15 अक्टूबर 2026
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एनएसयूआई कार्यकर्ता अतिरा विजयन मामले में केरल पुलिस ने दर्ज की जीरो एफआईआर, BNS की 8 धाराएं लगाईं

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एनएसयूआई कार्यकर्ता अतिरा विजयन मामले में केरल पुलिस ने दर्ज की जीरो एफआईआर, BNS की 8 धाराएं लगाईं

सारांश

दिल्ली के कनॉट प्लेस में एनएसयूआई के विरोध प्रदर्शन के दौरान कथित तौर पर पुलिस हिरासत में हुए उत्पीड़न के आरोपों के बाद केरल पुलिस ने जीरो एफआईआर दर्ज की। BNS की 8 धाराओं के तहत दर्ज यह मामला अब दिल्ली पुलिस को स्थानांतरित होगा।

मुख्य बातें

15 अक्टूबर 2026 को तिरुवनंतपुरम के म्यूजियम पुलिस स्टेशन में जीरो एफआईआर दर्ज की गई।
BNS की धाराएं 74, 76, 115, 117, 126, 296(b), 351(3) और 3(5) के तहत मामला दर्ज।
कथित घटना नई दिल्ली के कनॉट प्लेस में एनएसयूआई के विरोध प्रदर्शन के दौरान हुई।
अतिरा विजयन ने आरोप लगाया कि पुलिस वैन और थाने में मारपीट की गई तथा शॉल कसने से सांस लेने में कठिनाई हुई।
जीरो एफआईआर अब जाँच के लिए दिल्ली पुलिस के संबंधित थाने को स्थानांतरित की जाएगी।

तिरुवनंतपुरम के म्यूजियम पुलिस स्टेशन में 15 अक्टूबर 2026 को एनएसयूआई कार्यकर्ता अतिरा विजयन के कथित उत्पीड़न मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की 8 धाराओं के तहत जीरो एफआईआर दर्ज की गई है। यह कार्रवाई केरल के राज्य पुलिस प्रमुख को दी गई अतिरा की शिकायत के आधार पर हुई है। कथित घटना नई दिल्ली के कनॉट प्लेस में एनएसयूआई के एक विरोध प्रदर्शन के दौरान हुई बताई जाती है।

मुख्य घटनाक्रम

पुलिस के अनुसार, म्यूजियम पुलिस स्टेशन में BNS की धाराएं 74, 76, 115, 117, 126, 296(b), 351(3) और 3(5) के तहत मामला दर्ज किया गया है। जीरो एफआईआर वह प्रक्रिया है जिसके तहत किसी घटना की शिकायत उस थाने में दर्ज होती है जो उस क्षेत्र के अधिकार क्षेत्र में नहीं आता। इसके बाद मामले को जाँच के लिए संबंधित थाने को स्थानांतरित किया जाता है।

गौरतलब है कि अतिरा विजयन केरल की निवासी हैं, इसलिए उन्होंने दिल्ली की बजाय केरल के पुलिस प्रमुख के समक्ष शिकायत दर्ज कराई। प्रक्रिया के अनुसार अब यह एफआईआर दिल्ली पुलिस के संबंधित थाने को भेजी जाएगी।

अतिरा के आरोप

एफआईआर में अतिरा विजयन ने कथित तौर पर आरोप लगाया है कि विरोध प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिए जाने के बाद पुलिस वैन के अंदर और थाने में उनके साथ मारपीट की गई। शिकायत के अनुसार, महिला पुलिसकर्मियों ने उन्हें सड़क पर घसीटा और थाने ले जाकर थप्पड़ मारे।

शिकायत में यह भी आरोप है कि उनके गले में पहने शॉल को जानबूझकर कसा गया, जिससे उन्हें सांस लेने में कठिनाई हुई। उनके अनुसार उस समय मौजूद अन्य पुलिसकर्मियों ने न तो इसे रोका और न ही उनकी सहायता की। ये सभी आरोप शिकायत पर आधारित हैं और अभी जाँच के अधीन हैं।

कानूनी पहलू और प्रक्रिया

जीरो एफआईआर का प्रावधान इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि यह पीड़ित को तत्काल कानूनी राहत देता है, चाहे घटना किसी भी राज्य में हुई हो। BNS की जिन धाराओं में मामला दर्ज हुआ है, वे मारपीट, उत्पीड़न, महिला की गरिमा को ठेस पहुँचाने और सामूहिक आपराधिक दायित्व से संबंधित हैं। यह ऐसे समय में आया है जब पुलिस हिरासत में महिलाओं के साथ व्यवहार को लेकर देशभर में गंभीर सवाल उठाए जाते रहे हैं।

आगे की कार्रवाई

शिकायत में लगाए गए आरोपों की जाँच के बाद ही घटना के तथ्य और संबंधित पुलिसकर्मियों की भूमिका स्पष्ट हो सकेगी। मामले को अब नई दिल्ली के संबंधित थाने को स्थानांतरित किए जाने की प्रक्रिया शुरू हो सकती है। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि दिल्ली पुलिस इस जीरो एफआईआर पर आगे क्या कदम उठाती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जिसके कर्मियों पर आरोप लगे हैं, इस मामले की जाँच में कितनी निष्पक्षता बरतती है — यह हितों के टकराव का स्पष्ट उदाहरण है।
RashtraPress
15 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अतिरा विजयन कौन हैं और उनके साथ क्या हुआ?
अतिरा विजयन एनएसयूआई की कार्यकर्ता हैं। उनका आरोप है कि नई दिल्ली के कनॉट प्लेस में एनएसयूआई के एक विरोध प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिए जाने के बाद पुलिस वैन और थाने में उनके साथ मारपीट की गई तथा उनके शॉल को कसा गया जिससे सांस लेने में कठिनाई हुई।
जीरो एफआईआर क्या होती है और यह सामान्य एफआईआर से अलग कैसे है?
जीरो एफआईआर वह शिकायत है जो उस थाने में दर्ज होती है जिसके अधिकार क्षेत्र में घटना नहीं हुई हो। इसे बाद में जाँच के लिए संबंधित क्षेत्र के थाने को स्थानांतरित किया जाता है। इसका उद्देश्य पीड़ित को तत्काल कानूनी राहत देना है।
केरल पुलिस ने किन धाराओं में एफआईआर दर्ज की है?
तिरुवनंतपुरम के म्यूजियम पुलिस स्टेशन में BNS की धाराएं 74, 76, 115, 117, 126, 296(b), 351(3) और 3(5) के तहत जीरो एफआईआर दर्ज की गई है। ये धाराएं मारपीट, उत्पीड़न और महिला की गरिमा को ठेस पहुँचाने से संबंधित हैं।
इस मामले में आगे क्या होगा?
जीरो एफआईआर दर्ज होने के बाद यह मामला दिल्ली पुलिस के संबंधित थाने को स्थानांतरित किया जाएगा, जहाँ आगे की जाँच होगी। शिकायत में लगाए गए आरोपों की जाँच के बाद ही संबंधित पुलिसकर्मियों की भूमिका स्पष्ट हो सकेगी।
शिकायत किसके सामने दर्ज कराई गई थी?
अतिरा विजयन ने केरल के राज्य पुलिस प्रमुख को शिकायत दी थी। उसी शिकायत के आधार पर तिरुवनंतपुरम के म्यूजियम पुलिस स्टेशन में 15 अक्टूबर 2026 को जीरो एफआईआर दर्ज की गई।
राष्ट्र प्रेस
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