क्या नोएडा इंजीनियर की मौत के बाद कार्रवाई सही है? सीएम योगी के निर्देश पर एसआईटी का गठन

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क्या नोएडा इंजीनियर की मौत के बाद कार्रवाई सही है? सीएम योगी के निर्देश पर एसआईटी का गठन

सारांश

नोएडा में एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर की मौत के मामले में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एसआईटी का गठन किया है। क्या यह कदम सही है? जानिए जांच की प्रक्रिया और इसके पीछे के कारण।

Key Takeaways

  • नोएडा में सॉफ्टवेयर इंजीनियर की मौत
  • मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का हस्तक्षेप
  • एसआईटी का गठन
  • नोएडा अथॉरिटी के सीईओ का हटाया जाना
  • घटना की गंभीरता का आकलन

नोएडा, 19 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। उत्तर प्रदेश के नोएडा में एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर की मौत के मामले में सोमवार को महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस घटना का संज्ञान लेते हुए मामले की जांच के लिए एक एसआईटी का गठन किया है। इसके साथ ही, नोएडा अथॉरिटी के सीईओ एम लोकेश को हटा दिया गया है।

मुख्यमंत्री के निर्देश पर एडीजी जोन मेरठ की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय एसआईटी का गठन किया गया है। योगी आदित्यनाथ ने इस जांच को 5 दिन के भीतर पूरा कर रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया है। हालांकि, नोएडा अथॉरिटी ने जेई को निलंबित कर दिया है और अधिकारियों को नोटिस देकर जवाब मांगा है। इस मामले में संबंधित बिल्डर पर एफआईआर भी दर्ज की गई है।

नोएडा में 27 वर्षीय इंजीनियर युवराज मेहता की दर्दनाक मौत के मामले में पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आए हैं। रिपोर्ट के अनुसार, युवराज की मौत दम घुटने से हुई है और हार्ट फेलियर/कार्डियक अरेस्ट को भी कारण बताया गया है।

पुलिस के अनुसार, पोस्टमार्टम रिपोर्ट इस बात की पुष्टि करती है कि युवराज की जान कार्डियक अरेस्ट के कारण गई। यह घटना शनिवार रात की है जब नोएडा में कड़ाके की सर्दी थी। जिस बेसमेंट में युवराज की कार गिरी थी, वहां पानी भरा हुआ था जो बर्फ की तरह ठंडा था। हादसे के बाद युवराज काफी देर तक ठंडे पानी में भीगे रहे।

सूत्रों के अनुसार, वह लगभग दो घंटे तक अपनी कार पर खड़ा रहकर मदद की प्रतीक्षा कर रहे थे। इस दौरान उनकी हालत लगातार बिगड़ती गई। पुलिस के मुताबिक, लंबे समय तक ठंडे पानी में रहने और मानसिक तनाव के कारण युवराज की तबीयत खराब हो गई।

आशंका जताई जा रही है कि मदद में हो रही देरी के कारण युवराज घबराहट का शिकार हो गए और इसी घबराहट के बीच उन्हें कार्डियक अरेस्ट आया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में दम घुटने और हार्ट फेलियर दोनों कारणों का उल्लेख किया गया है।

Point of View

जो न केवल स्थानीय प्रशासन की जिम्मेदारी को उजागर करता है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि हम अपने नागरिकों की सुरक्षा को लेकर कितने सतर्क हैं। ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई आवश्यक है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों।
NationPress
19/01/2026

Frequently Asked Questions

क्या एसआईटी का गठन उचित है?
जी हां, इस तरह की घटनाओं की निष्पक्ष जांच के लिए एसआईटी का गठन आवश्यक है।
युवराज मेहता की मौत का कारण क्या है?
पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार, युवराज की मौत दम घुटने और कार्डियक अरेस्ट के कारण हुई।
नोएडा अथॉरिटी के सीईओ को क्यों हटाया गया?
मुख्यमंत्री के निर्देश पर नोएडा अथॉरिटी के सीईओ को घटना के संदर्भ में जिम्मेदारी के तहत हटाया गया।
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