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क्या नोएडा में चार पहिया वाहन चोरी करने वाला गिरोह पकड़ा गया?

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क्या नोएडा में चार पहिया वाहन चोरी करने वाला गिरोह पकड़ा गया?

सारांश

नोएडा पुलिस ने चार शातिर अपराधियों को गिरफ्तार कर चोरी की गाड़ियों के बड़े गिरोह का पर्दाफाश किया है। इनसे 10 चोरी की गाड़ियों के कटे हुए पार्ट्स बरामद किए गए हैं। यह गिरोह वर्षों से कार चोरी की घटनाओं को अंजाम दे रहा था। जानें पूरी घटना के बारे में।

मुख्य बातें

नोएडा में चार शातिर अपराधियों की गिरफ्तारी।
10 चोरी की गाड़ियों के कटे हुए पार्ट्स बरामद।
गिरोह का बड़ा नेटवर्क था, जो कई वर्षों से सक्रिय था।
गिरफ्तार अपराधियों का आपराधिक रिकॉर्ड गंभीर है।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई से जनता में सुरक्षा का एहसास।

नोएडा, 8 नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। नोएडा के थाना सेक्टर-113 की पुलिस ने चोरी की गाड़ियों के एक बड़े गिरोह का भंडाफोड़ करने में महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है। पुलिस ने सुपरटेक रोमानो तिराहा, सेक्टर-118 से चार शातिर अपराधियों को पकड़ा है, जो लंबे समय से विभिन्न जिलों और राज्यों में कार चोरी की घटनाओं को अंजाम दे रहे थे। इनकी गिरफ्तारी के साथ ही 10 चोरी की गाड़ियों के कटे हुए पार्ट्स, जिनकी कीमत लगभग 50 लाख रुपए आंकी गई है, बरामद हुए हैं।

पुलिस ने बताया कि चोरी में इस्तेमाल की गई दो कारों और गाड़ी के लॉक तोड़ने के लिए हाईटेक उपकरण भी जब्त किए गए हैं। पुलिस के अनुसार, यह गिरोह रात में एक साथ निकलता था और मेन रोड, पार्किंग व होटल के बाहर खड़ी गाड़ियों की निगरानी करता था। जैसे ही मौका मिलता, ये लोग कार की ड्राइवर साइड की खिड़की का लॉक तोड़कर गाड़ी चुरा लेते थे।

इन लोगों ने चोरी की गई गाड़ियों को काटकर पार्ट्स में बदलने की तकनीक अपनाई थी। बाद में ये कलपुर्जे कबाड़ियों को सस्ते दामों में बेच दिए जाते थे। पकड़े न जाने के लिए ये अपराधी घटना के दौरान मोबाइल फोन का उपयोग नहीं करते थे। इस गिरोह के सदस्य पेशेवर अपराधी हैं। कार चोरी से हुई कमाई का उपयोग वे खाने-पीने और अपने नाम पर दर्ज पुराने केसों की पैरवी में करते थे।

पुलिस का कहना है कि आरोपी कई वर्षों से सक्रिय थे और इनके खिलाफ पहले से ही कई मुकदमे दर्ज हैं। गिरफ्तार किए गए अपराधियों की पहचान मोनू उर्फ यशवीर (उम्र 30 वर्ष, निवासी जिला बुलंदशहर), जगन यादव (उम्र 40 वर्ष, निवासी जिला बुलंदशहर), इमरान (उम्र 40 वर्ष, निवासी जिला गौतमबुद्धनगर), और सोहनबीर (उम्र 32 वर्ष, निवासी जिला अलीगढ़) के रूप में हुई है। चारों की शिक्षा 6वीं से 12वीं तक की बताई गई है।

मुख्य आरोपी मोनू का एक बड़ा आपराधिक रिकॉर्ड है। अभियुक्त मोनू के खिलाफ दिल्ली, बुलंदशहर और गौतमबुद्धनगर में पहले से 17 मुकदमे दर्ज हैं, जिनमें चोरी, लूट, गैंगस्टर एक्ट और आर्म्स एक्ट जैसे गंभीर मामले शामिल हैं।

पुलिस ने बताया कि यह पूरे क्षेत्र में सक्रिय एक बड़ा नेटवर्क था, जिसका खुलासा गिरफ्तारी के बाद हुआ है।

संपादकीय दृष्टिकोण

कार चोरी के गिरोहों का सक्रिय रहना एक गंभीर समस्या है। पुलिस की त्वरित कार्रवाई से यह सुनिश्चित होता है कि समाज में सुरक्षा बनी रहे। हमें उम्मीद है कि ऐसे गिरोहों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी और जनता को सुरक्षा मिलेगी।
RashtraPress
9 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

इस गिरोह के सदस्य कितने समय से सक्रिय थे?
यह गिरोह कई वर्षों से सक्रिय था और इनके खिलाफ पहले से कई मुकदमे दर्ज थे।
पुलिस ने क्या चीजें बरामद की हैं?
पुलिस ने 10 चोरी की गाड़ियों के कटे हुए पार्ट्स और चोरी में इस्तेमाल की गई दो कारों के साथ हाईटेक उपकरण जब्त किए हैं।
गिरफ्तार आतंकियों की पहचान क्या है?
गिरफ्तार अपराधियों की पहचान मोनू उर्फ यशवीर, जगन यादव, इमरान और सोहनबीर के रूप में हुई है।
क्या गिरोह का कोई बड़ा नेटवर्क था?
हां, यह गिरोह पूरे इलाके में सक्रिय एक बड़ा नेटवर्क था।
मुख्य आरोपी का आपराधिक रिकॉर्ड क्या है?
मुख्य आरोपी मोनू के खिलाफ पहले से 17 मुकदमे दर्ज हैं, जिनमें गंभीर मामलों का समावेश है।
राष्ट्र प्रेस
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