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पश्चिम बंगाल चुनाव: दूसरे चरण में 89.99% मतदान, पूर्व बर्धमान में सर्वाधिक 92.46%

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पश्चिम बंगाल चुनाव: दूसरे चरण में 89.99% मतदान, पूर्व बर्धमान में सर्वाधिक 92.46%

सारांश

पश्चिम बंगाल के दूसरे चरण में 142 सीटों पर 89.99% मतदान — एक असाधारण लोकतांत्रिक भागीदारी। पूर्व बर्धमान में 92.46% के साथ सर्वोच्च आँकड़ा दर्ज हुआ। अब सभी की नज़रें 4 मई की मतगणना पर टिकी हैं, जो राज्य की राजनीतिक दिशा तय करेगी।

मुख्य बातें

29 अप्रैल 2026 को पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण में 142 सीटों पर 89.99% मतदान दर्ज किया गया।
पूर्व बर्धमान में सर्वाधिक 92.46% मतदान हुआ; हुगली में 90.34% और नादिया में 90.28% ।
दोपहर 1 बजे तक 61.11% और दोपहर 3 बजे तक 78.68% मतदान दर्ज किया गया था।
142 सामान्य पर्यवेक्षकों और 95 पुलिस पर्यवेक्षकों की निगरानी में मतदान अधिकांशतः शांतिपूर्ण रहा।
पहला चरण 23 अप्रैल को 152 सीटों पर संपन्न हो चुका था; मतगणना 4 मई को होगी।

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण में 29 अप्रैल 2026 को 142 विधानसभा सीटों पर मतदान संपन्न हुआ, जहाँ भारत निर्वाचन आयोग (ECI) द्वारा शाम 5 बजे IST तक जारी आँकड़ों के अनुसार कुल 89.99 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। यह आँकड़ा लोकतांत्रिक भागीदारी का सशक्त प्रमाण माना जा रहा है और राज्य में मतदाताओं के असाधारण उत्साह को दर्शाता है।

मतदान का घंटेवार क्रम

दिन की शुरुआत से ही मतदान केंद्रों पर लंबी कतारें देखी गईं। दोपहर 1 बजे तक पहले छह घंटों में 61.11 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया था। दोपहर 3 बजे तक यह आँकड़ा बढ़कर 78.68 प्रतिशत पहुँच गया। इसके बाद अंतिम दो घंटों में भी मतदाताओं की सक्रियता बनी रही, जिससे कुल मतदान प्रतिशत 90 फीसदी के करीब जा पहुँचा।

जिलेवार मतदान के आँकड़े

जिलेवार प्रदर्शन में पूर्व बर्धमान सबसे आगे रहा, जहाँ 92.46 प्रतिशत मतदान हुआ — जो दूसरे चरण का सर्वोच्च आँकड़ा है। हुगली में 90.34 प्रतिशत और नादिया में 90.28 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया।

अन्य प्रमुख जिलों में उत्तर 24 परगना में 89.74 प्रतिशत, दक्षिण 24 परगना में 89.57 प्रतिशत और हावड़ा में 89.44 प्रतिशत मतदान हुआ। शहरी क्षेत्रों में भी संतोषजनक भागीदारी रही — कोलकाता उत्तर में 87.77 प्रतिशत और कोलकाता दक्षिण में 86.11 प्रतिशत वोट पड़े।

सुरक्षा व्यवस्था और शांतिपूर्ण मतदान

भारत निर्वाचन आयोग के अनुसार, मतदान अधिकांश स्थानों पर शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। 142 सामान्य पर्यवेक्षकों और 95 पुलिस पर्यवेक्षकों की निगरानी तथा केंद्रीय सुरक्षा बलों की तैनाती के कारण स्थिति काफी हद तक नियंत्रण में रही। हालाँकि, कुछ क्षेत्रों से छिटपुट हिंसा और गड़बड़ी की खबरें सामने आईं, लेकिन कोई बड़ी अप्रिय घटना दर्ज नहीं की गई।

चुनाव की पृष्ठभूमि और आगे की राह

गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के पहले चरण का मतदान 23 अप्रैल को 152 सीटों पर संपन्न हुआ था। दूसरे चरण में 29 अप्रैल को 142 सीटों पर मतदान हुआ। यह ऐसे समय में आया है जब राज्य में राजनीतिक प्रतिस्पर्धा अपने चरम पर है और प्रत्येक चरण के आँकड़े राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बने हुए हैं। अब सभी की निगाहें 4 मई पर टिकी हैं, जब मतगणना के बाद चुनाव परिणाम घोषित किए जाएंगे।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन उच्च मतदान प्रतिशत अकेले लोकतांत्रिक स्वास्थ्य का पैमाना नहीं होता — विशेषकर उस राज्य में जहाँ छिटपुट हिंसा और बूथ-स्तरीय दबाव की खबरें नियमित रूप से आती हैं। असली सवाल यह है कि क्या यह भागीदारी स्वेच्छिक थी या सामाजिक-राजनीतिक दबाव का परिणाम। 142 सामान्य और 95 पुलिस पर्यवेक्षकों की तैनाती के बावजूद छिटपुट गड़बड़ी की खबरें बताती हैं कि निगरानी तंत्र अभी भी पूरी तरह सक्षम नहीं है। 4 मई के नतीजे न केवल सत्ता का फैसला करेंगे, बल्कि यह भी तय करेंगे कि इतनी बड़ी मतदाता भागीदारी किस राजनीतिक दिशा में गई।
RashtraPress
29 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण में कितनी सीटों पर मतदान हुआ?
दूसरे चरण में 29 अप्रैल 2026 को 142 विधानसभा सीटों पर मतदान हुआ। शाम 5 बजे तक कुल 89.99 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया।
दूसरे चरण में किस जिले में सबसे अधिक मतदान हुआ?
पूर्व बर्धमान जिले में सर्वाधिक 92.46 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। इसके बाद हुगली में 90.34% और नादिया में 90.28% मतदान हुआ।
पश्चिम बंगाल चुनाव के नतीजे कब आएंगे?
मतगणना 4 मई 2026 को होगी और उसी दिन चुनाव परिणाम घोषित किए जाएंगे। पहले चरण का मतदान 23 अप्रैल को 152 सीटों पर हो चुका था।
दूसरे चरण के मतदान के दौरान सुरक्षा व्यवस्था कैसी थी?
भारत निर्वाचन आयोग के अनुसार, 142 सामान्य पर्यवेक्षकों, 95 पुलिस पर्यवेक्षकों और केंद्रीय सुरक्षा बलों की तैनाती के कारण मतदान अधिकांश स्थानों पर शांतिपूर्ण रहा। कुछ क्षेत्रों से छिटपुट हिंसा की खबरें आईं, लेकिन कोई बड़ी अप्रिय घटना दर्ज नहीं की गई।
कोलकाता में मतदान प्रतिशत कितना रहा?
कोलकाता उत्तर में 87.77 प्रतिशत और कोलकाता दक्षिण में 86.11 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। शहरी क्षेत्रों में यह आँकड़ा ग्रामीण जिलों की तुलना में अपेक्षाकृत कम रहा।
राष्ट्र प्रेस
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