NFHS-6 परिणाम जल्द जारी होंगे: 6.79 लाख परिवारों पर हुए सर्वेक्षण के आँकड़े तैयार
सारांश
Key Takeaways
- स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने NFHS-6 के परिणाम शीघ्र जारी करने की संभावना जताई है।
- सर्वेक्षण 2023-24 में आयोजित हुआ और इसमें 6,79,238 परिवार शामिल किए गए।
- पहली बार CAPI सॉफ्टवेयर के ज़रिए पूरी तरह डिजिटल माध्यम से डेटा संग्रह किया गया।
- पिछला NFHS-5 सर्वेक्षण 2019-21 में आयोजित किया गया था।
- सर्वेक्षण मुंबई स्थित IIPS की नोडल एजेंसी के रूप में संचालित होता है।
- प्रजनन दर, पोषण, एनीमिया, महिला सशक्तिकरण सहित प्रमुख स्वास्थ्य संकेतकों पर आँकड़े उपलब्ध होंगे।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने 28 अप्रैल 2025 को संकेत दिया कि राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण (NFHS-6) के छठे चरण के परिणाम शीघ्र ही सार्वजनिक किए जाएंगे। 2023-24 में आयोजित यह सर्वेक्षण देश के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के 6,79,238 परिवारों को कवर करता है और स्वास्थ्य नीति निर्माण के लिए एक महत्वपूर्ण साक्ष्य आधार माना जाता है।
सर्वेक्षण का दायरा और महत्व
NFHS-6 भारत में किए गए सबसे व्यापक नमूना सर्वेक्षणों में से एक है। इसका उद्देश्य स्वास्थ्य और संबंधित संकेतकों पर उच्च गुणवत्ता वाले आँकड़े जुटाना है, ताकि नीति निर्माता और कार्यक्रम प्रबंधक भारत के स्वास्थ्य क्षेत्र में मानक निर्धारित कर सकें और समय के साथ प्रगति का आकलन कर सकें। यह सर्वेक्षण मुंबई स्थित अंतर्राष्ट्रीय जनसंख्या विज्ञान संस्थान (IIPS) की नोडल एजेंसी के रूप में संचालित होता है।
डिजिटल तकनीक से डेटा संग्रह
इस बार NFHS-6 में पहली बार पूरी तरह डिजिटल माध्यम से डेटा संग्रह किया गया, जिसमें कंप्यूटर-असिस्टेड पर्सनल इंटरव्यूइंग (CAPI) सॉफ्टवेयर का उपयोग हुआ। इस प्रणाली में वास्तविक समय में त्रुटियों का पता लगाने, जाँच करने और डेटा की गहन समीक्षा करने के अंतर्निहित प्रावधान शामिल थे। डेटा संग्रह के दौरान कठोर क्षेत्रीय पर्यवेक्षण और निगरानी भी सुनिश्चित की गई।
डेटा की सटीकता के लिए बहुस्तरीय जाँच
अनुमानों की सटीकता, निरंतरता और विश्वसनीयता सुनिश्चित करने के लिए डेटा प्रसंस्करण के दौरान बहुस्तरीय जाँच, व्यापक सत्यापन और समीक्षा की प्रक्रिया अपनाई गई। गौरतलब है कि NFHS का पाँचवाँ चरण 2019-21 में आयोजित किया गया था, और तब से स्वास्थ्य संकेतकों में हुए बदलावों का आकलन करने के लिए NFHS-6 के आँकड़ों का बेसब्री से इंतजार किया जा रहा है।
किन संकेतकों पर होगा ध्यान
NFHS-6 में प्रजनन दर, मृत्यु दर, परिवार नियोजन, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, टीकाकरण, पोषण, एनीमिया, गैर-संचारी रोग, एचआईवी से संबंधित व्यवहार और महिला सशक्तिकरण जैसे प्रमुख संकेतकों पर राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिनिधि आँकड़े उपलब्ध कराए जाएंगे। ये आँकड़े राज्य और जिला स्तर पर राष्ट्रीय एवं वैश्विक स्वास्थ्य लक्ष्यों की निगरानी में भी सहायक होंगे।
आगे क्या होगा
मंत्रालय के अनुसार परिणाम जारी होने के बाद ये आँकड़े नीति निर्माण, कार्यक्रम मूल्यांकन और स्वास्थ्य योजनाओं की प्रभावशीलता जाँचने के लिए एक ठोस साक्ष्य आधार के रूप में काम करेंगे। यह ऐसे समय में आया है जब सरकार आयुष्मान भारत और अन्य स्वास्थ्य कार्यक्रमों की समीक्षा कर रही है — NFHS-6 के आँकड़े इन योजनाओं की दिशा तय करने में निर्णायक भूमिका निभा सकते हैं।