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क्या नीतीश कुमार तेजस्वी यादव की नकल कर रहे हैं? : मृत्युंजय तिवारी

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क्या नीतीश कुमार तेजस्वी यादव की नकल कर रहे हैं? : मृत्युंजय तिवारी

सारांश

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पत्रकारों के लिए पेंशन बढ़ाने की घोषणा की, जो चुनावी रणनीति का हिस्सा है। राजद प्रवक्ता मृतुंजय तिवारी ने इस पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। जानिए इस मुद्दे पर दोनों पक्षों के तर्क।

मुख्य बातें

नीतीश कुमार ने पत्रकारों की पेंशन को 15,000 रुपए करने का ऐलान किया।
तेजस्वी यादव ने पहले ही पेंशन बढ़ाने का वादा किया था।
राजद के प्रवक्ता ने नीतीश के फैसले को नकल बताया।
पत्रकारों को चुनावी प्रलोभन का सामना करना पड़ रहा है।
तेजस्वी यादव की सरकार आने पर पत्रकारों को और लाभ मिलने की संभावना।

पटना, 26 जुलाई (राष्ट्र प्रेस)। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आगामी विधानसभा चुनाव के मद्देनजर मान्यता प्राप्त पत्रकारों के लिए एक महत्वपूर्ण घोषणा की है। उन्होंने ‘बिहार पत्रकार सम्मान पेंशन योजना’ के अंतर्गत पत्रकारों की पेंशन राशि को 6,000 रुपए से बढ़ाकर 15,000 रुपए करने की बात की है। इस निर्णय को चुनावी रणनीति का मास्टरस्ट्रोक माना जा रहा है, जबकि आरोपों और प्रतिक्रियाओं का एक नया दौर भी आरंभ हो गया है。

राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी ने नीतीश कुमार के इस फैसले की आलोचना की है। उनका कहना है कि तेजस्वी यादव ने पहले ही पत्रकारों की पेंशन बढ़ाने का वादा किया था और अब नीतीश कुमार ने इसे अपनाया है।

तिवारी का दावा है कि नीतीश कुमार केवल तेजस्वी यादव की नकल करते हैं और जो भी घोषणाएं वे करते हैं, वह उन्हीं की होती हैं। उन्होंने कहा कि मौजूदा सरकार चुनाव से पहले पत्रकारों को प्रलोभन दे रही है, परंतु नीतीश कुमार जल्द ही सत्ता से बाहर होने वाले हैं। जब तेजस्वी यादव के नेतृत्व में नई सरकार बनेगी, तो पत्रकारों को और अधिक लाभ मिलेगा।

वे यह भी कहते हैं कि पत्रकारों को यह समझ आ गया है कि सरकार का कार्यकाल समाप्त होने वाला है, और तेजस्वी यादव इससे ज्यादा पेंशन देंगे। तेजस्वी यादव पत्रकारों की भलाई की चिंता करते हैं। नीतीश कुमार ने पिछले 20 वर्षों में कुछ नहीं किया है, वे केवल तेजस्वी की नकल करते हैं।

राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव द्वारा अपने बेटे और बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव की सराहना किए जाने पर, तिवारी ने कहा कि तेजस्वी ने अपनी सक्रियता और नेतृत्व से बिहार ही नहीं बल्कि पूरे देश का ध्यान आकर्षित किया है। बिहार की 14 करोड़ जनता तेजस्वी को अपने भविष्य के रूप में देख रही है, और लालू का यह बयान उसी भावना को दर्शाता है।

कांग्रेस नेता उदित राज द्वारा लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की तुलना डॉ. बीआर अंबेडकर से करने पर, तिवारी ने कहा कि हमने ठीक से नहीं सुना कि उन्होंने क्या कहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

नीतीश कुमार का यह कदम एक चुनावी रणनीति प्रतीत होता है, जो पत्रकारों को लुभाने की कोशिश कर रहा है। हालांकि, इस पर उठ रहे सवाल यह दर्शाते हैं कि राजनीतिक शुचिता और विश्वसनीयता को बनाए रखना कितना महत्वपूर्ण है।
RashtraPress
26 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नीतीश कुमार ने पत्रकारों की पेंशन क्यों बढ़ाई?
नीतीश कुमार ने आगामी विधानसभा चुनावों के मद्देनजर पत्रकारों की पेंशन को बढ़ाने की घोषणा की है, जिसे चुनावी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।
क्या तेजस्वी यादव ने पहले पेंशन बढ़ाने का वादा किया था?
हां, राजद प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी का कहना है कि तेजस्वी यादव ने पहले ही पत्रकारों की पेंशन बढ़ाने का वादा किया था।
क्या नीतीश कुमार की घोषणा चुनावी चाल है?
राजद प्रवक्ता ने इसे चुनावी प्रलोभन बताया है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि यह एक चुनावी चाल हो सकती है।
राष्ट्र प्रेस
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