क्या नोएडा पुलिस ने अंतर्राज्यीय चोरी गिरोह का पर्दाफाश किया?

Click to start listening
क्या नोएडा पुलिस ने अंतर्राज्यीय चोरी गिरोह का पर्दाफाश किया?

सारांश

नोएडा में पुलिस ने एक अंतर्राज्यीय चोरी गिरोह का पर्दाफाश किया है। तीन शातिर अभियुक्तों को गिरफ्तार कर उनके पास से 2.5 लाख रुपए का चोरी का सामान और अवैध हथियार बरामद किए गए। यह गिरोह कंपनियों में चोरी के लिए सक्रिय था।

Key Takeaways

  • नोएडा पुलिस ने अंतर्राज्यीय चोरी गिरोह का पर्दाफाश किया।
  • गिरफ्तार अभियुक्तों के कब्जे से 2.5 लाख रुपए का चोरी का सामान बरामद किया गया।
  • गिरोह ने दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में सक्रियता दिखाई थी।
  • पुलिस ने 31 दिसंबर 2025 को कार्रवाई की थी।
  • अभियुक्तों का आपराधिक इतिहास काफी लंबा है।

नोएडा, 1 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। नोएडा के थाना फेस-2 क्षेत्र में पुलिस ने एक महत्वपूर्ण सफलता प्राप्त करते हुए कंपनियों में चोरी करने वाले एक अंतर्राज्यीय गिरोह का खुलासा किया है। पुलिस ने इस गिरोह के तीन शातिर सदस्यों को गिरफ्तार किया और उनके कब्जे से लगभग 2.5 लाख रुपए मूल्य का चोरी का सामान, अवैध हथियार, चोरी में इस्तेमाल होने वाले औजार और एक कार बरामद की है।

यह कार्रवाई 31 दिसंबर 2025 को मैनुअल इंटेलिजेंस और गोपनीय सूचना के आधार पर की गई। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार अभियुक्तों में अशोक भाटी, सचिन उर्फ विशाल और वसीम मलिक शामिल हैं। तीनों को ट्रांसपोर्ट नगर सेक्टर-88 के पास से पकड़ा गया। इनके पास से 41 बंडल बिजली के तार, 61 लोहे की प्लेटें, 120 स्टील की पत्तियां मिली हैं, जिनकी अनुमानित कीमत करीब 2.5 लाख रुपए है। इसके अलावा, तीन अवैध चाकू, चोरी में इस्तेमाल होने वाली ग्राइंडर मशीन, हथौड़ी, छैनी, लोहे की कटर और घटना में इस्तेमाल की गई कार भी बरामद की गई है।

पुलिस की पूछताछ में सामने आया कि यह गिरोह दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में स्थित बंद और बिना सुरक्षा गार्ड वाली कंपनियों की पहले रेकी करता था। मौका मिलते ही रात के अंधेरे में कंपनियों के शटर के ताले को काटकर अंदर प्रवेश करता और वहां रखा कीमती सामान जैसे बिजली के तार, लोहे की प्लेटें और स्टील की पत्तियां चुरा लेता था। चोरी का सामान कार में भरकर ले जाया जाता और बाद में विभिन्न स्थानों पर बेहतर दाम मिलने पर बेच दिया जाता था।

पुलिस से बचने के लिए अभियुक्त लगातार स्थान बदलते रहते थे और आपस में संपर्क के लिए इंटरनेट कॉलिंग का इस्तेमाल करते थे, ताकि उनकी लोकेशन ट्रेस न हो सके। चोरी से पहले ये लोग अपनी कार की नंबर प्लेट पर टेप लगाकर उसे छिपा देते थे, जिससे वाहन की पहचान मुश्किल हो जाती थी। पुलिस ने बताया कि चोरी से मिलने वाली रकम को अभियुक्त अपने शौक पूरे करने में खर्च करते थे। गिरफ्तार अभियुक्तों का आपराधिक इतिहास भी काफी लंबा है।

तीनों के खिलाफ पहले से ही गौतमबुद्धनगर, बुलंदशहर, हापुड़ और दिल्ली के विभिन्न थानों में चोरी, लूट, आर्म्स एक्ट और गैंगस्टर एक्ट सहित दर्जनों मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस ने अभियुक्तों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।

Point of View

बल्कि समाज के लिए भी एक सुरक्षा का संकेत है। हमें इस मुद्दे पर सतर्क रहना चाहिए और अपनी सुरक्षा को प्राथमिकता देनी चाहिए।
NationPress
01/01/2026

Frequently Asked Questions

गिरफ्तार अभियुक्त कौन हैं?
गिरफ्तार अभियुक्तों में अशोक भाटी, सचिन उर्फ विशाल और वसीम मलिक शामिल हैं।
पुलिस ने क्या सामान बरामद किया?
पुलिस ने करीब 2.5 लाख रुपए का चोरी का सामान, अवैध हथियार, और अन्य औजार बरामद किए।
यह गिरोह किस प्रकार से चोरी करता था?
यह गिरोह बिना सुरक्षा गार्ड वाली कंपनियों की रेकी करता था और रात के अंधेरे में चोरी करता था।
पुलिस ने कार्रवाई कब की?
पुलिस ने यह कार्रवाई 31 दिसंबर 2025 को की थी।
क्या अभियुक्तों का कोई आपराधिक इतिहास है?
हाँ, गिरफ्तार अभियुक्तों का आपराधिक इतिहास काफी लंबा है।
Nation Press