मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने केरल में चुनाव से पहले सरकार की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की
सारांश
Key Takeaways
- मुख्यमंत्री विजयन ने 900 वादों में से 97 प्रतिशत पूरे करने का दावा किया।
- सरकार ने 5 लाख घरों का निर्माण किया है।
- महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए 16 लाख से अधिक महिलाओं को सहायता मिली।
- 82 लाख आवेदनों का समय पर निपटारा किया गया।
- 3 लाख 13 हजार 202 रोजगार सृजित हुए हैं।
कन्नूर, 6 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। केरल के कन्नूर में 6 अप्रैल को मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने आने वाले विधानसभा चुनाव के पूर्व अपनी सरकार की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार का कार्यप्रणाली ही सत्तारुढ़ लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट के चुनाव प्रचार का केंद्रीय आधार है।
मीडिया से चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि चुनाव घोषणा पत्र में शामिल लगभग 900 वादों में से 97 प्रतिशत को पूरा किया गया है। उन्होंने इसे जवाबदेही का मुद्दा बताते हुए कहा कि सरकार अपने कार्यों का पूरा ब्योरा ऐसे समय में जनता के सामने रख रही है, जब मतदाता यह तय करने वाले हैं कि वे मौजूदा सरकार को दोबारा मौका देंगे या परिवर्तन चाहते हैं।
मुख्यमंत्री ने अपनी सरकार की महत्वपूर्ण उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि आवास और जनकल्याण के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य किए गए हैं। उन्होंने बताया कि ‘लाइफ मिशन’ योजना के तहत पांच लाख घरों का निर्माण पूरा किया गया है, जिससे कई लोगों को रहने के लिए घर मिल चुका है। इसके अलावा, लगभग साढ़े चार लाख परिवारों को जमीन का मालिकाना हक दिया गया है, जिससे लंबे समय से भूमि से वंचित परिवारों की समस्या का समाधान हुआ है।
महिलाओं के सशक्तिकरण को भी सरकार की प्राथमिकता बताते हुए उन्होंने कहा कि विभिन्न योजनाओं के माध्यम से 16 लाख से अधिक महिलाओं को आर्थिक सहायता प्रदान की गई है, जिससे उनकी स्थिति को मजबूती मिली है।
उन्होंने कहा कि राज्य में निवेश का माहौल सुधारने के लिए कई उपाय किए गए हैं। उद्योगों के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करने और प्रशासनिक प्रक्रियाओं को सरल बनाने पर विशेष ध्यान दिया गया है।
सरकार की कार्यक्षमता का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि लगभग 82 लाख आवेदनों का निपटारा निर्धारित समय सीमा के भीतर किया गया है, जो प्रशासनिक सुधारों का एक महत्वपूर्ण उदाहरण है।
मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने रोजगार सृजन को भी अपनी सरकार की एक बड़ी उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि केरल लोक सेवा आयोग के माध्यम से 3 लाख 13 हजार 202 नियुक्तियां की गई हैं। इसके अतिरिक्त, विभिन्न क्षेत्रों में लगभग 2 लाख 66 हजार नए रोजगार के अवसर भी उत्पन्न किए गए हैं, जिससे बड़ी संख्या में लोगों को काम मिला है।
यह प्रगति रिपोर्ट उस समय जारी की गई है, जब मतदान में केवल कुछ दिन बाकी हैं। सत्तारूढ़ लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट लगातार तीसरी बार सत्ता में वापसी का प्रयास कर रहा है, जो राज्य के राजनीतिक इतिहास में अभूतपूर्व है।
सत्ताधारी गठबंधन अपने कार्यों और जनकल्याणकारी योजनाओं के आधार पर चुनाव में भाग ले रहा है। वास्तव में, विपक्ष लगातार सरकार पर असंतोष और विभिन्न विवादों को लेकर आरोप लगाता रहा है। ऐसे में गठबंधन अपनी उपलब्धियों को प्रस्तुत कर इन आरोपों का उत्तर देने की कोशिश कर रहा है।
जैसे-जैसे चुनाव प्रचार अपने अंतिम चरण में पहुँच रहा है, मुख्यमंत्री का कार्य पर आधारित प्रचार अभियान उनकी स्पष्ट रणनीति को प्रदर्शित करता है। सरकार की कोशिश है कि प्रशासनिक उपलब्धियों को जनता के बीच इस तरह रखा जाए कि इसका सीधा लाभ चुनाव में मिल सके।
अब यह देखना दिलचस्प होगा कि सरकार की यह रणनीति मतदाताओं को कितना प्रभावित करती है। इसका परिणाम 9 अप्रैल को सामने आएगा, जब राज्य की जनता अपने मतदान का प्रयोग कर नई सरकार के गठन का रास्ता तय करेगी।