नोएडा अंडरपास जलभराव: सेक्टर-150 से 162 तक डूबे अंडरपास, सैकड़ों नंबर प्लेट फुटपाथ पर मिलीं
सारांश
मुख्य बातें
नोएडा में 10 अगस्त को हुई भारी बारिश के बाद सेक्टर-150 से सेक्टर-162 के बीच के अंडरपास पूरी तरह जलमग्न हो गए, जिससे सैकड़ों वाहन पानी में फंस गए और बड़ी संख्या में नंबर प्लेट वाहनों से निकलकर बह गईं। नॉलेज पार्क थाना क्षेत्र में बाद में फुटपाथ और दीवारों के किनारे बिखरी नंबर प्लेटों का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हुआ, जिसने शहर की जलनिकासी व्यवस्था पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
मुख्य घटनाक्रम
बारिश के दौरान एनपीएक्स प्लाजा-सफीपुर अंडरपास और सेक्टर-148 अंडरपास पूरी तरह पानी में डूब गए। जलभराव इतना गहरा था कि पानी वाहनों के निचले हिस्से तक पहुँच गया, जिसके कारण कई वाहनों की नंबर प्लेट तेज़ बहाव में निकलकर बह गईं। कई वाहन बीच रास्ते में ही बंद हो गए और चालकों को अपने वाहन खींचकर निकालने में काफी मशक्कत करनी पड़ी।
वायरल वीडियो में सड़क किनारे फुटपाथ और दीवार के पास बड़ी संख्या में नंबर प्लेट रखी हुई दिखाई दे रही हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार, पानी उतरने के बाद उन्होंने ये नंबर प्लेट पानी से निकालकर एक सुरक्षित स्थान पर एकत्र कर दीं, ताकि वाहन मालिक उन्हें वापस ले सकें।
नोएडा प्राधिकरण की प्रतिक्रिया
जलभराव की गंभीर स्थिति सामने आने के बाद नोएडा प्राधिकरण ने अंडरपास में जमा पानी निकालने के लिए पंप लगाए। पंपों की सहायता से पानी बाहर निकाला गया, हालाँकि तब तक वाहन चालकों को घंटों परेशानी झेलनी पड़ चुकी थी। प्राधिकरण की ओर से इस बारे में कोई आधिकारिक बयान अभी तक सामने नहीं आया है।
आम जनता पर असर
सेक्टर-150 से 162 के बीच आने-जाने वाले हज़ारों लोगों को भारी जलभराव के कारण लंबे समय तक परेशानी का सामना करना पड़ा। कई वाहन सवारों को अपने वाहन बीच रास्ते में छोड़कर पैदल निकलना पड़ा। कुछ वाहन पानी में खराब भी हो गए, जिससे वाहन मालिकों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा।
यह ऐसे समय में आया है जब मानसून के दौरान नोएडा के अंडरपासों में जलभराव की शिकायतें लगातार सामने आती रही हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि हर बारिश के मौसम में यही स्थिति दोहराई जाती है, लेकिन स्थायी समाधान नहीं निकाला जाता।
जलनिकासी व्यवस्था पर सवाल
गौरतलब है कि नोएडा जैसे नियोजित शहर में जलनिकासी की पर्याप्त व्यवस्था होने का दावा किया जाता है, लेकिन हर मानसून में अंडरपास जलमग्न होने की घटनाएँ इस दावे पर प्रश्नचिह्न लगाती हैं। सेक्टर-148 सहित कई अंडरपासों में बारिश के दौरान पानी भरने की समस्या वर्षों से बनी हुई है।
सैकड़ों नंबर प्लेटों का एक ही स्थान पर मिलना इस बात का प्रत्यक्ष प्रमाण है कि जलभराव किस हद तक गंभीर था। स्थानीय निवासियों की माँग है कि अंडरपासों में स्थायी ड्रेनेज समाधान लागू किए जाएँ, ताकि भविष्य में इस तरह की स्थिति न बने।
क्या होगा आगे
नॉलेज पार्क थाना क्षेत्र में बड़ी संख्या में नंबर प्लेट मिलने के बाद स्थानीय स्तर पर इस मुद्दे को लेकर चर्चा तेज़ हो गई है। वाहन मालिक अपनी-अपनी नंबर प्लेट की तलाश में जुटे हैं। नोएडा प्राधिकरण पर अब दबाव है कि वह अंडरपास जलभराव की स्थायी समस्या के समाधान के लिए ठोस कदम उठाए।