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नोएडा में ऑनलाइन बेटिंग के जरिए सट्टा चलाने वाला गिरोह गिरफ्तार, पांच आरोपी पकड़े गए

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नोएडा में ऑनलाइन बेटिंग के जरिए सट्टा चलाने वाला गिरोह गिरफ्तार, पांच आरोपी पकड़े गए

सारांश

नोएडा में एक अवैध ऑनलाइन बेटिंग गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। पुलिस ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया और बड़ी मात्रा में इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किए हैं। यह गिरोह हाल ही में चल रहे टी-20 वर्ल्ड कप मैचों के दौरान सक्रिय था।

मुख्य बातें

नोएडा में ऑनलाइन बेटिंग का गिरोह पकड़ा गया।
पांच आरोपी गिरफ्तार हुए हैं।
बड़ी मात्रा में इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किए गए।
गिरोह का सरगना विनय सहगल है।
पुलिस ने गंभीर कानूनी कार्रवाई की है।

नोएडा, 6 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। नोएडा के थाना सेक्टर-113 क्षेत्र में एक गिरोह का पर्दाफाश हुआ है, जो अवैध ऑनलाइन बेटिंग ऐप के माध्यम से लोगों से धोखाधड़ी कर धनराशि हड़प रहा था। पुलिस की सीआरटी/स्वाट-2 टीम और सेक्टर-113 थाने की संयुक्त कार्रवाई में पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने आरोपियों के पास से बड़ी संख्या में इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और सट्टेबाजी से जुड़े सामान भी बरामद किए हैं।

पुलिस के अनुसार, स्थानीय खुफिया जानकारी और इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस की मदद से 6 मार्च को इस गिरोह को पकड़ा गया। गिरफ्तार आरोपियों में विनय सहगल (35) निवासी गीता कॉलोनी दिल्ली, नवदीप सिंह (30) निवासी फ्रेंड्स कॉलोनी, राजीव शर्मा (48) निवासी गीता कॉलोनी दिल्ली, सलील सेठ (25) निवासी इम्पिरियल कॉलोनी अमृतसर पंजाब और देव कुमार (24) निवासी झलारी जिला कचनपुर नेपाल शामिल हैं।

पुलिस पूछताछ में पता चला कि इस गिरोह का सरगना विनय सहगल है। ये आरोपी चोरी-छिपे ऑनलाइन बेटिंग ऐप और विभिन्न डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए क्रिकेट मैचों पर सट्टा लगवाते थे। पुलिस के मुताबिक, हाल ही में चल रहे टी-20 वर्ल्ड कप मैचों के दौरान यह गिरोह सक्रिय था। विशेष रूप से 5 मार्च को भारत और इंग्लैंड के बीच खेले गए सेमीफाइनल मैच पर आरोपियों ने जूम ऐप और जूम ऑडियो के माध्यम से संपर्क कर सट्टे का लेन-देन किया।

गिरोह के सदस्य फोन कॉल और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म का उपयोग करके लोगों को सट्टा लगाने के लिए प्रेरित करते थे और बाद में उनसे धनराशि वसूल करते थे। इस अवैध गतिविधि से आरोपी भारी मुनाफा कमा रहे थे। पुलिस ने आरोपियों के पास से कई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किए हैं, जिनमें 3 लैपटॉप, 3 टैबलेट, 3 डेस्कटॉप मॉनिटर, 32 मोबाइल फोन, 2 आईसी रिकॉर्डर, 4 स्लिप पैड, 2 नोटपैड, 3 असेंबल लाइन बॉक्स, 1 सीपीयू, 1 प्रिंटर-स्कैनर, 1 वाई-फाई राउटर, 1 वाई-फाई डोंगल, मोबाइल और लैपटॉप चार्जर, डेटा केबल, एक्सटेंशन बोर्ड आदि शामिल हैं।

इसके अतिरिक्त, पुलिस ने आरोपियों के पास से 8000 रुपए नकद भी बरामद किए हैं। इस मामले में थाना सेक्टर-113 में मुकदमा दर्ज किया गया है। आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 61(2) और 318(4), आईटी एक्ट की धारा 66 तथा सार्वजनिक जुआ अधिनियम 1867 की धारा 3/4 के तहत कार्रवाई की जा रही है। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि गिरोह के नेटवर्क और इससे जुड़े अन्य लोगों की जांच जारी है, साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि इस अवैध सट्टेबाजी नेटवर्क के माध्यम से अब तक कितनी धनराशि का लेन-देन हुआ है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो कि समाज के लिए एक सकारात्मक कदम है। अब आवश्यक है कि इस तरह की अवैध गतिविधियों का संज्ञान लेते हुए और सख्त कदम उठाए जाएं।
RashtraPress
16 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या गिरोह का सरगना कौन है?
गिरोह का सरगना विनय सहगल है।
इस गिरोह की गतिविधियाँ कब सक्रिय थीं?
यह गिरोह हाल ही में चल रहे टी-20 वर्ल्ड कप मैचों के दौरान सक्रिय था।
पुलिस ने क्या-क्या सामान बरामद किया?
पुलिस ने लैपटॉप, मोबाइल, टैबलेट और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किए हैं।
इस मामले में मुकदमा किस धारा में दर्ज किया गया है?
इस मामले में धारा 61(2), 318(4), 66 और सार्वजनिक जुआ अधिनियम की धारा 3/4 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।
पुलिस की आगे की योजना क्या है?
पुलिस गिरोह के नेटवर्क और अन्य संदिग्धों की जांच कर रही है।
राष्ट्र प्रेस
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