17 सितंबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

विकसित भारत के लिए वित्तीय रणनीति: केंद्र कल से राज्यों के वित्त मंत्रियों का दो दिवसीय सम्मेलन आयोजित करेगा

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
विकसित भारत के लिए वित्तीय रणनीति: केंद्र कल से राज्यों के वित्त मंत्रियों का दो दिवसीय सम्मेलन आयोजित करेगा

सारांश

केंद्रीय वित्त मंत्रालय 19 सितंबर से नई दिल्ली में दो दिवसीय सम्मेलन आयोजित करेगा, जिसमें निर्मला सीतारमण की उपस्थिति में राज्यों के वित्त मंत्री 'विकसित भारत' के वित्तपोषण, कृषि, ऊर्जा परिवर्तन और जीएसटी 2.0 जैसे अहम मुद्दों पर मंथन करेंगे।

मुख्य बातें

केंद्रीय वित्त मंत्रालय 19-20 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में दो दिवसीय सम्मेलन आयोजित करेगा।
सम्मेलन का विषय 'विकसित भारत की यात्रा का वित्तपोषण' है; केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण उपस्थित रहेंगी।
सभी राज्यों और विधानमंडल वाले केंद्र शासित प्रदेशों के वित्त मंत्री व वित्त सचिव भाग लेंगे।
तीन विषयगत सत्र: मैक्रो इकोनॉमिक ओवरव्यू , कृषि परिवर्तन और ऊर्जा परिवर्तन के वित्तपोषण पर।
15वें वित्त आयोग के पूर्व अध्यक्ष एन.के.
सिंह उद्घाटन सत्र में मुख्य भाषण देंगे।
पृष्ठभूमि दस्तावेज़ों में जीएसटी 2.0 , निजी वित्तपोषण और कार्बन कैप्चर जैसे विषय शामिल।

केंद्रीय वित्त मंत्रालय शुक्रवार, 19 सितंबर 2026 से नई दिल्ली में 'विकसित भारत की यात्रा के वित्तपोषण' विषय पर दो दिवसीय सम्मेलन का आयोजन करेगा, जिसमें सभी राज्यों और विधानमंडल वाले केंद्र शासित प्रदेशों के वित्त मंत्री तथा वित्त सचिव भाग लेंगे। आधिकारिक बयान के अनुसार, इस सम्मेलन में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के साथ कई राज्यों के मुख्यमंत्री और वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहेंगे।

सम्मेलन का उद्देश्य और एजेंडा

सम्मेलन का मुख्य लक्ष्य केंद्र और राज्य सरकारों के बीच नीतिगत तालमेल को और सुदृढ़ करना है। बयान में कहा गया है कि यह मंच भारत की विकास यात्रा से जुड़ी वित्तीय चुनौतियों और नीतिगत प्राथमिकताओं पर अकादमिक दृष्टिकोण तथा व्यावहारिक नीति-अनुभव को एक साथ लाएगा। आर्थिक कार्य विभाग (DEA) की सचिव अनुराधा ठाकुर उद्घाटन सत्र में सम्मेलन के उद्देश्यों पर प्रकाश डालेंगी।

उद्घाटन सत्र में मुख्य भाषण 15वें वित्त आयोग के पूर्व अध्यक्ष एवं इंस्टीट्यूट ऑफ इकोनॉमिक ग्रोथ के अध्यक्ष व लाइफ ट्रस्टी एन.के. सिंह देंगे। महाराष्ट्र सरकार के पूर्व अतिरिक्त मुख्य सचिव एवं वित्त सचिव सुधीर श्रीवास्तव विकसित भारत के वित्तपोषण पर राज्यों का दृष्टिकोण रखेंगे।

तीन प्रमुख विषयगत सत्र

सम्मेलन में तीन विषयगत सत्र निर्धारित हैं — व्यापक आर्थिक परिदृश्य (मैक्रो इकोनॉमिक ओवरव्यू), कृषि परिवर्तन के लिए वित्तपोषण और ऊर्जा परिवर्तन के लिए वित्तपोषण। प्रतिभागियों को पहले से पृष्ठभूमि दस्तावेज़ उपलब्ध कराए गए हैं, जिनमें 'विकसित भारत' की दिशा में आर्थिक उपलब्धियाँ और रोडमैप, निजी वित्तपोषण की भूमिका, तथा राज्यों पर जीएसटी 2.0 के प्रभाव जैसे विषय शामिल हैं।

