क्या नोएडा इंजीनियर की मौत के बाद कार्रवाई होगी? सीएम की जांच की निगरानी

Click to start listening
क्या नोएडा इंजीनियर की मौत के बाद कार्रवाई होगी? सीएम की जांच की निगरानी

सारांश

नोएडा में एक युवा इंजीनियर की पानी से भरे गड्ढे में डूबकर हुई मौत के बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने सख्त कदम उठाए हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच का आदेश दिया है। जानिए इस घटनाक्रम के सभी पहलुओं के बारे में।

Key Takeaways

  • नोएडा में इंजीनियर की दुखद मौत ने सुरक्षा के मुद्दों को उजागर किया है।
  • मुख्यमंत्री ने तुरंत जांच के आदेश दिए हैं।
  • विशेष जांच टीम का गठन किया गया है।
  • लोगों में आक्रोश और शिकायतों का सिलसिला जारी है।
  • दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की संभावना है।

नोएडा, 19 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। नोएडा के सेक्टर-150 में घटित एक दुखद घटना को लेकर उत्तर प्रदेश सरकार ने सख्त कदम उठाए हैं। एक युवा इंजीनियर की कार पानी से भरे गड्ढे में गिरकर डूबने से मौत हो गई। इस मामले में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने खुद संज्ञान लेते हुए प्रशासनिक कार्रवाई की है।

मुख्यमंत्री के आदेश पर नोएडा प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) लोकेश एम को उनके पद से हटा दिया गया है। यह दुखद घटना उस समय हुई जब रात के अंधेरे में एक युवा इंजीनियर की कार गहरे पानी भरे गड्ढे में गिर गई। भारी जलभराव और अंधेरे के कारण चालक गड्ढे का सही अंदाजा नहीं लगा सका और वाहन सीधे पानी में समा गया। इस हादसे में इंजीनियर की डूबने से मौत हो गई।

घटना के बाद स्थानीय निवासियों और परिजनों में भारी आक्रोश देखा गया। लोगों ने प्राधिकरण पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए और कहा कि इस क्षेत्र में लंबे समय से जलभराव, खुले गड्ढों और सुरक्षा इंतजामों की कमी की शिकायतें की जा रही थीं, लेकिन कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल जांच के निर्देश दिए। इस प्रकरण की जांच के लिए तीन सदस्यीय विशेष जांच टीम (एसआईटी) का गठन किया गया है।

यह एसआईटी एडीजी जोन मेरठ के नेतृत्व में कार्य करेगी। टीम में एडीजी जोन मेरठ के अलावा मंडलायुक्त मेरठ और लोक निर्माण विभाग के मुख्य अभियंता को भी शामिल किया गया है। एसआईटी को पांच दिनों के भीतर जांच पूरी करके अपनी रिपोर्ट मुख्यमंत्री को प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।

सरकारी सूत्रों के अनुसार, जांच में यह भी देखा जाएगा कि संबंधित सड़क और क्षेत्र की देखरेख किस विभाग के अधीन थी, जलभराव और गड्ढों के बारे में जानकारी होने के बावजूद समय पर सुधारात्मक कदम क्यों नहीं उठाए गए, और किन अधिकारियों की लापरवाही के कारण यह दुखद घटना हुई।

दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है। इस बीच, यह भी चर्चा है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ स्वयं घटना स्थल का दौरा कर सकते हैं। संभावित दौरे के दौरान मुख्यमंत्री पीड़ित परिवार से मिलकर उन्हें सांत्वना और हर संभव सहायता का आश्वासन दे सकते हैं। नोएडा सेक्टर-150 की यह घटना प्रदेश में शहरी विकास प्राधिकरणों की कार्यप्रणाली पर एक महत्वपूर्ण सवाल खड़ा करती है।

Point of View

NationPress
19/01/2026

Frequently Asked Questions

यह घटना कब हुई?
यह घटना 19 जनवरी को नोएडा के सेक्टर-150 में हुई।
क्या सरकार ने कोई कार्रवाई की है?
जी हां, मुख्यमंत्री ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच के आदेश दिए हैं और सीईओ को हटा दिया गया है।
जांच टीम में कौन शामिल है?
जांच टीम में एडीजी जोन मेरठ, मंडलायुक्त मेरठ और लोक निर्माण विभाग के मुख्य अभियंता शामिल हैं।
क्या मुख्यमंत्री घटनास्थल का दौरा करेंगे?
हां, संभावित दौरे के दौरान मुख्यमंत्री पीड़ित परिवार से मिल सकते हैं।
इस घटना की जिम्मेदारी किसकी है?
जांच में यह देखा जाएगा कि संबंधित विभाग की लापरवाही के कारण यह घटना हुई।
Nation Press