6 अक्टूबर 2026
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अबूझमाड़ में 7 आईईडी बरामद: नारायणपुर पुलिस-आईटीबीपी के संयुक्त ऑपरेशन में बड़ी सफलता

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अबूझमाड़ में 7 आईईडी बरामद: नारायणपुर पुलिस-आईटीबीपी के संयुक्त ऑपरेशन में बड़ी सफलता

सारांश

छत्तीसगढ़ के अबूझमाड़ में नारायणपुर पुलिस और आईटीबीपी की 29वीं बटालियन के संयुक्त सर्च ऑपरेशन में 7 आईईडी — 6 प्रेशर कुकर बम और 1 पाइप बम — बरामद कर नष्ट किए गए। आईईडी बनाने के उपकरण भी जब्त, जो इस दुर्गम क्षेत्र में विस्फोटक खतरे की निरंतर चुनौती को रेखांकित करते हैं।

मुख्य बातें

नारायणपुर पुलिस और आईटीबीपी की 29वीं बटालियन ने 6 अक्टूबर 2026 को अबूझमाड़ में संयुक्त सर्च ऑपरेशन चलाया।
7 आईईडी बरामद — 6 प्रेशर कुकर आईईडी और 1 पाइप बम आईईडी — भटबेड़ा के संदिग्ध डंप से।
आईईडी निर्माण सामग्री भी जब्त: मल्टीमीटर , सोल्डरिंग उपकरण , स्क्रूड्राइवर और तीन चाबी-खोलने की मशीनें ।
बम डिटेक्शन एंड डिस्पोजल स्क्वॉड ने ASI मोहन के नेतृत्व में सभी विस्फोटक मौके पर नष्ट किए।
ऑपरेशन का नेतृत्व SP संदीप कुमार पटेल , कमांडेंट अभिषेक सूद और ASP अक्षय साबद्रा ने किया।

छत्तीसगढ़ के अबूझमाड़ क्षेत्र में सुरक्षा बलों ने 6 अक्टूबर 2026 को एक महत्वपूर्ण संयुक्त ऑपरेशन के तहत 7 आईईडी बरामद कर निष्क्रिय किए। नारायणपुर पुलिस और भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) की 29वीं बटालियन की संयुक्त टीम ने सर्च ऑपरेशन के दौरान भटबेड़ा इलाके में एक संदिग्ध डंप से 6 प्रेशर कुकर आईईडी और 1 पाइप बम आईईडी बरामद किए। यह कार्रवाई माओवाद-प्रभावित इस दुर्गम क्षेत्र में सुरक्षा बलों की बढ़ती सतर्कता का प्रमाण मानी जा रही है।

ऑपरेशन का नेतृत्व और संरचना

इस संयुक्त अभियान का नेतृत्व पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार पटेल, आईटीबीपी बटालियन कमांडेंट अभिषेक सूद और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ऑपरेशन) अक्षय साबद्रा ने किया। सुरक्षा बलों ने रायनार कैंप से लेकर मक्सोली-भटबेड़ा-रायनार बेल्ट तक पूरे क्षेत्र में सघन तलाशी और एरिया सैनिटाइजेशन अभियान चलाया। गश्त के दौरान जवानों को भटबेड़ा इलाके में संदिग्ध वस्तुएँ दिखाई दीं, जिसके बाद मौके को तत्काल सुरक्षित कर लिया गया।

बरामद सामग्री का विवरण

विस्फोटक सामग्री के अलावा, सुरक्षा बलों ने आईईडी बनाने में इस्तेमाल होने वाले उपकरण भी जब्त किए। इनमें एक मल्टीमीटर, एक स्क्रूड्राइवर, एक सोल्डरिंग वायर, एक सोल्डरिंग आयरन और तीन गाड़ियों की चाबी खोलने की मशीन शामिल हैं। अधिकारियों के अनुसार इन उपकरणों की बरामदगी यह संकेत देती है कि अबूझमाड़ के दूरदराज के जंगली इलाकों में अब भी सक्रिय विस्फोटक-निर्माण की गतिविधियाँ जारी हैं।

