पहाड़गंज के 'लुक लाइफ स्पा' में सेक्स रैकेट का भंडाफोड़, 4 गिरफ्तार और 8 महिलाएं रेस्क्यू
सारांश
मुख्य बातें
दिल्ली पुलिस ने 22 सितंबर 2026 को पहाड़गंज के मुल्तानी ढांडा इलाके में स्थित 'लुक लाइफ स्पा' पर छापा मारकर कथित अवैध सेक्स रैकेट का भंडाफोड़ किया, जिसमें 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया और 8 महिलाओं को सुरक्षित बचाया गया। नबी करीम पुलिस स्टेशन में 21 सितंबर को इम्मोरल ट्रैफिक (प्रिवेंशन) एक्ट की धाराओं 3, 4 और 5 के तहत प्राथमिकी दर्ज की जा चुकी है।
मुखबिर की सूचना से शुरू हुई कार्रवाई
पुलिस के अनुसार, सोमवार शाम करीब 7 बजे एक मुखबिर ने एसआई नीरज राठी से संपर्क कर गली नंबर 3, प्रॉपर्टी नंबर 9139 की दूसरी और तीसरी मंजिल पर अवैध गतिविधियों की जानकारी दी। यह सूचना तत्काल नबी करीम पुलिस स्टेशन के एसएचओ को दी गई, जिसके बाद छापेमारी की रणनीति बनाई गई।
जानकारी की प्रारंभिक पुष्टि के लिए एसआई अमित को नकली ग्राहक के रूप में परिसर में भेजा गया। कथित अवैध गतिविधि की पुष्टि होने के बाद पुलिस टीम ने परिसर में प्रवेश किया।
छापेमारी टीम और ऑपरेशन
इस ऑपरेशन में पहाड़गंज के एसीपी की समग्र निगरानी में एक बड़ी टीम तैनात की गई थी। टीम में एसआई राठी और एसआई अमित, महिला एसआई श्रुति, एएसआई संजीव, हेड कांस्टेबल संदीप, अमित और एमपी सिंह, कांस्टेबल अमित, संजय और धनसी तथा महिला हेड कांस्टेबल प्रीति एवं महिला कांस्टेबल सुप्रिया और राखी शामिल थीं।
गौरतलब है कि महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती इस तरह के ऑपरेशन में बचाई गई महिलाओं की मदद और पूछताछ के लिए ज़रूरी प्रोटोकॉल का हिस्सा है।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान
पुलिस ने जिन चार लोगों को गिरफ्तार किया, उनकी पहचान इस प्रकार है: विवेक कुमार (27), जो मुल्तानी ढांडा का निवासी और स्पा का कथित मालिक है; दशरथ मंडल (36), जो झारखंड के महेशपुर का रहने वाला और स्पा का कथित मैनेजर है; अमन (20), जो बिहार के छपरा ज़िले के पिलखी नवादा गांव का निवासी है; और गुड्डू करमाकर (27), जो गाज़ियाबाद के लोनी में तिलामोरे पुलिस स्टेशन इलाके का रहने वाला है।
पुलिस के अनुसार, पूछताछ के दौरान चारों आरोपियों ने कथित तौर पर परिसर से अवैध गतिविधि संचालित करने और उसमें सहयोग देने की बात स्वीकार की।
रेस्क्यू की गई महिलाएं और आगे की जांच
छापेमारी में बचाई गई 8 महिलाएं कोलकाता, नेपाल, पहाड़गंज, नोएडा, पंजाब और दिल्ली के ओखला फेज-II से थीं। यह तथ्य बताता है कि कथित रैकेट में विभिन्न राज्यों और पड़ोसी देश से महिलाओं की भर्ती की जा रही थी।
पुलिस ने बताया कि छापेमारी के दौरान मामले से जुड़े अहम सबूत ज़ब्त किए गए हैं। कथित रैकेट कितने समय से चल रहा था और इसमें अन्य संलिप्त व्यक्तियों की पहचान के लिए आगे की पूछताछ जारी है।
कानूनी कार्रवाई
नबी करीम पुलिस स्टेशन में 21 सितंबर 2026 को इम्मोरल ट्रैफिक (प्रिवेंशन) एक्ट की धारा 3 (वेश्यावृत्ति के लिए परिसर का उपयोग), धारा 4 (वेश्यावृत्ति से आय पर जीवन-यापन) और धारा 5 (वेश्यावृत्ति के लिए व्यक्ति को प्रेरित करना) के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। यह मामला आगे की न्यायिक प्रक्रिया में जाएगा और बचाई गई महिलाओं को राहत एवं पुनर्वास सेवाएं मुहैया कराई जाएंगी।