ओपी राजभर का अखिलेश यादव पर वार: 'ललकार कर भागने वाले को भगोड़ा कहते हैं', JPNIC पर भी उठाए सवाल
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश सरकार के पंचायती राज मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने 12 अक्टूबर 2026 को समाजवादी पार्टी (SP) के प्रमुख अखिलेश यादव और 'इंडिया' गठबंधन के मार्च पर तीखा हमला बोला। अंबेडकर नगर में मीडिया से बातचीत के साथ-साथ राजभर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर अखिलेश यादव को सीधे टैग करते हुए पोस्ट किया।
एक्स पर राजभर का सीधा प्रहार
ओम प्रकाश राजभर ने अपनी एक्स पोस्ट में लिखा, 'अखिलेश यादव, इतिहास गवाह है कि ललकार कर भाग जाने वाले को भगोड़ा बोलते हैं! उम्मीद है आप भगोड़े साबित नहीं होंगे। अयोध्या और जहूराबाद आपको पुकार रहा है। क्यों बढ़-चढ़कर और बड़ी-बड़ी करते हैं महाराज?' उन्होंने अखिलेश यादव से माँग की कि वे कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष अजय राय और एक महिला नेता से जुड़े विवाद पर, इमरान मसूद के गिरेबान पर हाथ लगाने के मुद्दे पर और प्रमोद तिवारी के हाथ जोड़कर माफी माँगने की घटना पर स्पष्ट रुख रखें।
राजभर ने कहा, 'खैर, आ रहा है 2027... इस बार आपका और आपके दोस्तों का बड़बोलापन और अहंकार दोनों मटियामेट हो जाएगा। यूपी का स्वाभिमान जीतेगा, 2027 में यूपी जीतेगा।' यह बयान 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों की बढ़ती राजनीतिक तपिश का प्रतिबिंब है।
'इंडिया' गठबंधन के मार्च पर राजभर का आकलन
विपक्षी गठबंधन 'इंडिया' के मार्च पर टिप्पणी करते हुए राजभर ने कहा कि विपक्ष के पास न जनता का समर्थन है और न ही कोई ठोस एजेंडा। उनके अनुसार, 'विपक्ष का आरोप निराधार है, 'इंडिया' गठबंधन के पास एक भी सबूत नहीं है।' उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार एक वर्ष से पद पर हैं, जबकि समाजवादी पार्टी उत्तर प्रदेश से 10 वर्षों से और कांग्रेस 30 वर्षों से सत्ता से बाहर है। राजभर ने कहा कि विपक्ष की 'वोट चोरी' की दलील उसकी अपनी असफलता को ढकने का प्रयास है।
ओवैसी के बयान पर राजभर की प्रतिक्रिया
असदुद्दीन ओवैसी के बयान का समर्थन करते हुए राजभर ने कहा कि मुसलमानों को समाजवादी पार्टी का झंडा उठाने की बजाय अपनी राजनीतिक स्वायत्तता तलाशनी चाहिए। उन्होंने अपने समुदाय का उदाहरण देते हुए कहा कि यूपी में उनके समाज का 3 प्रतिशत वोट है, जिसे एकजुट कर उन्होंने 20 प्रतिशत के बराबर राजनीतिक वज़न बना दिया है। ओवैसी के '99 बनाम 1' वाले बयान पर राजभर ने सवाल उठाया कि अगर मुस्लिम आबादी 20 प्रतिशत है, तो वे 99 का आँकड़ा कहाँ से ले आए।
JPNIC विवाद और अखिलेश पर भ्रष्टाचार के आरोप
राजभर ने जवाहरलाल पंडित नेहरू इंटरनेशनल सेंटर (JPNIC) को लेकर अखिलेश यादव पर गंभीर आरोप लगाए। उनके अनुसार, यह प्रोजेक्ट शुरू में ₹200 करोड़ में तैयार होना था, लेकिन अखिलेश यादव के कार्यकाल में इसकी लागत बढ़कर ₹865 करोड़ तक पहुँच गई और परियोजना फिर भी पूरी नहीं हुई। उनके अनुसार, JPNIC की प्रबंधन समिति में अखिलेश यादव, डिंपल यादव समेत सैफई परिवार के सदस्य शामिल थे।
राजभर ने माँग की कि अखिलेश यादव बताएँ कि ₹200 करोड़ से ₹865 करोड़ के बीच का अंतर कहाँ गया। उन्होंने 'पीडीए' (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) की अखिलेश की राजनीति पर भी व्यंग्य करते हुए कहा कि उनके 'पीडीए' का असली अर्थ 'परिवार डेवलपमेंट अथॉरिटी' है।
2027 की रणनीति की पृष्ठभूमि
गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 में होने हैं और सभी दल अभी से ज़मीन तैयार कर रहे हैं। भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सहयोगी दल सुभासपा के प्रमुख राजभर सामान्य वर्ग की भागीदारी, पिछड़ों को साथ लेकर चलने और अयोध्या में राम मंदिर निर्माण को BJP की उपलब्धि के रूप में प्रचारित करने की कोशिश में हैं। आने वाले महीनों में ऐसे बयानों की तीव्रता और बढ़ने की संभावना है।