एनटीए ने एआईएपीजीईटी गड़बड़ी पर एडुक्विटी को नोटिस जारी किया, 49 परीक्षार्थियों की री-एग्जाम 1 सितंबर को
सारांश
मुख्य बातें
राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) ने 22 अगस्त 2026 को जयपुर के श्री सत्य साईं पीजी कॉलेज केंद्र पर अखिल भारतीय आयुष स्नातकोत्तर प्रवेश परीक्षा (एआईएपीजीईटी) के दौरान हुई तकनीकी गड़बड़ी के लिए परीक्षा संचालन एजेंसी एडुक्विटी करियर टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। बिजली आपूर्ति बाधित होने के कारण उक्त केंद्र पर 49 उम्मीदवार परीक्षा पूरी नहीं कर सके, जिसके बाद एनटीए ने एडुक्विटी का एम्पैनलमेंट तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
मुख्य घटनाक्रम
22 अगस्त 2026 को एनटीए ने देश भर के 200 परीक्षा केंद्रों पर एआईएपीजीईटी की पहली शिफ्ट आयोजित की। परीक्षा के लिए 36,979 उम्मीदवारों ने पंजीकरण कराया था, जिनमें से 35,837 परीक्षा में शामिल हुए और 35,788 की परीक्षा सफलतापूर्वक संपन्न हुई।
हालांकि, जयपुर के श्री सत्य साईं पीजी कॉलेज केंद्र पर परीक्षा के दौरान बिजली चली जाने से 192 में से 49 उम्मीदवार अपनी परीक्षा पूरी नहीं कर सके। एनटीए ने स्पष्ट किया कि यह चूक परीक्षा संचालन की जिम्मेदारी संभाल रही एजेंसी एडुक्विटी करियर टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड की ओर से हुई।
एनटीए की कार्रवाई
एनटीए ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक आधिकारिक पोस्ट के माध्यम से पूरी स्थिति का ब्यौरा सार्वजनिक किया। एजेंसी ने अपनी पोस्ट में कहा, "यह समस्या परीक्षा आयोजित करने वाली एजेंसी, एडुक्विटी करियर टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड की वजह से हुई थी।"
एनटीए ने प्रभावित उम्मीदवारों से खेद व्यक्त करते हुए घोषणा की कि जब तक कारण बताओ नोटिस पर अंतिम निर्णय नहीं हो जाता, तब तक एडुक्विटी का एनटीए के साथ एम्पैनलमेंट तत्काल प्रभाव से निलंबित रहेगा।
प्रभावित उम्मीदवारों के लिए री-एग्जाम
जिन 49 उम्मीदवारों की परीक्षा अधूरी रह गई, उनके लिए पुनः परीक्षा 1 सितंबर 2026 को सुबह 10 बजे राजस्थान कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग फॉर वुमेन, जयपुर में आयोजित की जाएगी। एनटीए ने बताया कि इन उम्मीदवारों के लिए संशोधित प्रवेश पत्र (एडमिट कार्ड) की जानकारी शीघ्र ही उपलब्ध कराई जाएगी।
व्यापक संदर्भ
गौरतलब है कि एनटीए पिछले कुछ वर्षों से परीक्षा संचालन को लेकर गंभीर सवालों के घेरे में रही है। नीट-यूजी विवाद के बाद एजेंसी की साख पर प्रश्नचिह्न लगे थे, और एआईएपीजीईटी की यह घटना उस संदर्भ में और भी महत्वपूर्ण हो जाती है। यह ऐसे समय में आया है जब सरकार परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए कदम उठा रही है। एनटीए की त्वरित कार्रवाई — नोटिस जारी करना और एम्पैनलमेंट निलंबित करना — इस दिशा में एक सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।
आगे देखना होगा कि कारण बताओ नोटिस की प्रक्रिया पूरी होने के बाद एनटीए एडुक्विटी के खिलाफ क्या अंतिम कार्रवाई करती है और प्रभावित उम्मीदवारों की री-एग्जाम निर्बाध रूप से संपन्न होती है या नहीं।