10 अगस्त 2026
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नोएडा अंडरपास जलभराव: सेक्टर-150 से 162 तक डूबे अंडरपास, सैकड़ों नंबर प्लेट फुटपाथ पर मिलीं

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नोएडा अंडरपास जलभराव: सेक्टर-150 से 162 तक डूबे अंडरपास, सैकड़ों नंबर प्लेट फुटपाथ पर मिलीं

सारांश

नोएडा में भारी बारिश के बाद सेक्टर-150 से 162 के अंडरपास डूब गए — और पानी उतरने के बाद फुटपाथ पर बिखरी सैकड़ों नंबर प्लेटों ने शहर की जलनिकासी व्यवस्था की पोल खोल दी। एनपीएक्स प्लाजा-सफीपुर अंडरपास का वायरल वीडियो अब नोएडा प्राधिकरण के लिए असुविधाजनक सवाल बन गया है।

मुख्य बातें

10 अगस्त को भारी बारिश के बाद नोएडा के सेक्टर-150 से सेक्टर-162 के बीच कई अंडरपास जलमग्न हो गए।
एनपीएक्स प्लाजा-सफीपुर अंडरपास और सेक्टर-148 अंडरपास भी बारिश के दौरान पानी में डूब गए।
तेज़ बहाव में वाहनों से निकली सैकड़ों नंबर प्लेट बाद में फुटपाथ और दीवारों के पास मिलीं।
नोएडा प्राधिकरण ने पंप लगाकर अंडरपास का पानी निकाला, लेकिन स्थायी समाधान अभी नहीं।
स्थानीय निवासियों ने अंडरपास जलभराव के स्थायी ड्रेनेज समाधान की माँग की है।

नोएडा में 10 अगस्त को हुई भारी बारिश के बाद सेक्टर-150 से सेक्टर-162 के बीच के अंडरपास पूरी तरह जलमग्न हो गए, जिससे सैकड़ों वाहन पानी में फंस गए और बड़ी संख्या में नंबर प्लेट वाहनों से निकलकर बह गईं। नॉलेज पार्क थाना क्षेत्र में बाद में फुटपाथ और दीवारों के किनारे बिखरी नंबर प्लेटों का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हुआ, जिसने शहर की जलनिकासी व्यवस्था पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

मुख्य घटनाक्रम

बारिश के दौरान एनपीएक्स प्लाजा-सफीपुर अंडरपास और सेक्टर-148 अंडरपास पूरी तरह पानी में डूब गए। जलभराव इतना गहरा था कि पानी वाहनों के निचले हिस्से तक पहुँच गया, जिसके कारण कई वाहनों की नंबर प्लेट तेज़ बहाव में निकलकर बह गईं। कई वाहन बीच रास्ते में ही बंद हो गए और चालकों को अपने वाहन खींचकर निकालने में काफी मशक्कत करनी पड़ी।

वायरल वीडियो में सड़क किनारे फुटपाथ और दीवार के पास बड़ी संख्या में नंबर प्लेट रखी हुई दिखाई दे रही हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार, पानी उतरने के बाद उन्होंने ये नंबर प्लेट पानी से निकालकर एक सुरक्षित स्थान पर एकत्र कर दीं, ताकि वाहन मालिक उन्हें वापस ले सकें।

नोएडा प्राधिकरण की प्रतिक्रिया

जलभराव की गंभीर स्थिति सामने आने के बाद नोएडा प्राधिकरण ने अंडरपास में जमा पानी निकालने के लिए पंप लगाए। पंपों की सहायता से पानी बाहर निकाला गया, हालाँकि तब तक वाहन चालकों को घंटों परेशानी झेलनी पड़ चुकी थी। प्राधिकरण की ओर से इस बारे में कोई आधिकारिक बयान अभी तक सामने नहीं आया है।

आम जनता पर असर

सेक्टर-150 से 162 के बीच आने-जाने वाले हज़ारों लोगों को भारी जलभराव के कारण लंबे समय तक परेशानी का सामना करना पड़ा। कई वाहन सवारों को अपने वाहन बीच रास्ते में छोड़कर पैदल निकलना पड़ा। कुछ वाहन पानी में खराब भी हो गए, जिससे वाहन मालिकों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा।

यह ऐसे समय में आया है जब मानसून के दौरान नोएडा के अंडरपासों में जलभराव की शिकायतें लगातार सामने आती रही हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि हर बारिश के मौसम में यही स्थिति दोहराई जाती है, लेकिन स्थायी समाधान नहीं निकाला जाता।

