12 अक्टूबर 2026
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ओपी राजभर का अखिलेश यादव पर वार: 'ललकार कर भागने वाले को भगोड़ा कहते हैं', JPNIC पर भी उठाए सवाल

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ओपी राजभर का अखिलेश यादव पर वार: 'ललकार कर भागने वाले को भगोड़ा कहते हैं', JPNIC पर भी उठाए सवाल

सारांश

यूपी के पंचायती राज मंत्री ओपी राजभर ने एक्स पर अखिलेश यादव को सीधे 'भगोड़ा' कहकर ललकारा, JPNIC में ₹200 करोड़ से बढ़कर ₹865 करोड़ खर्च पर सवाल उठाए और 'पीडीए' को 'परिवार डेवलपमेंट अथॉरिटी' बताकर 2027 चुनाव की रणनीतिक लड़ाई का आगाज़ किया।

मुख्य बातें

ओम प्रकाश राजभर ने 12 अक्टूबर 2026 को एक्स पर अखिलेश यादव को टैग कर 'भगोड़ा' शब्द का इस्तेमाल किया।
राजभर ने JPNIC प्रोजेक्ट पर आरोप लगाया कि लागत ₹200 करोड़ से बढ़कर ₹865 करोड़ हो गई और परियोजना पूरी नहीं हुई।
उन्होंने दावा किया कि JPNIC प्रबंधन समिति में अखिलेश यादव, डिंपल यादव और सैफई परिवार के सदस्य थे।
'इंडिया' गठबंधन के मार्च को राजभर ने 'निराधार' और 'जनसमर्थन विहीन' बताया।
राजभर ने अपने समुदाय के 3 प्रतिशत वोट को 20 प्रतिशत के बराबर एकजुट करने का दावा किया।
2027 विधानसभा चुनाव से पहले राजभर ने भविष्यवाणी की कि यूपी में विपक्ष का 'बड़बोलापन मटियामेट' होगा।

उत्तर प्रदेश सरकार के पंचायती राज मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने 12 अक्टूबर 2026 को समाजवादी पार्टी (SP) के प्रमुख अखिलेश यादव और 'इंडिया' गठबंधन के मार्च पर तीखा हमला बोला। अंबेडकर नगर में मीडिया से बातचीत के साथ-साथ राजभर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर अखिलेश यादव को सीधे टैग करते हुए पोस्ट किया।

एक्स पर राजभर का सीधा प्रहार

ओम प्रकाश राजभर ने अपनी एक्स पोस्ट में लिखा, 'अखिलेश यादव, इतिहास गवाह है कि ललकार कर भाग जाने वाले को भगोड़ा बोलते हैं! उम्मीद है आप भगोड़े साबित नहीं होंगे। अयोध्या और जहूराबाद आपको पुकार रहा है। क्यों बढ़-चढ़कर और बड़ी-बड़ी करते हैं महाराज?' उन्होंने अखिलेश यादव से माँग की कि वे कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष अजय राय और एक महिला नेता से जुड़े विवाद पर, इमरान मसूद के गिरेबान पर हाथ लगाने के मुद्दे पर और प्रमोद तिवारी के हाथ जोड़कर माफी माँगने की घटना पर स्पष्ट रुख रखें।

राजभर ने कहा, 'खैर, आ रहा है 2027... इस बार आपका और आपके दोस्तों का बड़बोलापन और अहंकार दोनों मटियामेट हो जाएगा। यूपी का स्वाभिमान जीतेगा, 2027 में यूपी जीतेगा।' यह बयान 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों की बढ़ती राजनीतिक तपिश का प्रतिबिंब है।

'इंडिया' गठबंधन के मार्च पर राजभर का आकलन

विपक्षी गठबंधन 'इंडिया' के मार्च पर टिप्पणी करते हुए राजभर ने कहा कि विपक्ष के पास न जनता का समर्थन है और न ही कोई ठोस एजेंडा। उनके अनुसार, 'विपक्ष का आरोप निराधार है, 'इंडिया' गठबंधन के पास एक भी सबूत नहीं है।' उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार एक वर्ष से पद पर हैं, जबकि समाजवादी पार्टी उत्तर प्रदेश से 10 वर्षों से और कांग्रेस 30 वर्षों से सत्ता से बाहर है। राजभर ने कहा कि विपक्ष की 'वोट चोरी' की दलील उसकी अपनी असफलता को ढकने का प्रयास है।

ओवैसी के बयान पर राजभर की प्रतिक्रिया

असदुद्दीन ओवैसी के बयान का समर्थन करते हुए राजभर ने कहा कि मुसलमानों को समाजवादी पार्टी का झंडा उठाने की बजाय अपनी राजनीतिक स्वायत्तता तलाशनी चाहिए। उन्होंने अपने समुदाय का उदाहरण देते हुए कहा कि यूपी में उनके समाज का 3 प्रतिशत वोट है, जिसे एकजुट कर उन्होंने 20 प्रतिशत के बराबर राजनीतिक वज़न बना दिया है। ओवैसी के '99 बनाम 1' वाले बयान पर राजभर ने सवाल उठाया कि अगर मुस्लिम आबादी 20 प्रतिशत है, तो वे 99 का आँकड़ा कहाँ से ले आए।

