एनएफआर महाप्रबंधक ने मिजोरम के सैरांग स्टेशन का निरीक्षण किया, पूर्वोत्तर में रेल सुविधाएँ सुधारने पर ज़ोर
सारांश
मुख्य बातें
पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे (एनएफआर) के महाप्रबंधक चेतन कुमार श्रीवास्तव ने मिजोरम के सैरांग रेलवे स्टेशन का औचक निरीक्षण करते हुए यात्री सुविधाओं, परिचालन दक्षता और बुनियादी ढाँचे की समग्र स्थिति की समीक्षा की। उनके साथ मुख्यालय और लुमडिंग डिवीजन के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे। यह निरीक्षण एनएफआर की उस व्यापक पहल का हिस्सा है, जिसके तहत पूर्वोत्तर क्षेत्र में रेलवे अवसंरचना को मजबूत करने और यात्रियों को बेहतर सेवा देने के प्रयास तेज़ किए जा रहे हैं।
निरीक्षण में क्या-क्या देखा गया
महाप्रबंधक श्रीवास्तव ने सैरांग स्टेशन पर यात्री प्रतीक्षालय, स्वच्छता व्यवस्था, सुरक्षा प्रबंध और स्टेशन परिसर के समग्र रखरखाव का जायज़ा लिया। संबंधित अधिकारियों ने उन्हें मौजूदा सुविधाओं, परिचालन पहलुओं और चल रहे अथवा प्रस्तावित विकास कार्यों की विस्तृत जानकारी दी।
श्रीवास्तव ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि स्वच्छता और यात्री सुविधाओं के उच्च मानकों को बनाए रखा जाए तथा उपलब्ध सुविधाओं का उचित रखरखाव सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने उच्च स्तर की विश्वसनीयता और सेवा गुणवत्ता बनाए रखने के महत्व पर विशेष ज़ोर दिया।
सैरांग से बैराबी तक खिड़की-पथ निरीक्षण
निरीक्षण कार्यक्रम के अंतर्गत महाप्रबंधक ने दक्षिणी असम में सैरांग से बैराबी तक खिड़की-पथ निरीक्षण भी किया। इस दौरान उन्होंने ट्रैक और रेलवे बुनियादी ढाँचे की स्थिति, विद्युतीकरण कार्यों की प्रगति, नवस्थापित सुविधाओं और खंड के साथ जारी अन्य विकास परियोजनाओं की समीक्षा की।
गौरतलब है कि 13 सितंबर 2025 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 51.38 किलोमीटर लंबी बैराबी–सैरांग नई रेलवे लाइन का उद्घाटन किया था, जिससे पहली बार भारत के रेलवे मानचित्र पर आइजोल का नाम दर्ज हुआ। यह निरीक्षण उसी उद्घाटित मार्ग पर परिचालन और अवसंरचना की गुणवत्ता को परखने का अवसर भी था।
नियमित निरीक्षण की क्यों है ज़रूरत
एनएफआर के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी (सीपीआरओ) कपिनजल किशोर शर्मा ने बताया कि वरिष्ठ रेलवे अधिकारी नियमित रूप से विभिन्न सुविधाओं और चल रहे विकास कार्यों का निरीक्षण करते हैं — ताकि प्रगति की निगरानी हो सके, ध्यान देने योग्य क्षेत्रों की पहचान हो और यह सुनिश्चित हो सके कि अवसंरचना वांछित मानकों के अनुरूप बनी रहे।
यह ऐसे समय में आया है जब पूर्वोत्तर भारत में रेल संपर्क को लेकर केंद्र सरकार ने पिछले कुछ वर्षों में कई बड़ी परियोजनाओं को हरी झंडी दी है। सैरांग जैसे स्टेशन मिजोरम की राजधानी आइजोल के लिए रणनीतिक महत्व रखते हैं और यहाँ यात्री ट्रैफ़िक बढ़ने की उम्मीद है।
आगे की योजना
महाप्रबंधक ने अधिकारियों को सलाह दी कि रेलवे संपत्तियों के प्रभावी उपयोग और रखरखाव को सुनिश्चित करते हुए यात्रियों को सुरक्षित, कुशल और आरामदायक यात्रा अनुभव प्रदान करने पर ध्यान केंद्रित किया जाए। एनएफआर के इस सक्रिय निरीक्षण अभियान से स्पष्ट है कि उद्घाटित लाइन को पूरी तरह कार्यात्मक और उच्च-गुणवत्ता मानकों पर बनाए रखना विभाग की प्राथमिकता में है।