कृषि सत्र में कृषि बाज़ारों और विपणन के लिए वित्तपोषण, भारतीय कृषि में लचीलापन और टिकाऊ संसाधन उपयोग पर विमर्श होगा। ऊर्जा सत्र में नवीकरणीय ऊर्जा और ट्रांसमिशन परिसंपत्तियों के वित्तपोषण और कार्बन कैप्चर, उपयोग एवं भंडारण जैसे अहम विषयों पर चर्चा होगी।

प्रौद्योगिकी और डेटा पर विशेष ज़ोर

सांख्यिकी एवं कार्यक्रम क्रियान्वयन मंत्रालय (MoSPI) के सचिव सौरभ गर्ग विकसित भारत की यात्रा में विकास परिणामों को मापने के महत्व पर अपना पक्ष रखेंगे। इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) के सचिव एस. कृष्णन सुशासन में नई प्रौद्योगिकियों की भूमिका पर विचार साझा करेंगे।

यह ऐसे समय में आया है जब केंद्र सरकार 2047 तक 'विकसित भारत' के लक्ष्य को लेकर राज्यों के साथ समन्वित रोडमैप तैयार करने पर ज़ोर दे रही है।

क्या होगा आगे

दो दिवसीय विचार-मंथन के बाद यह उम्मीद की जा रही है कि केंद्र और राज्यों के बीच वित्तीय समन्वय के लिए एक ठोस कार्ययोजना सामने आएगी। गौरतलब है कि इस तरह के केंद्र-राज्य वित्त सम्मेलन राजकोषीय नीति के अगले चरण की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाते हैं — और इस बार एजेंडे में कृषि, ऊर्जा एवं प्रौद्योगिकी — तीनों रणनीतिक क्षेत्र एक साथ शामिल हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि राज्य अपनी सीमित उधारी सीमाओं के भीतर इन लक्ष्यों को कैसे पूरा करेंगे। पृष्ठभूमि दस्तावेज़ तैयार करना एक सकारात्मक संकेत है, पर संरचित प्रतिबद्धताओं के बिना यह सम्मेलन भी पिछले केंद्र-राज्य विमर्शों की तरह घोषणाओं तक सिमट सकता है।
RashtraPress
17 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

विकसित भारत वित्त मंत्री सम्मेलन क्या है?
यह केंद्रीय वित्त मंत्रालय द्वारा 19-20 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में आयोजित दो दिवसीय सम्मेलन है, जिसमें 'विकसित भारत की यात्रा के वित्तपोषण' पर चर्चा होगी। इसमें राज्यों और विधानमंडल वाले केंद्र शासित प्रदेशों के वित्त मंत्री तथा वित्त सचिव भाग लेंगे।
इस सम्मेलन में कौन-कौन से प्रमुख विषयों पर चर्चा होगी?
सम्मेलन में तीन मुख्य विषयगत सत्र होंगे — मैक्रो इकोनॉमिक ओवरव्यू, कृषि परिवर्तन के लिए वित्तपोषण और ऊर्जा परिवर्तन के लिए वित्तपोषण। इसके अलावा जीएसटी 2.0 के राज्यों पर प्रभाव, नवीकरणीय ऊर्जा, कार्बन कैप्चर और निजी वित्तपोषण जैसे विषय भी एजेंडे में हैं।
सम्मेलन में कौन-कौन से प्रमुख वक्ता हिस्सा लेंगे?
15वें वित्त आयोग के पूर्व अध्यक्ष एन.के. सिंह उद्घाटन सत्र में मुख्य भाषण देंगे। DEA सचिव अनुराधा ठाकुर, MoSPI सचिव सौरभ गर्ग और MeitY सचिव एस. कृष्णन भी अपने-अपने विषयों पर संबोधन करेंगे।
इस सम्मेलन का केंद्र-राज्य संबंधों पर क्या महत्व है?
यह सम्मेलन केंद्र और राज्यों के बीच नीतिगत पूरकता को मज़बूत करने का मंच है, जो 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने के लिए समन्वित वित्तीय रणनीति तैयार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
जीएसटी 2.0 इस सम्मेलन के एजेंडे में क्यों है?
पृष्ठभूमि दस्तावेज़ों के अनुसार, राज्यों पर जीएसटी 2.0 के संभावित प्रभावों का विश्लेषण सम्मेलन के एजेंडे में शामिल है। यह राजस्व-बँटवारे और राज्यों की राजकोषीय स्वायत्तता से जुड़े दीर्घकालिक मुद्दों पर केंद्र-राज्य संवाद का हिस्सा है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 3 सप्ताह पहले
  2. 4 सप्ताह पहले
  3. 8 महीने पहले
  4. 10 महीने पहले
  5. 10 महीने पहले
  6. 10 महीने पहले
  7. 1 साल पहले
  8. 1 साल पहले