महिलाओं का विकास: समाज की प्रगति का आधार है - केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन

Click to start listening
महिलाओं का विकास: समाज की प्रगति का आधार है - केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन

सारांश

मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर महिलाओं की ऐतिहासिक संघर्षों को सम्मानित करते हुए लैंगिक न्याय और सशक्तिकरण की दिशा में केरल सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराया।

Key Takeaways

  • महिलाओं की प्रगति समाज की समग्र प्रगति से जुड़ी है।
  • केरल सरकार सशक्तिकरण के लिए प्रगतिशील नीतियां लागू कर रही है।
  • महिलाओं की सुरक्षा और गरिमा सुनिश्चित करना सभी का कर्तव्य है।
  • लैंगिक न्याय के लिए जागरूकता जरूरी है।
  • महिलाओं के लिए समान अवसर प्रदान करना आवश्यक है।

तिरुवनंतपुरम, 8 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने रविवार को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर गर्म शुभकामनाएं दीं। उन्होंने महिलाओं के लिए समानता, गरिमा और न्याय के ऐतिहासिक संघर्षों को सम्मानित करते हुए लैंगिक न्याय और सशक्तिकरण की दिशा में राज्य सरकार की स्थायी प्रतिबद्धता को दोहराया।

मुख्यमंत्री ने अपने एक्स हैंडल पर साझा किए गए संदेश में कहा कि यह दिन विश्वभर में महिलाओं द्वारा समान अधिकारों और सामाजिक न्याय के लिए किए गए लंबे और कठोर संघर्षों को मान्यता देने का है।

उन्होंने यह भी बताया कि महिलाओं की प्रगति समाज की समग्र प्रगति से गहराई से जुड़ी हुई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं का विकास समाज के विकास का एक अभिन्न हिस्सा है, और यही सिद्धांत हमें आगे बढ़ने का मार्ग दिखाना चाहिए।

केरल में लैंगिक समानता के प्रति दीर्घकालिक प्रतिबद्धता का हवाला देते हुए विजयन ने बताया कि राज्य ने महिलाओं को सशक्त बनाने और सामाजिक न्याय की दिशा में प्रगतिशील और जनहितैषी नीतियों को लागू किया है।

उन्होंने देश में पहले महिला एवं बाल कल्याण विभाग की स्थापना और लैंगिक बजट के कार्यान्वयन जैसी महत्वपूर्ण पहलों का जिक्र किया, जो यह सुनिश्चित करते हैं कि सार्वजनिक व्यय में महिलाओं की विशिष्ट आवश्यकताओं का ध्यान रखा जाए।

मुख्यमंत्री के अनुसार, ये पहलें समावेशी समाज की दिशा में केरल के व्यापक दृष्टिकोण का परिचायक हैं, जहां महिलाओं को जीवन के हर क्षेत्र में सक्रिय भागीदारी के लिए सशक्त बनाया जाता है।

विजयन ने एक ऐसे सामाजिक वातावरण के विकास की आवश्यकता पर भी जोर दिया जिसमें महिलाएं बिना किसी भय के जीवन व्यतीत कर सकें, आत्मविश्वास के साथ अपने सपनों को साकार कर सकें, और समाज के हर क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दे सकें।

उन्होंने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा, समान अवसर और गरिमा सुनिश्चित करना सरकार और समाज दोनों का प्राथमिक कर्तव्य है।

उन्होंने आगे कहा कि केरल जन-केंद्रित नीतियों के साथ आगे बढ़ता रहेगा, जो समानता और सामाजिक न्याय के आदर्शों को बढ़ावा देते हुए महिला सशक्तिकरण को मजबूत करेंगी।

Point of View

NationPress
09/03/2026

Frequently Asked Questions

महिलाओं के विकास का समाज पर क्या प्रभाव है?
महिलाओं का विकास समाज की समग्र प्रगति से जुड़ा हुआ है, क्योंकि यह सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक स्तर पर सुधार लाता है।
केरल सरकार महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए क्या कदम उठा रही है?
केरल सरकार महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए विभिन्न जनहितैषी नीतियों और कार्यक्रमों को लागू कर रही है, जैसे लैंगिक बजट और महिला एवं बाल कल्याण विभाग की स्थापना।
लैंगिक न्याय क्या है?
लैंगिक न्याय का अर्थ है सभी लिंगों के लिए समान अधिकार, अवसर और संसाधनों की उपलब्धता।
अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस क्यों मनाया जाता है?
अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस महिलाओं के सामाजिक, आर्थिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक उपलब्धियों को मान्यता देने और लैंगिक समानता के लिए जागरूकता बढ़ाने के लिए मनाया जाता है।
महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए क्या उपाय हैं?
महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कानूनी प्रावधान, जागरूकता कार्यक्रम और सामाजिक समर्थन प्रणाली विकसित की जा रही हैं।
Nation Press