नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को BCAS की बड़ी मंजूरी, जल्द शुरू होंगी कमर्शियल उड़ानें
सारांश
Key Takeaways
- बीसीएएस (BCAS) ने नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के एयरपोर्ट सिक्योरिटी प्रोग्राम (एएसपी) को मंजूरी देते हुए 28 अप्रैल को NOC जारी किया।
- एएसपी की मंजूरी के बिना किसी भी एयरपोर्ट से कमर्शियल फ्लाइट्स का संचालन संभव नहीं होता — यह अनिवार्य नियामकीय शर्त है।
- एयरपोर्ट प्रबंधन अब एयरलाइंस कंपनियों के साथ समन्वय कर कमर्शियल ऑपरेशन की आधिकारिक तारीख तय करने में जुटा है।
- टिकट बुकिंग की प्रक्रिया शीघ्र शुरू होने की संभावना जताई जा रही है।
- यह एयरपोर्ट दिल्ली-एनसीआर और उत्तर भारत में हवाई कनेक्टिविटी बढ़ाने के साथ हजारों रोजगार सृजित करेगा।
ग्रेटर नोएडा, 28 अप्रैल। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट ने संचालन की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाया है — ब्यूरो ऑफ सिविल एविएशन सिक्योरिटी (बीसीएएस) ने एयरपोर्ट के एयरपोर्ट सिक्योरिटी प्रोग्राम (एएसपी) को मंजूरी देते हुए नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट (NOC) जारी कर दिया है। इस मंजूरी के साथ ही उत्तर प्रदेश और दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में हवाई यात्रा के एक नए युग की शुरुआत की भूमि तैयार हो गई है।
क्या है BCAS की यह मंजूरी और क्यों है यह अहम?
विमानन क्षेत्र के जानकारों के अनुसार, किसी भी एयरपोर्ट से कमर्शियल फ्लाइट्स शुरू करने से पहले बीसीएएस द्वारा एएसपी की स्वीकृति अनिवार्य होती है। यह प्रमाणित करता है कि एयरपोर्ट की समस्त सुरक्षा व्यवस्था, निगरानी प्रणाली और आपातकालीन प्रक्रियाएं सभी राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय नियामकीय मानकों के अनुरूप हैं। बिना इस NOC के टेकऑफ और लैंडिंग की अनुमति नहीं मिलती।
यह ऐसे समय में आया है जब उत्तर प्रदेश सरकार राज्य को देश के प्रमुख एविएशन हब के रूप में स्थापित करने की दिशा में लगातार काम कर रही है। जेवर स्थित यह एयरपोर्ट न केवल तकनीकी दृष्टि से बल्कि रणनीतिक स्थान के लिहाज से भी बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
अगला कदम: कमर्शियल ऑपरेशन की तारीख तय करना
एयरपोर्ट प्रबंधन के सूत्रों के अनुसार, अब सभी प्रमुख एयरलाइंस कंपनियों और संबंधित साझेदारों के साथ समन्वय कर कमर्शियल उड़ानों की आधिकारिक शुरुआत की तारीख तय की जाएगी। इसके लिए सभी पक्षों के बीच बैठकों का दौर जारी है, ताकि संचालन की शुरुआत पूरी तरह सुव्यवस्थित और निर्बाध हो।
अधिकारियों का कहना है कि एयरपोर्ट पर समस्त जरूरी तकनीकी प्रणालियां, परिचालन प्रक्रियाएं और प्रशिक्षित स्टाफ को अंतिम रूप दिया जा रहा है। साथ ही यात्रियों के लिए टिकट बुकिंग की प्रक्रिया भी शीघ्र आरंभ होने की संभावना जताई जा रही है।
यात्रियों को मिलेगा विश्वस्तरीय अनुभव
एयरपोर्ट प्रबंधन की प्राथमिकता है कि पहले दिन से ही यात्रियों को सुरक्षित, तीव्र और सुविधाजनक यात्रा अनुभव प्रदान किया जाए। गौरतलब है कि नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को देश के सबसे बड़े और अत्याधुनिक हवाई अड्डों में गिना जा रहा है। इसकी डिजाइन और क्षमता इसे भविष्य में करोड़ों यात्रियों की जरूरतें पूरी करने में सक्षम बनाती है।
आर्थिक और सामाजिक प्रभाव
आंकड़ों के अनुसार, इस एयरपोर्ट के चालू होने से दिल्ली-एनसीआर, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और समूचे उत्तर भारत में हवाई संपर्क को व्यापक बल मिलेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे क्षेत्र में हजारों प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित होंगे और व्यापार व निवेश को भी नई गति मिलेगी। यह भारत के तीव्र गति से बढ़ते एविएशन बाजार में एक महत्वपूर्ण अध्याय जोड़ेगा।
अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि कमर्शियल उड़ानों की आधिकारिक तारीख कब घोषित होती है — और उत्तर भारत का यह नया आसमानी द्वार कब आम यात्रियों के लिए खुलता है।