जलनिकासी व्यवस्था पर सवाल

गौरतलब है कि नोएडा जैसे नियोजित शहर में जलनिकासी की पर्याप्त व्यवस्था होने का दावा किया जाता है, लेकिन हर मानसून में अंडरपास जलमग्न होने की घटनाएँ इस दावे पर प्रश्नचिह्न लगाती हैं। सेक्टर-148 सहित कई अंडरपासों में बारिश के दौरान पानी भरने की समस्या वर्षों से बनी हुई है।

सैकड़ों नंबर प्लेटों का एक ही स्थान पर मिलना इस बात का प्रत्यक्ष प्रमाण है कि जलभराव किस हद तक गंभीर था। स्थानीय निवासियों की माँग है कि अंडरपासों में स्थायी ड्रेनेज समाधान लागू किए जाएँ, ताकि भविष्य में इस तरह की स्थिति न बने।

क्या होगा आगे

नॉलेज पार्क थाना क्षेत्र में बड़ी संख्या में नंबर प्लेट मिलने के बाद स्थानीय स्तर पर इस मुद्दे को लेकर चर्चा तेज़ हो गई है। वाहन मालिक अपनी-अपनी नंबर प्लेट की तलाश में जुटे हैं। नोएडा प्राधिकरण पर अब दबाव है कि वह अंडरपास जलभराव की स्थायी समस्या के समाधान के लिए ठोस कदम उठाए।

संपादकीय दृष्टिकोण

फिर भी हर मानसून में अंडरपास तालाब बन जाते हैं — यह विरोधाभास अब महज़ असुविधा नहीं, बल्कि प्रशासनिक विफलता का दस्तावेज़ है। सैकड़ों नंबर प्लेटों का एक जगह जमा होना केवल एक वायरल दृश्य नहीं है; यह इस बात का भौतिक प्रमाण है कि जलभराव किस गहराई तक पहुँचा। नोएडा प्राधिकरण हर बार पंप लगाकर तात्कालिक राहत देता है, लेकिन संरचनात्मक ड्रेनेज सुधार की फाइलें धूल खाती रहती हैं। जब तक जवाबदेही तय नहीं होती और अंडरपास डिज़ाइन में बुनियादी बदलाव नहीं आते, यह दृश्य अगले मानसून में भी दोहराया जाएगा।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नोएडा के अंडरपास में जलभराव कब और क्यों हुआ?
10 अगस्त को हुई भारी बारिश के कारण नोएडा के सेक्टर-150 से सेक्टर-162 के बीच के अंडरपास जलमग्न हो गए। जलनिकासी की पर्याप्त व्यवस्था न होने के कारण पानी तेज़ी से जमा हुआ और वाहन फंस गए।
नोएडा अंडरपास में नंबर प्लेट कैसे गिरीं?
जलभराव इतना गहरा था कि पानी वाहनों के निचले हिस्से तक पहुँच गया और तेज़ बहाव में कई वाहनों की नंबर प्लेट निकलकर बह गईं। बाद में स्थानीय लोगों ने इन्हें पानी से निकालकर फुटपाथ और दीवारों के पास सुरक्षित रख दिया।
वायरल वीडियो किस अंडरपास का है?
वायरल वीडियो एनपीएक्स प्लाजा-सफीपुर अंडरपास के आसपास का बताया जा रहा है, जहाँ फुटपाथ और दीवार के पास बड़ी संख्या में नंबर प्लेट रखी हुई दिखाई दे रही हैं। यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हुआ।
नोएडा प्राधिकरण ने जलभराव पर क्या कदम उठाए?
नोएडा प्राधिकरण ने अंडरपास में जमा पानी निकालने के लिए पंप लगाए और पानी बाहर निकाला। हालाँकि स्थायी ड्रेनेज समाधान को लेकर कोई ठोस घोषणा अभी तक नहीं की गई है।
स्थानीय निवासियों की क्या माँग है?
स्थानीय निवासियों की माँग है कि बारिश के दौरान अंडरपास में पानी जमा न हो, इसके लिए स्थायी ड्रेनेज समाधान लागू किया जाए। उनका कहना है कि हर मानसून में यही स्थिति दोहराई जाती है और प्राधिकरण को इसका दीर्घकालिक हल निकालना चाहिए।
राष्ट्र प्रेस
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