बेंगलुरु के पुलकेशीनगर में आईईडी विस्फोट: एनआईए जांच अपने हाथ में ले सकती है
सारांश
मुख्य बातें
बेंगलुरु के पुलकेशीनगर में एक निर्माणाधीन इमारत में हुए संदिग्ध इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (आईईडी) विस्फोट की जांच अब राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) के हाथों में जा सकती है। पुलिस सूत्रों ने गुरुवार, 22 अक्टूबर 2026 को यह जानकारी दी। एनआईए ने इस घटना के संबंध में बेंगलुरु पुलिस से विस्तृत रिपोर्ट तलब की है।
घटना का क्रम
प्रारंभिक जांच के अनुसार, एक अज्ञात व्यक्ति ने निर्माणाधीन इमारत के सुरक्षा कर्मचारी को फोन करके एक डिब्बा अंदर रखवाने को कहा। फोन करने वाले ने दावा किया कि डिब्बे में एक टॉर्च है। निर्देश के अनुसार सुरक्षा गार्ड ने डिब्बा इमारत में रख दिया।
बाद में जब डिब्बे की बैटरी चालू की गई, तब धमाका हुआ। इस विस्फोट में वहाँ मौजूद एक पेंटर और एक अन्य व्यक्ति घायल हो गए — बताया जा रहा है कि एक की उंगली कट गई, जबकि दूसरे को मामूली चोटें आईं।
जांच की स्थिति
फिलहाल बेंगलुरु पुलिस और एंटी-टेररिस्ट स्क्वॉड (एटीएस) मिलकर इस मामले की छानबीन कर रही हैं। सीन ऑफ क्राइम ऑफिसर्स (एसओसीओ) टीम की रिपोर्ट भी ले ली गई है। एनआईए ने संकेत दिया है कि यदि आगे और पड़ताल आवश्यक हुई तो वह घटनास्थल का स्वयं मुआयना करेगी।
जांचकर्ता यह पता लगाने में जुटे हैं कि विस्फोटक उपकरण इमारत तक कैसे और किसके ज़रिये पहुँचाया गया, और क्या इस कृत्य में एक से अधिक लोग शामिल थे। अज्ञात कॉलर की पहचान और उस फोन का स्रोत भी जांच के दायरे में है।
सरकार की प्रतिक्रिया
कर्नाटक के गृह मंत्री प्रियांक खड़गे ने बुधवार को नागरिकों से अपील की कि वे अफवाहों पर भरोसा न करें। उन्होंने कहा कि विस्फोट के वास्तविक कारण का निर्धारण करने के लिए लैब रिपोर्ट का इंतजार करना होगा। गौरतलब है कि इस बयान के बाद भी सुरक्षा एजेंसियाँ आईईडी के उपयोग को लेकर चौकन्नी बनी हुई हैं।
सुरक्षा एजेंसियों की चिंता
आईईडी का इस्तेमाल होने की आशंका ने सुरक्षा तंत्र में हलचल मचा दी है। एजेंसियाँ यह जानना चाहती हैं कि बैटरी-संचालित विस्फोटक बनाने की तकनीकी जानकारी इसमें शामिल लोगों तक कैसे पहुँची। पुलिस अब इस उपकरण के डिज़ाइन, सामग्री और विस्फोट तंत्र की विस्तृत जांच करेगी।
यह ऐसे समय में आया है जब देश के महानगरों में आईईडी-आधारित हमलों को लेकर सुरक्षा तंत्र विशेष रूप से सतर्क है। पुलिस यह भी जांच रही है कि क्या यह किसी बड़ी साजिश का हिस्सा है या इसके पीछे कोई निजी दुश्मनी है।
आगे क्या होगा
लैब रिपोर्ट आने के बाद जांच की दिशा और स्पष्ट होगी। यदि एनआईए मामले को अपने हाथ में लेती है, तो जांच का दायरा राज्य की सीमाओं से परे भी विस्तृत हो सकता है। फिलहाल एटीएस और स्थानीय पुलिस के बीच समन्वय जारी है और अज्ञात कॉलर की तलाश तेज़ कर दी गई है।