क्या युवराज मेहता की मौत के मामले में बिल्डर ग्रुप से जुड़े दो प्रमोटर गिरफ्तार हुए?
सारांश
Key Takeaways
- युवराज मेहता की मौत के मामले में दो बिल्डर प्रमोटर गिरफ्तार हुए हैं।
- पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए विशेष अभियान चलाया।
- आरोपियों का आपराधिक इतिहास खंगाला जा रहा है।
- मामले में और भी गिरफ्तारियों की संभावना है।
नोएडा, 22 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। ग्रेटर नोएडा के नॉलेज पार्क क्षेत्र में सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की मौत के मामले में पुलिस ने दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। ये दोनों आरोपी एक बिल्डर ग्रुप से जुड़े प्रमोटर बताए जा रहे हैं।
पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार अभियुक्तों की पहचान रवि बंसल और सचिन करनवाल के रूप में हुई है। इन पर आपराधिक मानव वध के गंभीर आरोप लगे हैं। पुलिस कमिश्नरेट गौतमबुद्धनगर के पुलिस आयुक्त के निर्देश पर वांछित अपराधियों के खिलाफ विशेष अभियान के तहत यह कार्रवाई की गई।
इस ऑपरेशन का पर्यवेक्षण पुलिस उपायुक्त ग्रेटर नोएडा और अपर पुलिस उपायुक्त ग्रेटर नोएडा द्वारा किया गया, जबकि सहायक पुलिस आयुक्त ग्रेटर नोएडा प्रथम के नेतृत्व में थाना नॉलेज पार्क पुलिस टीम ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया। पहला आरोपी रवि बंसल पुत्र प्रकाश चंद है, जो हरियाणा के फरीदाबाद स्थित मंगलम रेजिडेंसी अपार्टमेंट के फ्लैट नंबर डी-76 का निवासी है। वहीं, दूसरा आरोपी सचिन करनवाल पुत्र गोपाल करनवाल है, जो गाजियाबाद के शालीमार गार्डन एक्सटेंशन-2, साहिबाबाद स्थित फ्लैट नंबर बी-6, बिल्डिंग नंबर ए-11 का निवासी है। पुलिस के अनुसार, दोनों आरोपी लोटस ग्रीन कंपनी से जुड़े प्रमोटर हैं।
ज्ञात हो कि यह मामला 16 और 17 जनवरी 2026 की रात का है, जब पेशे से एक इंजीनियर युवराज मेहता (27) की मौत हो गई थी। आरोप है कि बिल्डर और उसके सहयोगियों द्वारा निर्माण स्थल पर गंभीर लापरवाही बरती गई थी। प्लॉट में भारी मात्रा में पानी भरा हुआ था, जिसमें डूबने से युवराज की मौत हो गई। इस मामले में थाना नॉलेज पार्क में केस दर्ज किया गया था।
पुलिस ने दोनों आरोपियों को आपराधिक मानव वध के लिए वांछित मानते हुए गिरफ्तार किया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों का आपराधिक इतिहास खंगाला जा रहा है और सभी पहलुओं की जांच जारी है।
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार अभियुक्तों को नियमानुसार समय से संबंधित माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया जा रहा है। मामले में आगे और भी गिरफ्तारियां हो सकती हैं, क्योंकि जांच में कई अहम तथ्य सामने आने की संभावना जताई जा रही है।