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क्या मिथुन चक्रवर्ती के बयान पर शशि पांजा का पलटवार सही है?

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क्या मिथुन चक्रवर्ती के बयान पर शशि पांजा का पलटवार सही है?

सारांश

पश्चिम बंगाल में भाजपा नेताओं के विवादास्पद बयानों पर टीएमसी की शशि पांजा ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। क्या मिथुन चक्रवर्ती के बयान और शशि पांजा का पलटवार सटीक हैं? जानें इस राजनीतिक उठापटक के पीछे का सच।

मुख्य बातें

राजनीतिक बयान समाज में विभाजन पैदा कर सकते हैं।
संविधान और लोकतंत्र का सम्मान किया जाना चाहिए।
टीएमसी और भाजपा के बीच सियासी टकराव जारी है।
हिंसा और आक्रामकता की भाषा का इस्तेमाल नहीं होना चाहिए।
बंगाल के इतिहास को समझना जरूरी है।

कोलकाता, २५ दिसंबर (राष्ट्र प्रेस)। पश्चिम बंगाल में भाजपा नेताओं के हालिया बयानों के चलते सियासी तापमान लगातार बढ़ता जा रहा है। भाजपा नेता और अभिनेता मिथुन चक्रवर्ती तथा भाजपा नेता अर्जुन सिंह के बयानों पर तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की वरिष्ठ मंत्री शशि पांजा ने जोरदार पलटवार किया है।

उन्होंने भाजपा नेताओं पर भावनात्मक उकसावे, सांप्रदायिक भाषा और संवैधानिक मर्यादाओं से बाहर जाने का आरोप लगाया।

मिथुन चक्रवर्ती के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए शशि पांजा ने कहा कि जो लोग कभी किसी ब्लड डोनेशन कैंप में खून की एक बूंद तक दान नहीं करते, वही लोग भारत और हिंदुत्व के लिए आखिरी सांस और खून की आखिरी बूंद तक लड़ने की बातें करते हैं।

उन्होंने तंज कसते हुए कहा, "यह कोई सिनेमा नहीं है, यह हकीकत है। आम लोगों और देश की भावनाओं के साथ इस तरह का खिलवाड़ नहीं किया जाना चाहिए।"

बता दें कि मिथुन चक्रवर्ती ने पश्चिम बंगाल के मतदाताओं से तृणमूल कांग्रेस के खिलाफ वोट करने की अपील की थी। इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा था कि बंगाल को बांग्लादेश न बनने दें। इस बयान के बाद राजनीतिक विवाद और तेज हो गया।

वहीं, भाजपा नेता अर्जुन सिंह के बयानों पर भी शशि पांजा ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि अर्जुन सिंह की बातों से साफ झलकता है कि भाजपा अब संवैधानिक दायरे में काम नहीं कर रही है। उनके लिए संवैधानिक सीमाओं को पार करना अब आम बात हो गई है। ऐसे बयान पूरी तरह से सांप्रदायिक हैं और समाज में नफरत फैलाने का काम करते हैं।

उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा, "किसने उन्हें यह हक दिया है कि वे किसी भी व्यक्ति को 'जिहादी' कहें? उनके भाषण खुद ही आक्रामकता और हिंसा से भरे होते हैं।" मंत्री ने कहा कि इस तरह की भाषा लोकतंत्र और संविधान की भावना के खिलाफ है।

शशि पांजा ने भाजपा नेताओं पर तंज कसते हुए कहा कि उन्हें पहले बंगाल के इतिहास को जानना चाहिए।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह कहा जा सकता है कि राजनीतिक बयानों का प्रभाव केवल चुनावी जीत-हार तक सीमित नहीं रहता। यह समाज में विभाजन और नफरत को बढ़ाने का काम कर सकता है। हमें चाहिए कि हम संवैधानिक मूल्यों और लोकतांत्रिक परंपराओं का सम्मान करें।
RashtraPress
9 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

शशि पांजा ने भाजपा नेताओं पर क्या आरोप लगाए?
शशि पांजा ने भाजपा नेताओं पर भावनात्मक उकसावे, सांप्रदायिक भाषा और संवैधानिक मर्यादाओं से बाहर जाने का आरोप लगाया।
मिथुन चक्रवर्ती का बयान क्या था?
मिथुन चक्रवर्ती ने मतदाताओं से तृणमूल कांग्रेस के खिलाफ वोट करने की अपील की थी और बंगाल को बांग्लादेश न बनने देने की बात कही थी।
क्या शशि पांजा ने अर्जुन सिंह के बयानों पर भी प्रतिक्रिया दी?
हाँ, शशि पांजा ने अर्जुन सिंह के बयानों पर तीखी प्रतिक्रिया दी और कहा कि भाजपा संवैधानिक दायरे से बाहर जा रही है।
इस राजनीतिक विवाद का मुख्य कारण क्या है?
इसका मुख्य कारण भाजपा नेताओं के विवादास्पद बयान हैं जो समाज में नफरत और विभाजन को बढ़ा रहे हैं।
शशि पांजा ने किस चीज का उल्लेख किया?
उन्होंने उल्लेख किया कि ऐसा नहीं होना चाहिए कि आम लोगों की भावनाओं के साथ खिलवाड़ किया जाए।
राष्ट्र प्रेस
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