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पेपर लीक पर जीरो टॉलरेंस: लोक परीक्षा संशोधन विधेयक 2026 लोकसभा में पारित, फडणवीस ने की तारीफ

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पेपर लीक पर जीरो टॉलरेंस: लोक परीक्षा संशोधन विधेयक 2026 लोकसभा में पारित, फडणवीस ने की तारीफ

सारांश

लोकसभा में 'लोक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026' पारित हो गया है। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इसे पेपर लीक के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति का ठोस प्रमाण बताते हुए छात्रों के भविष्य की सुरक्षा में निर्णायक कदम करार दिया।

मुख्य बातें

लोक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026 लोकसभा में 29 जुलाई 2026 को पारित हुआ।
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने एक्स पर पोस्ट कर विधेयक को छात्रहित में बड़ा कदम बताया।
विधेयक में फास्ट-ट्रैक अदालतें , समयबद्ध जाँच और विशेष सरकारी वकीलों की व्यवस्था का प्रावधान।
पेपर लीक और अनुचित साधनों के इस्तेमाल पर कड़ी दंडात्मक कार्रवाई का प्रावधान किया गया।
विधेयक को अब राज्यसभा की मंजूरी और राष्ट्रपति के हस्ताक्षर की आवश्यकता।

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने 29 जुलाई 2026 को लोकसभा में 'लोक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026' पारित होने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार को बधाई दी। फडणवीस ने इस विधायी कदम को देशभर के छात्रों के हितों की रक्षा में मील का पत्थर बताया और कहा कि यह कानून परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी, निष्पक्ष और विश्वसनीय बनाने की दिशा में निर्णायक है।

एक्स पर क्या बोले फडणवीस

मुख्यमंत्री फडणवीस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा, 'पेपर लीक के लिए जीरो टॉलरेंस!' उन्होंने कहा कि लोकसभा में इस महत्वपूर्ण सुधार को मंजूरी मिलना छात्रों के हितों की रक्षा की दिशा में एक बड़ा कदम है। साथ ही उन्होंने उन सभी सांसदों और राजनीतिक दलों का आभार जताया जिनके समर्थन से यह विधायी सुधार संभव हो सका।

विधेयक में क्या है खास

फडणवीस के अनुसार, संशोधन विधेयक के माध्यम से पेपर लीक और परीक्षाओं में अनुचित साधनों के इस्तेमाल से जुड़े मामलों में कड़ी कार्रवाई का प्रावधान किया गया है। दोषियों को शीघ्र और प्रभावी सजा दिलाने के लिए विशेष फास्ट-ट्रैक अदालतों, समयबद्ध जाँच, विशेष सरकारी वकीलों की नियुक्ति और तेज अपील प्रक्रिया जैसी व्यवस्थाओं पर विशेष ज़ोर दिया गया है।

सरकार की प्रतिबद्धता

फडणवीस ने कहा, 'एनडीए सरकार देश के छात्रों के साथ मजबूती से खड़ी है और योग्यता-आधारित व्यवस्था को सुरक्षित रखने के लिए प्रतिबद्ध है।' उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि मेहनत और प्रतिभा के बल पर परीक्षा देने वाले हर योग्य उम्मीदवार के भविष्य की रक्षा हो।

छात्रों पर असर और पृष्ठभूमि

यह विधेयक ऐसे समय में आया है जब देशभर में NEET, SSC और राज्य स्तरीय प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक की घटनाएँ सार्वजनिक आक्रोश का विषय बन चुकी हैं। फडणवीस ने कहा कि पेपर लीक जैसी घटनाएँ छात्रों के विश्वास को गहरी चोट पहुँचाती हैं और परीक्षा व्यवस्था की निष्पक्षता पर सवाल खड़े करती हैं। गौरतलब है कि यह संशोधन 2024 में पारित मूल 'लोक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम' को और अधिक दंतयुक्त बनाता है।

आगे क्या होगा

विधेयक के लोकसभा में पारित होने के बाद अब इसे राज्यसभा की मंजूरी और राष्ट्रपति के हस्ताक्षर की आवश्यकता होगी। फडणवीस ने भरोसा जताया कि यह कानून प्रतियोगी परीक्षाओं में निष्पक्षता को बढ़ावा देगा और छात्रों को एक सुरक्षित एवं समान अवसर वाला वातावरण उपलब्ध कराएगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

2026 का पारित होना प्रतीकात्मक रूप से महत्वपूर्ण है, लेकिन असली कसौटी क्रियान्वयन की होगी — 2024 के मूल अधिनियम के बावजूद पेपर लीक की घटनाएँ थमी नहीं थीं। फास्ट-ट्रैक अदालतें और विशेष वकील तभी प्रभावी होंगे जब जाँच एजेंसियाँ परीक्षा माफिया के नेटवर्क तक पहुँच सकें, जो अक्सर राज्य-स्तरीय प्रशासनिक मिलीभगत से संचालित होते हैं। फडणवीस की प्रतिक्रिया राजनीतिक रूप से सटीक है, किंतु महाराष्ट्र सहित कई राज्यों में राज्य-स्तरीय परीक्षा प्रणालियाँ अभी भी इस केंद्रीय कानून के दायरे से बाहर हैं — यह अंतर भरा जाना बाकी है।
RashtraPress
14 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

लोक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026 क्या है?
यह विधेयक 2024 में पारित मूल लोक परीक्षा अधिनियम में संशोधन करता है और पेपर लीक तथा परीक्षाओं में अनुचित साधनों के इस्तेमाल पर कड़ी दंडात्मक कार्रवाई का प्रावधान करता है। इसमें फास्ट-ट्रैक अदालतें, समयबद्ध जाँच और विशेष सरकारी वकीलों की नियुक्ति जैसी व्यवस्थाएँ शामिल हैं।
देवेंद्र फडणवीस ने इस विधेयक पर क्या कहा?
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने एक्स पर पोस्ट कर विधेयक को 'पेपर लीक के लिए जीरो टॉलरेंस' की नीति का प्रमाण बताया। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी और केंद्र सरकार को बधाई दी और इसे छात्रों के हित में ऐतिहासिक कदम करार दिया।
इस विधेयक से छात्रों को क्या फायदा होगा?
विधेयक का उद्देश्य प्रतियोगी परीक्षाओं में निष्पक्षता सुनिश्चित करना और मेहनत व प्रतिभा के बल पर परीक्षा देने वाले योग्य उम्मीदवारों के भविष्य की रक्षा करना है। पेपर लीक जैसी घटनाओं पर सख्त कार्रवाई से परीक्षा प्रणाली में छात्रों का विश्वास बहाल होने की उम्मीद है।
विधेयक कब से लागू होगा?
लोकसभा में पारित होने के बाद विधेयक को अभी राज्यसभा की मंजूरी और राष्ट्रपति के हस्ताक्षर की आवश्यकता है। इन प्रक्रियाओं के पूरा होने के बाद ही यह कानून के रूप में लागू होगा।
पेपर लीक रोकने के लिए विधेयक में क्या विशेष प्रावधान हैं?
विधेयक में दोषियों को शीघ्र सजा दिलाने के लिए विशेष फास्ट-ट्रैक अदालतें, समयबद्ध जाँच प्रक्रिया, विशेष सरकारी वकीलों की नियुक्ति और तेज अपील प्रक्रिया का प्रावधान किया गया है। इससे परीक्षा संबंधी अपराधों में त्वरित न्याय मिलने की उम्मीद है।
राष्ट्र प्रेस
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