महाराष्ट्र विधान परिषद चुनाव: एमवीए ने अंबादास दानवे को बनाया उम्मीदवार, उद्धव ठाकरे ने खुद चुनाव लड़ने से किया इनकार
सारांश
Key Takeaways
- शिवसेना (यूबीटी) ने 29 अप्रैल 2026 को अंबादास दानवे को महाराष्ट्र विधान परिषद चुनाव के लिए एमवीए का आधिकारिक उम्मीदवार घोषित किया।
- उद्धव ठाकरे ने खुद चुनाव लड़ने से इनकार किया, हालांकि सुप्रिया सुले और कांग्रेस ने उनसे मैदान में उतरने की अपील की थी।
- दानवे गुरुवार, 30 अप्रैल को सुबह 11 बजे नामांकन पत्र दाखिल करेंगे — यह नामांकन का अंतिम दिन है।
- एमवीए के पास 46 विधायक हैं — शिवसेना (यूबीटी) के 20, कांग्रेस के 16 और एनसीपी (एसपी) के 10।
- राज्य की 9 सीटों पर 12 मई को मतदान; BJP ने एक दिन पहले अपने पाँच उम्मीदवार घोषित किए थे।
- प्रज्ञा सातव ने दिसंबर 2025 में कांग्रेस छोड़कर BJP जॉइन की और अब BJP की उम्मीदवार हैं।
मुंबई में 29 अप्रैल 2026 को शिवसेना (यूबीटी) ने आगामी महाराष्ट्र विधान परिषद चुनाव के लिए अंबादास दानवे को महा विकास अघाड़ी (एमवीए) का आधिकारिक उम्मीदवार घोषित कर दिया। पार्टी प्रमुख उद्धव ठाकरे पर खुद चुनाव लड़ने का दबाव था, लेकिन उन्होंने यह जिम्मेदारी दानवे को सौंपने का फैसला किया।
उम्मीदवारी की घोषणा
विधायक आदित्य ठाकरे ने पत्रकारों को जानकारी देते हुए कहा, ''अंबादास दानवे महा विकास अघाड़ी के आधिकारिक उम्मीदवार होंगे। यह फैसला शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने लिया है।'' उन्होंने स्पष्ट किया कि उद्धव ठाकरे पर स्वयं चुनाव लड़ने का काफी दबाव था, किंतु अंतिम निर्णय उन्हीं का था।
राज्यसभा सांसद संजय राउत ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर दानवे के नाम की पुष्टि करते हुए बताया कि वे गुरुवार, 30 अप्रैल को सुबह 11 बजे अपना नामांकन पत्र दाखिल करेंगे।
सहयोगी दलों की प्रतिक्रिया
इससे पहले एमवीए के सहयोगी दल चाहते थे कि उद्धव ठाकरे स्वयं इस सीट से चुनाव लड़ें। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार गुट) — एनसीपी (एसपी) — की नेता सुप्रिया सुले ने सार्वजनिक रूप से उद्धव ठाकरे से विधान परिषद में एमवीए का प्रतिनिधित्व करने की अपील की थी। कांग्रेस ने भी उद्धव ठाकरे के नामांकन को समर्थन देने की घोषणा की थी। हालांकि, इन सुझावों को दरकिनार करते हुए शिवसेना (यूबीटी) ने दानवे के नाम पर मुहर लगाई।
अंबादास दानवे कौन हैं
अंबादास दानवे पूर्व में महाराष्ट्र विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष का दायित्व निभा चुके हैं। शिवसेना (यूबीटी) ने उन्हें इस महत्वपूर्ण सीट के लिए एमवीए का चेहरा बनाया है। गौरतलब है कि उनकी उम्मीदवारी कई हफ्तों की अटकलों के बाद तय हुई है।
चुनावी समीकरण
महा विकास अघाड़ी के पास कुल 46 विधायक हैं — जिनमें शिवसेना (यूबीटी) के 20, कांग्रेस के 16 और एनसीपी (एसपी) के 10 विधायक शामिल हैं। राज्य की 9 सीटों के लिए 12 मई को मतदान होना है। एक अन्य सीट पर भी चुनाव होगा, जहाँ भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने प्रज्ञा सातव को उम्मीदवार बनाया है। प्रज्ञा सातव ने दिसंबर 2025 में कांग्रेस छोड़कर और विधान परिषद सदस्य पद से इस्तीफा देकर BJP में शामिल हुई थीं।
यह ऐसे समय में आया है जब एक दिन पहले ही BJP ने विधान परिषद चुनाव के लिए अपने पाँच उम्मीदवारों के नाम घोषित किए थे। अब राजनीतिक नजरें इस पर टिकी हैं कि कांग्रेस और एनसीपी (एसपी) नामांकन प्रक्रिया के दौरान दानवे को एकजुट और सक्रिय समर्थन देते हैं या नहीं।
आगे क्या होगा
गुरुवार, 30 अप्रैल नामांकन दाखिल करने का अंतिम दिन है। ऐसे में अगले 24 घंटे महाराष्ट्र की राजनीति के लिए निर्णायक साबित हो सकते हैं। 12 मई को होने वाले मतदान से पहले एमवीए की एकजुटता की असली परीक्षा नामांकन प्रक्रिया में ही दिखेगी।