15 अक्टूबर 2026
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वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण बैंकॉक में IMF-विश्व बैंक बैठक में शामिल, 6 देशों के वित्त मंत्रियों से द्विपक्षीय वार्ता

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वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण बैंकॉक में IMF-विश्व बैंक बैठक में शामिल, 6 देशों के वित्त मंत्रियों से द्विपक्षीय वार्ता

सारांश

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण बैंकॉक में IMF-विश्व बैंक की वार्षिक बैठकों में शामिल हुईं। G20-G7 मंत्रिस्तरीय बैठकों के साथ-साथ IMF प्रमुख क्रिस्टालिना जॉर्जीवा और छह देशों के वित्त मंत्रियों से द्विपक्षीय वार्ता प्रस्तावित है — यात्रा का लक्ष्य 'विकसित भारत 2047' के एजेंडे को वैश्विक मंच पर प्रस्तुत करना है।

मुख्य बातें

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 15 अक्टूबर 2026 को बैंकॉक पहुँचीं और IMF-विश्व बैंक वार्षिक बैठकों में भाग लेंगी।
वह G20 और G7 देशों के वित्त मंत्रियों एवं केंद्रीय बैंक गवर्नरों (FMCBG) की बैठक में हिस्सा लेंगी।
IMF प्रबंध निदेशक क्रिस्टालिना जॉर्जीवा और JBIC गवर्नर से अलग बैठकें प्रस्तावित।
स्विट्जरलैंड, जापान, लक्जमबर्ग, भूटान, थाईलैंड और कुराकाओ के वित्त मंत्रियों के साथ द्विपक्षीय वार्ता होगी।
अटलांटिक काउंसिल की फायरसाइड चैट में 'विकसित भारत 2047' और भारत-आसियान संबंधों पर चर्चा होगी।
सुवर्णभूमि हवाई अड्डे पर भारतीय राजदूत पुनीत अग्रवाल ने उनका स्वागत किया।

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण गुरुवार, 15 अक्टूबर 2026 को थाईलैंड की राजधानी बैंकॉक पहुँचीं, जहाँ वह अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) और विश्व बैंक की वार्षिक बैठकों में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगी। इस बहुआयामी यात्रा में वह स्विट्जरलैंड, जापान, लक्जमबर्ग, भूटान, थाईलैंड और कुराकाओ के वित्त मंत्रियों के साथ द्विपक्षीय वार्ता भी करेंगी।

स्वागत और आगमन

बैंकॉक के सुवर्णभूमि अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर थाईलैंड में भारत के राजदूत पुनीत अग्रवाल ने वित्त मंत्री का औपचारिक स्वागत किया। थाईलैंड सरकार के वित्त मंत्रालय के ट्रेजरी विभाग के उप महानिदेशक रुएचा वराटोर्न ने भी उनका स्वागत किया, जो इस यात्रा के कूटनीतिक महत्व को रेखांकित करता है।

मुख्य बहुपक्षीय बैठकें

वित्त मंत्रालय के अनुसार, सीतारमण G20 और G7 देशों के वित्त मंत्रियों एवं केंद्रीय बैंक गवर्नरों (FMCBG) की संयुक्त बैठक में भाग लेंगी। इसके साथ ही वह IMF की प्रबंध निदेशक क्रिस्टालिना जॉर्जीवा और जापान बैंक फॉर इंटरनेशनल कोऑपरेशन (JBIC) के गवर्नर से अलग-अलग मुलाकात करेंगी। यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक अर्थव्यवस्था को लेकर IMF के अनुमानों पर व्यापक चर्चा हो रही है।

द्विपक्षीय वार्ताएँ और विशेष चर्चाएँ

थाईलैंड के उप-प्रधानमंत्री एवं वित्त मंत्री एकनिति नितिथानप्रपास के साथ सीतारमण की द्विपक्षीय बैठक प्रस्तावित है। अटलांटिक काउंसिल द्वारा आयोजित एक 'फायरसाइड चैट' में वह 'विकसित भारत 2047', भारत-आसियान संबंधों, भारत की विकास संभावनाओं और अंतरराष्ट्रीय वित्तीय ढाँचे में सुधार जैसे विषयों पर अपने विचार साझा करेंगी।

