, उन्हें मास्टर प्लान के अनुसार 24 मीटर तक विस्तारित किया जाएगा, जिसके लिए आसपास के गांवों की भूमि ली जाएगी।

चार चरणों में होगा 209 वर्ग किमी का विकास

न्यू नोएडा परियोजना कुल 209.11 वर्ग किलोमीटर क्षेत्रफल में विकसित की जाएगी और इसे चार चरणों में पूरा किया जाना है। पहले चरण (2023–27) में 3,165 हेक्टेयर, दूसरे चरण (2027–32) में 3,798 हेक्टेयर, तीसरे चरण (2032–37) में 5,908 हेक्टेयर और अंतिम चरण (2037–41) में 8,230 हेक्टेयर भूमि पर विकास कार्य किए जाएंगे।

किसानों के लिए मुआवजा दर तय

भूमि अधिग्रहण के लिए किसानों को ₹4,300 प्रति वर्गमीटर की दर से मुआवजा दिया जाएगा। जो किसान 7 प्रतिशत विकसित भूखंड लेने का विकल्प चुनेंगे, उन्हें ₹3,800 प्रति वर्गमीटर की दर से मुआवजा मिलेगा। गौरतलब है कि भूमि अधिग्रहण में किसानों की सहमति को प्राथमिकता देने की नीति पश्चिमी उत्तर प्रदेश में पूर्व के विवादों को देखते हुए महत्वपूर्ण है।

पश्चिमी उत्तर प्रदेश के विकास को नई गति

प्राधिकरण के अनुसार, न्यू नोएडा और वर्तमान नोएडा के बीच बेहतर संपर्क स्थापित करना सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। भविष्य में नए लिंक रोड विकसित किए जा सकते हैं, जिससे न्यू नोएडा की आंतरिक सड़कें सीधे नोएडा से जुड़ सकें। अधिकारियों का मानना है कि यह महत्वाकांक्षी परियोजना पश्चिमी उत्तर प्रदेश में औद्योगिक, आवासीय और आर्थिक विकास को नई रफ्तार देगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली परीक्षा भूमि अधिग्रहण के चरण में होगी — पश्चिमी उत्तर प्रदेश में किसान-प्राधिकरण विवादों का इतिहास लंबा है। 'आपसी सहमति' की भाषा आश्वस्त करती है, मगर ₹4,300 प्रति वर्गमीटर की दर बाज़ार मूल्य से कितनी दूर है, यह सार्वजनिक नहीं किया गया है। इसके अलावा, 2041 तक चार चरणों में फैली यह परियोजना कई सरकारों और बजट चक्रों से गुज़रेगी — दीर्घकालिक राजनीतिक इच्छाशक्ति और वित्तीय निरंतरता ही इसकी असली कसौटी होगी।
RashtraPress
19 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

न्यू नोएडा को एयरपोर्ट से जोड़ने वाला लिंक एक्सप्रेसवे क्या है?
यह करीब 72 किलोमीटर लंबा प्रस्तावित मार्ग है जो गंगा एक्सप्रेसवे और यमुना एक्सप्रेसवे को बुलंदशहर होते हुए जोड़ेगा और न्यू नोएडा (डीएनजीआईआर) को नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से सीधी कनेक्टिविटी देगा। इस मार्ग पर एक रोटरी भी विकसित की जाएगी ताकि न्यू नोएडा के गांव और प्रस्तावित सेक्टर सीधे जुड़ सकें।
न्यू नोएडा परियोजना कितने क्षेत्र में और कब तक विकसित होगी?
न्यू नोएडा परियोजना कुल 209.11 वर्ग किलोमीटर में चार चरणों में 2041 तक विकसित की जाएगी। पहला चरण 2023–27, दूसरा 2027–32, तीसरा 2032–37 और अंतिम चरण 2037–41 के बीच पूरा होगा।
न्यू नोएडा में भूमि अधिग्रहण के लिए किसानों को कितना मुआवजा मिलेगा?
किसानों को ₹4,300 प्रति वर्गमीटर की दर से मुआवजा दिया जाएगा। जो किसान 7 प्रतिशत विकसित भूखंड लेने का विकल्प चुनेंगे, उन्हें ₹3,800 प्रति वर्गमीटर की दर से मुआवजा मिलेगा।
रोटरी का प्रस्ताव कब तक मंजूर होगा?
नोएडा प्राधिकरण के एसीईओ सतीश पाल के अनुसार, रोटरी का प्रस्ताव जल्द ही प्राधिकरण बोर्ड की बैठक में रखा जाएगा। बोर्ड की मंजूरी के बाद ही इसकी समयसीमा स्पष्ट होगी।
न्यू नोएडा की सड़कों को कितना चौड़ा किया जाएगा?
जिन सड़कों की वर्तमान चौड़ाई 18 मीटर है, उन्हें मास्टर प्लान के अनुसार 24 मीटर तक विस्तारित किया जाएगा। इसके लिए आसपास के गांवों की भूमि ली जाएगी।
राष्ट्र प्रेस
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