बम डिस्पोजल और सुरक्षा प्रोटोकॉल

बरामद सभी विस्फोटकों को बम डिटेक्शन एंड डिस्पोजल स्क्वॉड ने मौके पर ही सुरक्षित तरीके से नष्ट कर दिया। इस स्क्वॉड का नेतृत्व असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर मोहन ने किया। पूरी कार्रवाई सख्त सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत संपन्न की गई। गौरतलब है कि अबूझमाड़ की दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियाँ इस तरह के ऑपरेशन को अत्यंत जटिल बना देती हैं।

सुरक्षा बलों की प्रतिक्रिया और भविष्य की रणनीति

अधिकारियों ने बताया कि यह सफलता अबूझमाड़ में पुलिस और आईटीबीपी की लगातार सतर्कता, करीबी समन्वय और संयुक्त प्रयासों का परिणाम है। यह ऐसे समय में आया है जब सुरक्षा बल क्षेत्र में सघन तलाशी अभियानों की श्रृंखला चला रहे हैं। अधिकारियों के अनुसार, इस कार्रवाई से इलाके की सुरक्षा व्यवस्था और मजबूत हुई है।

स्थानीय जनता के लिए अपील

सुरक्षा बलों ने स्थानीय नागरिकों से किसी भी असामान्य या संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत नजदीकी पुलिस या सुरक्षा चौकी को देने की अपील की है। अधिकारियों का कहना है कि राष्ट्र-विरोधी तत्वों को रोकने के लिए इस तरह के निरंतर अभियान आवश्यक हैं और आने वाले दिनों में भी ऐसे ऑपरेशन जारी रहेंगे।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि सक्रिय तैयारी का हिस्सा था। सुरक्षा बलों की सतर्कता सराहनीय है, लेकिन असली सवाल यह है कि इतने वर्षों के अभियानों के बाद भी अबूझमाड़ के जंगलों में ऐसी सामग्री कैसे पहुँचती है — इसका जवाब केवल ऑपरेशनों से नहीं, इंटेलिजेंस नेटवर्क और स्थानीय विश्वास-निर्माण से मिलेगा।
RashtraPress
6 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अबूझमाड़ में बरामद 7 आईईडी कौन-कौन से थे?
बरामद आईईडी में 6 प्रेशर कुकर आईईडी और 1 पाइप बम आईईडी शामिल थे। ये सभी भटबेड़ा इलाके में एक संदिग्ध डंप से मिले और बम डिटेक्शन एंड डिस्पोजल स्क्वॉड ने इन्हें मौके पर ही सुरक्षित तरीके से नष्ट कर दिया।
इस ऑपरेशन में कौन-कौन सी एजेंसियाँ शामिल थीं?
ऑपरेशन में नारायणपुर पुलिस और भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) की 29वीं बटालियन की संयुक्त टीम शामिल थी। इसका नेतृत्व SP संदीप कुमार पटेल, कमांडेंट अभिषेक सूद और ASP अक्षय साबद्रा ने किया।
आईईडी के साथ और क्या सामग्री बरामद की गई?
विस्फोटकों के अलावा आईईडी बनाने के उपकरण भी जब्त किए गए — जिनमें एक मल्टीमीटर, एक स्क्रूड्राइवर, एक सोल्डरिंग वायर, एक सोल्डरिंग आयरन और तीन गाड़ियों की चाबी खोलने की मशीनें शामिल हैं। ये उपकरण इस बात का संकेत देते हैं कि इलाके में सक्रिय आईईडी निर्माण की गतिविधि जारी थी।
अबूझमाड़ क्षेत्र में ये ऑपरेशन क्यों ज़रूरी हैं?
अबूझमाड़ छत्तीसगढ़ का अत्यंत दुर्गम और माओवाद-प्रभावित क्षेत्र है जहाँ राष्ट्र-विरोधी तत्व विस्फोटक सामग्री छुपाते और तैनात करते हैं। सुरक्षा बल इन तत्वों को ऐसे उपकरण स्टोर या लगाने से रोकने के लिए नियमित सघन तलाशी अभियान चलाते हैं, जिससे आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित होती है।
स्थानीय नागरिकों को क्या सावधानी बरतनी चाहिए?
सुरक्षा अधिकारियों ने स्थानीय लोगों को सतर्क रहने और किसी भी असामान्य या संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत नजदीकी पुलिस या सुरक्षा चौकी को देने की अपील की है। किसी भी अज्ञात वस्तु को न छूने की सख्त हिदायत दी गई है।
राष्ट्र प्रेस
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