क्या पलक्कड़ में मॉब लिंचिंग पर वेणुगोपाल ने केरल सरकार पर निशाना साधा?
सारांश
Key Takeaways
- पलक्कड़ में हुई मॉब लिंचिंग ने पूरे देश को झकझोर दिया।
- वेणुगोपाल ने सरकार से सख्त कार्रवाई की मांग की।
- पारिवारिक सहायता और मुआवजे की आवश्यकता पर जोर दिया गया।
पलक्कड़, 21 दिसंबर (राष्ट्र प्रेस)। केरल के पलक्कड़ जिले में छत्तीसगढ़ के प्रवासी श्रमिक राम नारायण बघेल की मॉब लिंचिंग की घटना ने सम्पूर्ण देश को हिला कर रख दिया है। इस दौरान कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव और लोकसभा सांसद के.सी. वेणुगोपाल ने रविवार की इस घटना की घोर निंदा की। उन्होंने इसे चौंकाने वाला बताते हुए सरकार से कठोर कदम उठाने की मांग की।
वास्तव में, भीड़ ने 31 वर्षीय राम नारायण को चोरी के शक में बांग्लादेशी घुसपैठिया समझकर निर्दयता से पीट-पीटकर मार डाला। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में उसके शरीर पर 80 से अधिक चोटों के निशान मिले, पसलियां भी टूटी हुई थीं। डॉक्टरों ने इसे अत्यंत क्रूर हमला बताया, जिसमें उसके शरीर का कोई हिस्सा चोट से अछूता नहीं रहा। यह घटना 17-18 दिसंबर को हुई, जब राम नारायण काम की तलाश में केरल आया था।
वेणुगोपाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा, "केरल के पलक्कड़ में छत्तीसगढ़ के निवासी राम नारायण बघेल की मॉब लिंचिंग की घटना अत्यंत चौंकाने वाली है। यह अस्वीकार्य है कि इस प्रकार की हिंसक शक्तियां हावी हो जाएं।"
उन्होंने पूर्व की घटनाओं का उल्लेख करते हुए कहा, "2018 में मधु के साथ जो हुआ, उसकी यादें अभी भी ताजा हैं और अब हमने यह घटना देखी है। केरल जैसे सांप्रदायिक सद्भाव के समृद्ध इतिहास वाले समाज में मॉब लिंचिंग की इस प्रकार की घटनाएं बेहद दुखद हैं।"
वेणुगोपाल ने केरल सरकार पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि वह अफवाहों और प्रोपेगेंडा को रोकने में पूरी तरह से असफल रही है। सरकार को कानून-व्यवस्था को संभालने में अपनी विफलता के लिए जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए।
कांग्रेस नेता ने मांग की कि पीड़ित परिवार को त्वरित और पर्याप्त मुआवजा दिया जाए, पार्थिव शरीर को सम्मानजनक तरीके से घर भेजने की व्यवस्था की जाए और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए। कांग्रेस परिवार इस दुख की घड़ी में पीड़ित परिवार के साथ खड़ा है।