पाकिस्तान को नोबेल पुरस्कार देने की मांग पर प्रतुल शाहदेव की तीखी प्रतिक्रिया
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रांची, 10 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। भाजपा प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने पाकिस्तान द्वारा नोबेल पुरस्कार की मांग पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि जिस देश का नाम आतंकवाद को बढ़ावा देने में बदनाम है, उसे नोबेल पुरस्कार देने की बात करना अत्यंत हास्यास्पद है। उन्होंने कहा कि कुछ लोग यह दावा कर रहे थे कि ईरान, इजरायल और अमेरिका के बीच तनाव को कम किया गया है, लेकिन वास्तविकता में स्थिति अभी भी अस्थिर है।
उन्होंने यह भी कहा कि कुछ लोग चैटजीपीटी जैसी तकनीकों का उपयोग कर बड़े दावे कर रहे हैं, ठीक उसी तरह पाकिस्तान ने भी अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी बात रखी, लेकिन उनकी वास्तविकता उजागर हो गई। पाकिस्तान ने कुछ अंतरराष्ट्रीय बातचीत और समझौतों में सही जानकारी नहीं दी, जिससे भ्रम की स्थिति उत्पन्न हुई। ऐसे देशों को शांति के नाम पर सम्मानित करना अनुचित है।
असम, केरल और पुडुचेरी में मतदान के बारे में उन्होंने कहा कि तीनों राज्यों में मतदान का माहौल उत्साहजनक रहा और मतदान प्रतिशत में वृद्धि देखने को मिली। असम के संदर्भ में उन्होंने कहा कि वहां रिकॉर्ड स्तर की वोटिंग हुई है। इसके पीछे जनता का राजनीतिक उत्साह और मतदाता सूची से गलत नामों का हटना मुख्य कारण हैं।
केरल और पुडुचेरी के राजनीतिक भविष्य पर चर्चा करते हुए, उन्होंने कहा कि भले ही उनकी पार्टी वहां मुख्य मुकाबले में नहीं हो, लेकिन लोग भाजपा को विकल्प के रूप में देख रहे हैं। पुडुचेरी में उनकी पार्टी पहले भी सत्ता में रह चुकी है और भविष्य में भी सरकार बनाने की संभावना है। असम में केंद्र और राज्य नेतृत्व की प्रशंसा करते हुए उन्होंने कहा कि विकास कार्यों के कारण जनता का समर्थन मिल रहा है और भारी मतों से जीत की संभावना है।
मनोज तिवारी द्वारा मंगल पांडे को भारत रत्न देने की मांग पर उन्होंने कहा कि उनका योगदान स्वतंत्रता संग्राम में महत्वपूर्ण था। इसके अलावा, उन्होंने कहा कि कई स्वतंत्रता सेनानियों ने देश के लिए बड़ा बलिदान दिया और उन्हें उचित सम्मान मिलना चाहिए।
बिहार की राजनीति पर चर्चा करते हुए, उन्होंने कहा कि राज्य में पिछले सालों में बड़ा बदलाव आया है। पहले जहां अराजकता की बात होती थी, वहीं अब विकास और प्रशासनिक सुधारों की चर्चा हो रही है। उन्होंने कहा कि बिहार का अगला मुख्यमंत्री लोकतांत्रिक प्रक्रिया से चुना जाएगा, जिसमें एनडीए के सभी राजनीतिक दलों की भूमिका होगी।