नोएडा सेक्टर-95 अंडरपास में 4-5 फीट जलभराव, कार फंसी; शीशा तोड़कर सभी यात्री सुरक्षित निकले
सारांश
मुख्य बातें
नोएडा के सेक्टर-95 स्थित अंडरपास में 12 अक्टूबर 2026 को भारी बारिश के बाद 4 से 5 फीट तक पानी भर जाने से एक रेनॉल्ट ट्राइबर कार जलभराव के बीच फंस गई। कार में सवार यात्री कुछ देर तक पानी के बीच घिरे रहे, जिसके बाद उन्होंने स्वयं कार का शीशा तोड़कर बाहर निकलने का रास्ता बनाया। राहत की बात यह रही कि घटना में कोई भी व्यक्ति हताहत नहीं हुआ और सभी यात्री सुरक्षित बच गए।
घटनाक्रम: कैसे फंसी कार
पुलिस के अनुसार, कार में सवार लोग गुरुग्राम से बुलंदशहर की ओर जा रहे थे। रास्ते में सेक्टर-95 अंडरपास में पानी भरा होने का अंदाजा न लगा पाने के कारण वे आगे बढ़ते चले गए और वाहन जलमग्न हो गया। पानी की गहराई अधिक होने के चलते कार आगे-पीछे नहीं हो सकी। ऐसे में यात्रियों ने सूझबूझ दिखाते हुए शीशा तोड़कर स्वयं को सुरक्षित बाहर निकाला।
पुलिस और फायर ब्रिगेड की त्वरित कार्रवाई
थाना फेस-1 क्षेत्र को डायल-112 के माध्यम से सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और फायर सर्विस यूनिट की टीमें मौके पर रवाना हो गईं। अधिकारियों के अनुसार, जब दोनों दल घटनास्थल पर पहुँचे, तब तक कार सवार स्वयं बाहर आ चुके थे। इसके बाद बचाव अभियान चलाते हुए कार को रस्सी की मदद से पानी से बाहर खींचा गया।
सेक्टर-95 अंडरपास: बार-बार की समस्या
गौरतलब है कि सेक्टर-95 अंडरपास में बारिश के बाद जलभराव की यह कोई पहली घटना नहीं है। पूर्व में भी यहाँ पानी भरने के कारण कई वाहन फंस चुके हैं। यह ऐसे समय में आया है जब नोएडा में मानसून के दौरान अंडरपास और निचली सड़कों पर जलनिकासी की विफलता एक नियमित समस्या बन चुकी है। बार-बार इसी अंडरपास में जलभराव होने से स्पष्ट है कि स्थायी समाधान अब तक नहीं निकाला गया है।
नोएडा प्राधिकरण की जलनिकासी व्यवस्था पर सवाल
इस घटना के बाद नोएडा प्राधिकरण की जलनिकासी व्यवस्था को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। 4 से 5 फीट की गहराई तक पानी भरने की स्थिति में किसी भी वाहन चालक के लिए जोखिम अत्यधिक बढ़ जाता है, और बिना गहराई का अंदाजा लगाए आगे बढ़ना जानलेवा हो सकता है। आलोचकों का कहना है कि यदि पहले से ही चेतावनी बोर्ड या पानी की गहराई मापने के संकेतक लगाए जाते, तो इस तरह की स्थिति से बचा जा सकता था।
आगे क्या
इस घटना में यात्रियों की सूझबूझ और समय पर आपात सेवाओं की प्रतिक्रिया ने बड़े हादसे को टाल दिया। हालाँकि, जब तक सेक्टर-95 अंडरपास में जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान नहीं निकाला जाता, वाहन चालकों के लिए यह जगह खतरनाक बनी रहेगी। नोएडा प्राधिकरण से अपेक्षा की जा रही है कि वह मानसून के शेष समय और आगामी वर्षों के लिए ठोस जलनिकासी योजना लागू करे।