क्या पाकिस्तान रेलवे में ट्रेन के इंजन खराब होने की समस्या बढ़ रही है?
सारांश
Key Takeaways
- पाकिस्तान रेलवे में इंजन विफलता के मामले बढ़ रहे हैं।
- 63% इंजन दो दशकों से अधिक पुराने हैं।
- यात्रियों के लिए सेवा में सुधार के लिए कदम उठाए जा रहे हैं।
- कोच की उपलब्धता में सुधार हो रहा है।
- कमाई में पिछले साल की तुलना में 7% की वृद्धि हुई है।
नई दिल्ली, 16 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। पाकिस्तान रेलवे में लोकोमोटिव विफलता, अर्थात् ट्रेन के इंजन के खराब होने की घटनाएं लगातार बढ़ती जा रही हैं। इसका मुख्य कारण पुराना हो चुका बेड़ा है। वर्तमान में, पाकिस्तान रेलवे के 63 प्रतिशत से अधिक इंजन दो दशकों से भी अधिक समय से कार्यरत हैं।
पाकिस्तानी समाचार पत्र डॉन ने बताया कि रेलवे अधिकारियों ने बुधवार को नेशनल असेंबली की रेलवे स्टैंडिंग कमेटी को इस संबंध में जानकारी दी है।
रेलवे मंत्रालय के अधिकारियों ने कमेटी को बताया कि रोलिंग स्टॉक पर बढ़ते दबाव के बावजूद, संचालन को स्थिर करने और यात्रियों की सेवा को बेहतर बनाने के लिए सुधारात्मक उपाय किए जा रहे हैं। यात्रियों को बेहतर सेवा प्रदान करने के लिए मेंटेनेंस, मॉडर्नाइजेशन योजना और अतिरिक्त फंडिंग की जा रही है।
पाकिस्तानी मीडिया ने बताया कि अधिकारियों ने कमेटी के साथ डीजल-इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव के ओवरहॉलिंग और आधुनिककरण की योजनाएँ भी साझा कीं। यात्रियों की सेवा के गुणवत्ता के लिए कमेटी ने पैसेंजर कोच में खराब एयर-कंडीशनिंग यूनिट के मुद्दे की समीक्षा की। अधिकारियों ने कहा कि पुराने एसी यूनिट के कारण खराबी बढ़ गई है, लेकिन इसे बदलने की प्रक्रिया भी जारी है।
कमेटी की बैठक में पाकिस्तान रेलवे में पैसेंजर कोच की उपलब्धता की जानकारी दी गई। अधिकारियों ने बताया कि जून 2025 से जो कोच की कमी थी, उसे पूरा कर लिया गया है। इसके लिए कार्यशाला की कार्यक्षमता बढ़ाई गई है। इसके अलावा, मरम्मत करके पुराने कोचों को फिर से सेवा में शामिल किया गया है।
डॉन के अनुसार, सितंबर 2025 में कोच की उपलब्धता 1,016 से बढ़कर 1,105 हो गई है, जबकि आवश्यकता 1,100 की थी और जून 2026 तक यह 1,150 तक पहुँचने की उम्मीद है।
कमेटी को आगे बताया गया कि पाकिस्तान रेलवे ने वित्तीय वर्ष 2024-25 के दौरान पैसेंजर से रिकॉर्ड 48.832 बिलियन रुपए की कमाई की है, जबकि मौजूदा वित्तीय वर्ष के पहले छह महीनों में इस कमाई में पिछले साल की इसी अवधि की तुलना में 7 फीसदी की वृद्धि हुई है।
कमेटी ने रेलवे के खराब प्रदर्शन से जुड़े मामलों की आगे जांच के लिए एक सब-कमेटी बनाई है।