ओडिशा विजिलेंस की बड़ी कार्रवाई: कृषि अधिकारी प्रसन्न कुमार पात्र के 8 ठिकानों पर छापे, करोड़ों की संपत्ति जब्त
सारांश
मुख्य बातें
ओडिशा विजिलेंस ने 9 अक्टूबर 2026 को कृषि एवं किसान सशक्तिकरण विभाग के वरिष्ठ अधिकारी प्रसन्न कुमार पात्र के ठिकानों पर एक साथ छापेमारी कर करोड़ों रुपये की चल एवं अचल संपत्ति का खुलासा किया। पात्र वर्तमान में सुंदरगढ़ जिले में उप निदेशक (मृदा संरक्षण) एवं परियोजना निदेशक (वाटरशेड) के पद पर कार्यरत हैं और उन पर आय के ज्ञात स्रोतों से अधिक संपत्ति अर्जित करने का आरोप है।
छापेमारी का विस्तार और कार्रवाई का आधार
विजिलेंस विभाग के बयान के अनुसार, विशेष न्यायाधीश (विजिलेंस), सुंदरगढ़ द्वारा जारी तलाशी वारंट के आधार पर यह अभियान चलाया गया। विजिलेंस की आठ टीमों ने भुवनेश्वर, सुंदरगढ़ और कटक जिलों में पात्र से जुड़े आठ स्थानों पर एक साथ तलाशी ली। इन दलों का नेतृत्व एक अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ने किया, जिनके साथ चार डीएसपी, 13 निरीक्षक, पाँच सहायक उप निरीक्षक (एएसआई) और अन्य कर्मचारी शामिल थे।
गौरतलब है कि यह कार्रवाई एक शिकायत के आधार पर की गई, जिसमें पात्र पर अपनी वैध आय के अनुपात में कहीं अधिक संपत्ति रखने का आरोप लगाया गया था।
बरामद संपत्तियों का ब्यौरा
तलाशी के दौरान अधिकारियों ने पात्र और उनके परिवार के सदस्यों के नाम पर चार दो-मंजिला मकान, भुवनेश्वर में एक 3-बीएचके फ्लैट और शहर के बाहरी इलाकों में सात मूल्यवान भूखंड चिह्नित किए। इन भूखंडों की पंजीकृत बिक्री मूल्य लगभग ₹1 करोड़ बताई गई है, हालाँकि विजिलेंस अधिकारियों को आशंका है कि इनकी वास्तविक बाज़ार कीमत इससे काफी अधिक हो सकती है।
इसके अलावा नकद और आभूषणों की बरामदगी भी हुई — जिसमें 212 ग्राम सोना, लगभग ₹1.30 लाख नकद, करीब ₹1.46 करोड़ की जमा राशि, तीन दोपहिया वाहन और ₹7.72 लाख मूल्य के घरेलू सामान शामिल हैं। जाँच में यह भी सामने आया कि पात्र ने भुवनेश्वर में एक फ्लैट खरीदने के लिए एक रियल एस्टेट कंपनी को ₹29.50 लाख अग्रिम भुगतान किया था।
तकनीकी मूल्यांकन और आगे की जाँच
विजिलेंस के तकनीकी विभाग द्वारा इमारतों, फ्लैट और भूखंडों का मापन, मूल्यांकन और आकलन अभी जारी है। अधिकारियों ने संकेत दिया है कि तलाशी अभियान समाप्त नहीं हुआ है और आगे और संपत्तियों के खुलासे की संभावना है।
यह ऐसे समय में आया है जब ओडिशा में भ्रष्टाचार विरोधी कार्रवाइयों की गति तेज़ हुई है और सरकारी तंत्र में पारदर्शिता को लेकर राजनीतिक दबाव बढ़ा है।
अधिकारी का करियर और पृष्ठभूमि
प्रसन्न कुमार पात्र ने 19 दिसंबर 1995 को भुवनेश्वर स्थित मृदा संरक्षण निदेशक कार्यालय में जूनियर सॉइल कंजर्वेशन ऑफिसर के रूप में सरकारी सेवा में प्रवेश किया था। वर्ष 2024 में उन्हें पदोन्नत कर उप निदेशक (मृदा संरक्षण) बनाया गया और कंधमाल में तैनात किया गया, जहाँ उन्होंने अगस्त 2024 से अप्रैल 2025 तक सेवाएँ दीं। इसके बाद अप्रैल 2025 से वे सुंदरगढ़ में परियोजना निदेशक (वाटरशेड) कार्यालय में उप निदेशक के रूप में कार्यरत हैं।
तीन दशक से अधिक की सरकारी सेवा में अर्जित संपत्ति का यह पैमाना विजिलेंस जाँच के दायरे में है। आगे की कार्रवाई में आपराधिक मुकदमा दर्ज होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।