JPNIC विवाद और अखिलेश पर भ्रष्टाचार के आरोप

राजभर ने जवाहरलाल पंडित नेहरू इंटरनेशनल सेंटर (JPNIC) को लेकर अखिलेश यादव पर गंभीर आरोप लगाए। उनके अनुसार, यह प्रोजेक्ट शुरू में ₹200 करोड़ में तैयार होना था, लेकिन अखिलेश यादव के कार्यकाल में इसकी लागत बढ़कर ₹865 करोड़ तक पहुँच गई और परियोजना फिर भी पूरी नहीं हुई। उनके अनुसार, JPNIC की प्रबंधन समिति में अखिलेश यादव, डिंपल यादव समेत सैफई परिवार के सदस्य शामिल थे।

राजभर ने माँग की कि अखिलेश यादव बताएँ कि ₹200 करोड़ से ₹865 करोड़ के बीच का अंतर कहाँ गया। उन्होंने 'पीडीए' (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) की अखिलेश की राजनीति पर भी व्यंग्य करते हुए कहा कि उनके 'पीडीए' का असली अर्थ 'परिवार डेवलपमेंट अथॉरिटी' है।

2027 की रणनीति की पृष्ठभूमि

गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 में होने हैं और सभी दल अभी से ज़मीन तैयार कर रहे हैं। भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सहयोगी दल सुभासपा के प्रमुख राजभर सामान्य वर्ग की भागीदारी, पिछड़ों को साथ लेकर चलने और अयोध्या में राम मंदिर निर्माण को BJP की उपलब्धि के रूप में प्रचारित करने की कोशिश में हैं। आने वाले महीनों में ऐसे बयानों की तीव्रता और बढ़ने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जिसमें विपक्ष को कमज़ोर छवि में पेश करना और पिछड़े-दलित मतदाताओं को सपा से दूर करना प्राथमिकता है। JPNIC के आरोप पुराने हैं, लेकिन उन्हें बार-बार उठाना बताता है कि भ्रष्टाचार की राजनीति BJP-सहयोगियों के लिए कितना कारगर नैरेटिव बना हुआ है। दूसरी ओर, अखिलेश यादव की ओर से किसी सीधे जवाब का न आना भी रणनीतिक हो सकता है — वे राजभर की भाषा के स्तर पर उतरने से बचना चाहते हों। असली सवाल यह है कि क्या ऐसी आक्रामक बयानबाज़ी 2027 में ज़मीनी मतदाताओं तक पहुँचती है, या यह सिर्फ सोशल मीडिया और टीवी की लड़ाई बनकर रह जाती है।
RashtraPress
12 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ओपी राजभर ने अखिलेश यादव को 'भगोड़ा' क्यों कहा?
राजभर ने एक्स पर पोस्ट करते हुए अखिलेश यादव पर आरोप लगाया कि वे अयोध्या और जहूराबाद जैसे मुद्दों पर ललकारते हैं लेकिन वहाँ जाने से कतराते हैं। उन्होंने कांग्रेस नेताओं के विवादास्पद आचरण पर अखिलेश की चुप्पी को भी निशाना बनाया।
JPNIC विवाद क्या है जिस पर राजभर ने सवाल उठाए?
राजभर के अनुसार, जवाहरलाल पंडित नेहरू इंटरनेशनल सेंटर (JPNIC) का प्रोजेक्ट ₹200 करोड़ में बनना था, लेकिन अखिलेश सरकार के दौरान लागत ₹865 करोड़ तक पहुँच गई और परियोजना फिर भी अधूरी रही। उनका दावा है कि प्रबंधन समिति में अखिलेश यादव, डिंपल यादव और सैफई परिवार के सदस्य शामिल थे।
'इंडिया' गठबंधन के मार्च पर राजभर का क्या कहना है?
राजभर ने विपक्षी गठबंधन 'इंडिया' के मार्च को 'जनसमर्थन विहीन' और 'निराधार' बताया। उनके अनुसार विपक्ष के पास न ठोस सबूत है, न जनता का भरोसा — इसलिए वे केवल मार्च निकाल रहे हैं।
राजभर ने ओवैसी के बयान पर क्या कहा?
राजभर ने असदुद्दीन ओवैसी के बयान का समर्थन करते हुए कहा कि मुस्लिम समाज को सपा की बजाय अपनी स्वतंत्र राजनीतिक पहचान बनानी चाहिए। उन्होंने ओवैसी के '99 बनाम 1' वाले बयान पर सवाल उठाया कि जब मुस्लिम आबादी 20 प्रतिशत है, तो 99 का आँकड़ा कहाँ से आया।
राजभर का 2027 उत्तर प्रदेश चुनाव को लेकर क्या दावा है?
राजभर ने दावा किया कि 2027 विधानसभा चुनाव में विपक्ष का 'बड़बोलापन और अहंकार मटियामेट' हो जाएगा और 'यूपी का स्वाभिमान' जीतेगा। उन्होंने यह भी कहा कि जैसे अखिलेश यादव पिछली बार 'पंडित जी नाराज हैं' कहकर विफल हुए, इस बार भी वैसा ही होगा।
राष्ट्र प्रेस
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