क्या नोएडा में गांजा तस्करी का भंडाफोड़ हुआ?
सारांश
Key Takeaways
- गिरफ्तार आरोपियों में 5 लोग शामिल हैं।
- पुलिस ने 9 किलो 900 ग्राम गांजा बरामद किया।
- 2.90 लाख रुपये नकद भी जब्त किए गए।
- आरोपी पिछले छह वर्षों से गांजा बेच रहे थे।
- पुलिस अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी की योजना बना रही है।
ग्रेटर नोएडा, 21 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। ग्रेटर नोएडा के थाना इकोटेक-3 पुलिस ने मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ एक महत्वपूर्ण कार्रवाई करते हुए गांजा तस्करी और बिक्री में संलिप्त 5 व्यक्तियों को गिरफ्तार किया है।
गिरफ्तार किए गए व्यक्तियों में तीन पुरुष और दो महिलाएं शामिल हैं। पुलिस ने इनके पास से कुल 9 किलो 900 ग्राम गांजा और गांजा बिक्री से अर्जित 2 लाख 90 हजार 400 रुपये नकद बरामद किए हैं।
पुलिस को जानकारी मिली थी कि थाना क्षेत्र में सीआईएसएफ कैंप यू-टर्न के पास कुछ लोग गांजा की तस्करी और बिक्री में संलग्न हैं। सूचना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस टीम ने तुरंत घेराबंदी कर सभी आरोपियों को पकड़ लिया।
गिरफ्तार व्यक्तियों की पहचान सत्य शरण, सुमित, अभिषेक, लाली और कश्मीरा के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, अभियुक्त सत्य शरण के पास से 2 किलो 700 ग्राम गांजा, 1 लाख 400 रुपये नकद, एक कैंची, एक स्टेप्लर, तीन पिन की डिब्बियां और छह पारदर्शी पॉलीथीन के छोटे पैकेट बरामद किए गए।
सुमित के पास से 2 किलो 100 ग्राम गांजा और 1 लाख 9 हजार 700 रुपये नकद मिले। अभिषेक के कब्जे से 2 किलो 300 ग्राम गांजा और 80 हजार 300 रुपये नकद बरामद हुए। इसके अलावा, अभियुक्ता लाली के पास से 700 ग्राम गांजा और अभियुक्ता कश्मीरा के पास से 2 किलो 100 ग्राम गांजा मिला।
पुलिस जांच में पता चला है कि सभी आरोपी पिछले लगभग छह वर्षों से गुलिस्तानपुर क्षेत्र में रह रहे थे और वहीं से गांजा की बिक्री कर रहे थे। आरोपियों की शैक्षणिक स्थिति भी सामने आई है, जिसमें सत्य शरण ने केवल पांचवीं कक्षा तक, सुमित ने आठवीं और अभिषेक ने दसवीं तक शिक्षा प्राप्त की है, जबकि लाली और कश्मीरा दोनों ही अशिक्षित बताई गई हैं।
गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ थाना इकोटेक-3 में एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर यह जानने का प्रयास कर रही है कि गांजा की सप्लाई कहां से लाई जाती थी और इसके नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं। पुलिस का कहना है कि इस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की गिरफ्तारी भी जल्द की जा सकती है।