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क्या हैं ओम प्रकाश साहू की प्रेरक कहानी, जिसे पीएम मोदी ने साझा किया?

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क्या हैं ओम प्रकाश साहू की प्रेरक कहानी, जिसे पीएम मोदी ने साझा किया?

सारांश

झारखंड के गुमला जिले के युवा ओम प्रकाश साहू की कहानी न केवल प्रेरणादायक है, बल्कि यह बताती है कि कठिनाइयों को पार करके कैसे बदलाव लाया जा सकता है। पीएम मोदी ने इस कहानी को अपने कार्यक्रम में साझा किया, जो हर किसी के लिए एक सीख है।

मुख्य बातें

ओम प्रकाश साहू ने नक्सलवाद छोड़कर मछली पालन किया।
उन्होंने अपने दोस्तों को भी प्रेरित किया।
गुमला में मत्स्य पालन क्रांति हुई है।
बंदूक छोड़कर जाल थामने वाले लोग अब सम्मान की जिंदगी जी रहे हैं।
सकारात्मक सोच और मेहनत से बदलाव संभव है।

नई दिल्ली, 27 जुलाई (राष्ट्र प्रेस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम 'मन की बात' के 124वें संस्करण में झारखंड के गुमला जिले के युवा ओम प्रकाश साहू की प्रेरणादायक कहानी साझा की। उन्होंने बताया कि कैसे ओम प्रकाश ने नक्सलवाद का रास्ता छोड़कर मछली पालन के जरिए न केवल अपनी जिंदगी बदली, बल्कि अपने इलाके में बदलाव की नई बयार भी लाए।

पीएम मोदी ने बताया, "मेरे प्यारे देशवासियों, कभी-कभी सबसे ज्यादा रोशनी वहीं से निकलती है, जहां सबसे ज्यादा अंधेरा होता है। ऐसा ही एक उदाहरण झारखंड का गुमला जिला है। एक समय था जब यह इलाका माओवादी हिंसा के लिए जाना जाता था। बसिया प्रखंड के गांव वीरान हो रहे थे। लोग डर के साये में जी रहे थे। रोजगार की कोई संभावना नहीं थी, जमीनें खाली पड़ी थीं और युवा पलायन कर रहे थे... लेकिन फिर, चुपचाप और बहुत धैर्य के साथ एक बदलाव शुरू हुआ। ओम प्रकाश साहू नाम के एक युवक ने हिंसा का रास्ता छोड़ मछली पालन शुरू किया। फिर उन्होंने अपने जैसे कई दोस्तों को भी ऐसा करने के लिए प्रेरित किया। उनके प्रयासों का असर भी हुआ। जो लोग पहले बंदूक थामे रहते थे, उन्होंने अब मछली पकड़ने के जाल थाम लिए हैं।"

पीएम मोदी ने बताया कि ओम प्रकाश का सफर आसान नहीं, बल्कि मुश्किलों भरा रहा। पीएम बोले, "साथियों, ओम प्रकाश साहू की शुरुआत आसान नहीं थी। विरोध प्रदर्शन हुए, धमकियां मिलीं, लेकिन हौसला कम नहीं हुआ। जब 'प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना' शुरू हुई, तो उन्हें नई ताकत मिली। उन्हें सरकार से प्रशिक्षण मिला और तालाब बनाने में मदद मिली... देखते ही देखते गुमला में मत्स्य पालन क्रांति शुरू हो गई। आज बसिया प्रखंड के 150 से ज्यादा परिवार मछली पालन से जुड़ चुके हैं। कई लोग ऐसे भी हैं जो कभी नक्सली संगठन में थे, अब गांव में ही सम्मान की जिंदगी जी रहे हैं और दूसरों को रोजगार दे रहे हैं। गुमला का यह सफर हमें सिखाता है, अगर रास्ता सही हो और मन में विश्वास हो, तो कठिन से कठिन परिस्थितियों में भी विकास का दीया जलाया जा सकता है।"

पीएम ने कहा, "जो लोग पहले बंदूक थामे थे, अब मछली पकड़ने के जाल थाम रहे हैं। ओम प्रकाश की कहानी सिखाती है कि सही रास्ता और दृढ़ विश्वास हो तो सबसे मुश्किल हालात में भी बदलाव लाया जा सकता है। गुमला का यह परिवर्तन विकास की ताकत को दिखाता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि पूरे समुदाय के विकास की कहानी है। हमें ऐसे उदाहरणों से प्रेरणा लेनी चाहिए और समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए प्रयासरत रहना चाहिए।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ओम प्रकाश साहू कौन हैं?
ओम प्रकाश साहू झारखंड के गुमला जिले के एक युवा हैं, जिन्होंने नक्सलवाद का रास्ता छोड़कर मछली पालन शुरू किया।
पीएम मोदी ने ओम प्रकाश की कहानी क्यों साझा की?
पीएम मोदी ने ओम प्रकाश की कहानी को प्रेरणादायक मानते हुए इसे अपने कार्यक्रम में साझा किया, ताकि अन्य लोग भी इससे प्रेरित हों।
गुमला जिले में क्या बदलाव आया है?
गुमला जिले में ओम प्रकाश के प्रयासों से मछली पालन की क्रांति आई है, जिससे कई परिवारों को रोजगार मिला है।
राष्ट्र प्रेस
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