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क्या ओडिशा में बहन बेटियां असुरक्षित हैं? बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ का नारा खोखला है?

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क्या ओडिशा में बहन बेटियां असुरक्षित हैं? बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ का नारा खोखला है?

सारांश

ओडिशा के पुरी में एक नाबालिग लड़की को जिंदा जलाने की घटना ने समाज में हड़कंप मचा दिया है। कांग्रेस विधायक सोफिया फिरदौस ने इस पर तीखा हमला बोला है, यह दर्शाते हुए कि सरकार का 'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ' का नारा असलियत में खोखला है। क्या यह समस्या हमारे समाज की गहरी असुरक्षा को उजागर करती है?

मुख्य बातें

महिलाओं और बच्चियों की सुरक्षा के लिए सख्त कदम उठाने की आवश्यकता है।
सरकार का 'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ' का नारा खोखला साबित हो रहा है।
इस तरह की घटनाएं समाज में हड़कंप मचा देती हैं।
कानून व्यवस्था में सुधार की आवश्यकता है।
पीड़िता के इलाज और सुरक्षा पर गंभीर ध्यान देने की जरूरत है।

पुरी, 19 जुलाई (राष्ट्र प्रेस)। ओडिशा के पुरी में एक नाबालिग लड़की को जिंदा जलाने की च shocking घटना के बाद कांग्रेस विधायक सोफिया फिरदौस ने राज्य सरकार पर कड़ा हमला किया है।

उन्होंने कहा कि एक सप्ताह पहले ऐसी ही एक घटना से लोग अभी उभरे भी नहीं थे कि यह नई घटना सामने आ गई है। इससे जनता में गहरा आक्रोश और असुरक्षा का माहौल है। 16 वर्षीय नाबालिग लड़की किताब लेकर अपने दोस्त के घर जा रही थी। इसी दौरान गांव के तीन बाइक सवारों ने उसे पहले बेहोश किया और फिर सुनसान जगह पर ले जाकर आग के हवाले कर दिया। जब लड़की को होश आया, तो उसने खुद को जलता हुआ पाया। पीड़िता की स्थिति गंभीर बनी हुई है और डॉक्टरों की रिपोर्ट से यह स्पष्ट होगा कि उसके साथ दुष्कर्म हुआ या नहीं। इस घटना ने पूरे क्षेत्र में दहशत फैला दी है।

सोफिया फिरदौस ने कहा कि सरकार का 'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ' का नारा खोखला साबित हो रहा है। ओडिशा में हर दिन महिलाओं और बच्चियों के खिलाफ अत्याचार की घटनाएं सामने आ रही हैं, लेकिन सरकार मूकदर्शक बनी हुई है।

उन्होंने कहा, 'यह घटना दिन के उजाले में हुई है। अगर 16 साल की बच्ची के साथ ऐसा हो सकता है, तो सोचिए राज्य में महिलाएं कितनी सुरक्षित हैं। लोग अब अपनी बहन-बेटियों को घर से बाहर भेजने से डर रहे हैं.'

कांग्रेस विधायक ने राज्य की कानून व्यवस्था पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि इस जघन्य अपराध में शामिल किसी भी आरोपी की अभी तक गिरफ्तारी नहीं हुई है, जो शर्मनाक है। राज्य में कानून व्यवस्था पूरी तरह विफल हो चुकी है। यह सरकार जनता की उम्मीदों और अपेक्षाओं पर खरी नहीं उतर रही है।

वहीं पीड़िता के मामा ने कहा कि हमने पुलिस से गुहार लगाई है कि हमें बच्ची से मुलाकात कराई जाए लेकिन उन्होंने मना कर दिया। उनका कहना है कि हम आपको अंदर नहीं जाने देंगे। हमारी बच्ची अस्पताल के अंदर कैसी है, हम नहीं जानते। हमें बच्ची के बारे में कोई जानकारी नहीं है।

वहीं ओडिशा के सीएम मोहन चरण माझी ने कहा कि बालासोर के बाद पुरी के बलंगा में एक और चौंकाने वाली घटना हुई है, जहां एक नाबालिग लड़की को आग के हवाले कर दिया गया। पुलिस ने गहन जांच शुरू कर दी है। लड़की का फिलहाल एम्स भुवनेश्वर में इलाज चल रहा है और डॉक्टर उसकी जान बचाने की हर संभव कोशिश कर रहे हैं। हम संबंधित विभागीय अधिकारियों के लगातार संपर्क में हैं और उसके स्वास्थ्य और इलाज पर कड़ी नजर रख रहे हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

ताकि हर महिला और बच्ची को सुरक्षित महसूस हो सके। यह आवश्यक है कि सरकार इस मुद्दे पर गंभीरता से ध्यान दे और प्रभावी कदम उठाए।
RashtraPress
27 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ओडिशा में बहन बेटियों की सुरक्षा पर क्या चिंता है?
ओडिशा में महिलाओं और बच्चियों के खिलाफ बढ़ते अपराधों ने सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है।
क्या सरकार ने इस मामले में कोई कार्रवाई की है?
अभी तक इस जघन्य अपराध में शामिल किसी भी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई है, जो चिंता का विषय है।
क्या बेटियों की सुरक्षा के लिए कोई योजना है?
सरकार ने 'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ' योजना शुरू की है, लेकिन इसका प्रभावी कार्यान्वयन आवश्यक है।
राष्ट्र प्रेस
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