क्या 'ऑपरेशन सिंदूर' ने पाकिस्तान को कड़ा संदेश दिया? : डॉ राजीव नारायण
सारांश
Key Takeaways
- ऑपरेशन सिंदूर ने पाकिस्तान को स्पष्ट संदेश दिया है।
- युद्ध में उलझने से कोई लाभ नहीं होता।
- भारतीय सेना ने चतुराई से कदम उठाया।
- आतंकी ठिकानों का नाश किया गया है।
- एआई का रचनात्मक उपयोग देश के विकास में सहायक है।
नई दिल्ली, 2 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में आयोजित ‘शब्दोत्सव-2026’ कार्यक्रम में उपस्थित प्रोफेसर डॉ राजीव नारायण ने ऑपरेशन सिंदूर के संदर्भ में कहा कि हमारी सेना ने इसे अत्यंत चतुराई से अंजाम दिया।
उन्होंने शुक्रवार को समाचार एजेंसी राष्ट्र प्रेस से बातचीत में बताया कि हमें यह ध्यान में रखना चाहिए कि युद्ध में उलझने से कोई भी लाभ नहीं होगा। यदि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान हम युद्ध में ही फंसे रहते, तो हमारी आर्थिक स्थिति और भी खराब हो जाती। परंतु, हमारी सेना ने बहुत सोच-समझकर कदम उठाते हुए पाकिस्तान को एक कड़ा संदेश दिया है।
डॉ नारायण ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के माध्यम से हमने पाकिस्तान को यह समझाया कि बेहतर होगा कि वह अपनी सीमाओं में ही रहे और हिंदुस्तान के खिलाफ किसी भी कदम को उठाने से पहले हजार बार सोचे। इस दिशा में हमारी सेना ने उत्कृष्ट कार्य किया है, जिसके लिए उन्हें सराहा जाना चाहिए।
उन्होंने उल्लेख किया कि ऑपरेशन सिंदूर के तहत हमारी सेना ने पाकिस्तान से जुड़े आतंकी ठिकानों को पूरी तरह से नष्ट कर दिया। इस प्रकार हमने पाकिस्तान को स्पष्ट संदेश दिया है कि भविष्य में भारत के खिलाफ किसी भी प्रकार का कदम न उठाए।
प्रोफेसर डॉ राजीव नारायण ने यह भी स्पष्ट किया कि हमारा उद्देश्य कभी भी किसी का नरसंहार करना नहीं रहा है। लेकिन, हमने पाकिस्तान को चेतावनी दी है। ऑपरेशन सिंदूर के माध्यम से हमने पाकिस्तान को यह हिदायत दी है कि यदि वे नहीं सुधरे, तो आगे भी ऐसे ही सैन्य कदम उठाए जाएंगे।
इसके अलावा, उन्होंने एआई के विषय में भी अपने विचार साझा किए। उन्होंने कहा कि एआई हमें आधुनिक तकनीक का रचनात्मक उपयोग करना सिखाता है, जो कई यंत्रों का मिश्रण है। इस प्रकार इसका उपयोग देश के विकास को नई गति देगा।