वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण सिंगापुर दौरे पर, $194.68 अरब FDI के बाद निवेश और साझेदारी बढ़ाने की कोशिश
सारांश
मुख्य बातें
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 9 से 11 अक्टूबर 2026 तक सिंगापुर की आधिकारिक यात्रा पर हैं, जहाँ वे दोनों देशों के बीच व्यापक रणनीतिक साझेदारी को और प्रगाढ़ बनाने के उद्देश्य से शीर्ष नेतृत्व और प्रमुख वैश्विक निवेशकों से मुलाकात करेंगी। वित्त मंत्रालय के अनुसार, अप्रैल 2000 से मार्च 2026 के बीच सिंगापुर से भारत में कुल $194.68 अरब का प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) आ चुका है, जो इसे भारत का सबसे बड़ा FDI स्रोत बनाता है।
किन नेताओं से होगी मुलाकात
वित्त मंत्री सीतारमण इस दौरे में सिंगापुर के राष्ट्रपति थर्मन शनमुगरत्नम, प्रधानमंत्री लॉरेंस वोंग, उप प्रधानमंत्री गन किम योंग और विदेश मंत्री विवियन बालाकृष्णन से अलग-अलग बैठकें करेंगी। मंत्रालय के अनुसार, इन बैठकों में भारत-सिंगापुर मंत्रिस्तरीय गोलमेज (ISMR) के तहत लिए गए पूर्व निर्णयों को आगे बढ़ाने पर विशेष ज़ोर रहेगा।
यह यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता के बीच भारत अपनी विकास की गति को बनाए रखने के लिए अंतरराष्ट्रीय पूँजी को आकर्षित करने की हर संभव कोशिश कर रहा है।
चर्चा के प्रमुख क्षेत्र
मंत्रालय के अनुसार, इन उच्चस्तरीय बैठकों में व्यापार और निवेश, डिजिटल वित्तीय संपर्क, पूँजी बाज़ार, कराधान, सेमीकंडक्टर, उन्नत विनिर्माण, कौशल विकास और विमानन क्षेत्र जैसे विषयों पर गहन चर्चा होगी। गौरतलब है कि ये वे क्षेत्र हैं जिनमें सिंगापुर की कंपनियाँ और संस्थागत निवेशक पहले से ही भारत में सक्रिय हैं।
निवेशकों और वित्तीय संस्थानों से संवाद
निवेश समुदाय के साथ अपने कार्यक्रमों में सीतारमण हेज फंड और पोर्टफोलियो फंड प्रबंधकों के साथ एक राउंडटेबल बैठक और कई सरकार-से-व्यवसाय (G2B) बैठकें करेंगी। जिन प्रमुख संस्थाओं के वरिष्ठ अधिकारियों से वे मिलेंगी, उनमें GIC, टेमासेक, DBS बैंक, स्टैंडर्ड चार्टर्ड बैंक, ब्रिटिश इंटरनेशनल इन्वेस्टमेंट (BII), IHH हेल्थकेयर, मित्सुबिशी UFJ फाइनेंशियल ग्रुप (MUFG), B Capital, HPS इन्वेस्टमेंट पार्टनर्स, SEB, मित्सुई एंड कंपनी और TPG शामिल हैं।
इन बैठकों का उद्देश्य वैश्विक निवेशकों के साथ भारत की विकास गाथा, नए निवेश अवसरों और बदलते वैश्विक वित्तीय माहौल पर सीधा संवाद स्थापित करना है।
NIIF और GIFT सिटी के ज़रिये नए अवसर
नेशनल इन्वेस्टमेंट एंड इंफ्रास्ट्रक्चर फंड (NIIF) और GIFT सिटी जैसे मंचों को सिंगापुरी पूँजी के लिए भारत में निवेश बढ़ाने के संभावित माध्यम के रूप में प्रस्तुत किया जाएगा। वित्त मंत्रालय, संबंधित मंत्रालयों और उद्योग संगठनों के सहयोग से इच्छुक सिंगापुरी निवेशकों को भारतीय कंपनियों, वित्तीय संस्थानों और राज्य सरकारों से जोड़ने की पहल की जाएगी।
यह दौरा भारत-सिंगापुर व्यापक रणनीतिक साझेदारी को ठोस आर्थिक परिणामों में बदलने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है। आगे की कार्ययोजना इन बैठकों के नतीजों पर निर्भर करेगी।