इसके अलावा, वह जर्मनी द्वारा आयोजित 'वर्किंग टुगेदर टू मेक सिटीज इन्वेस्टेबल — मोबिलाइजिंग प्राइवेट कैपिटल फॉर अर्बन एंड वाटर इंफ्रास्ट्रक्चर' विषयक कार्यक्रम में भी भाग लेंगी। गौरतलब है कि यह सत्र शहरी अवसंरचना में निजी पूँजी जुटाने की वैश्विक चुनौती पर केंद्रित है, जो भारत जैसे विकासशील देशों के लिए विशेष रूप से प्रासंगिक है।

भारत के लिए रणनीतिक महत्व

वित्त मंत्रालय ने बताया कि इन बैठकों के माध्यम से भारत के आर्थिक प्रदर्शन, सुधार एजेंडा और निवेश के अवसरों को वैश्विक मंच पर प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया जाएगा। विशेषज्ञों का मानना है कि बैंकॉक में यह उपस्थिति ऐसे समय में महत्वपूर्ण है जब भारत अपनी अर्थव्यवस्था को वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं में और गहराई से एकीकृत करने की कोशिश कर रहा है।

वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं के बीच निर्मला सीतारमण की यह यात्रा भारत की बहुपक्षीय कूटनीति और वित्तीय साझेदारी को और सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि अपना एजेंडा निर्धारित करने के लिए करना चाहता है। हालाँकि, आलोचक यह भी पूछ सकते हैं कि इन बैठकों से ठोस वित्तीय प्रतिबद्धताएँ या नीतिगत बदलाव कितने होते हैं — जो अक्सर मापना मुश्किल होता है। असली कसौटी यह होगी कि बैंकॉक में हुई चर्चाएँ भारत के शहरी अवसंरचना वित्तपोषण और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला एकीकरण में कितने निवेश में परिणत होती हैं।
RashtraPress
15 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

निर्मला सीतारमण बैंकॉक में किन बैठकों में शामिल हो रही हैं?
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण बैंकॉक में IMF और विश्व बैंक की वार्षिक बैठकों के साथ-साथ G20 और G7 देशों के वित्त मंत्रियों एवं केंद्रीय बैंक गवर्नरों की FMCBG बैठक में भाग लेंगी। इसके अतिरिक्त, वह IMF प्रबंध निदेशक क्रिस्टालिना जॉर्जीवा और JBIC गवर्नर से भी अलग-अलग मुलाकात करेंगी।
सीतारमण किन देशों के वित्त मंत्रियों से द्विपक्षीय वार्ता करेंगी?
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण बैंकॉक में स्विट्जरलैंड, जापान, लक्जमबर्ग, भूटान, थाईलैंड और कुराकाओ के वित्त मंत्रियों के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगी। थाईलैंड के उप-प्रधानमंत्री एवं वित्त मंत्री एकनिति नितिथानप्रपास के साथ भी बैठक प्रस्तावित है।
इस यात्रा में 'विकसित भारत 2047' की क्या भूमिका है?
अटलांटिक काउंसिल द्वारा आयोजित फायरसाइड चैट में सीतारमण 'विकसित भारत 2047', भारत-आसियान संबंधों, भारत की विकास संभावनाओं और अंतरराष्ट्रीय वित्तीय ढाँचे में सुधार जैसे विषयों पर चर्चा करेंगी। इसका उद्देश्य भारत के दीर्घकालिक आर्थिक विज़न को वैश्विक नीति निर्माताओं के सामने रखना है।
बैंकॉक में IMF-विश्व बैंक की वार्षिक बैठक का महत्व क्या है?
IMF और विश्व बैंक की वार्षिक बैठक वैश्विक अर्थव्यवस्था की दिशा, विकास प्राथमिकताओं और अंतरराष्ट्रीय वित्तीय सहयोग पर चर्चा के लिए सबसे बड़ा बहुपक्षीय मंच है। इसमें दुनियाभर के वित्त मंत्री और केंद्रीय बैंक प्रमुख एकत्र होते हैं और द्विपक्षीय तथा बहुपक्षीय वार्ताओं के लिए यह एक महत्वपूर्ण अवसर होता है।
बैंकॉक पहुँचने पर सीतारमण का स्वागत किसने किया?
सुवर्णभूमि अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर थाईलैंड में भारत के राजदूत पुनीत अग्रवाल ने उनका स्वागत किया। थाईलैंड के वित्त मंत्रालय के ट्रेजरी विभाग के उप महानिदेशक रुएचा वराटोर्न ने भी उनका स्वागत किया।
राष्ट्र प्रेस
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