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क्या पश्चिम बंगाल में एसआईआर कराने को लेकर कोई मतभेद या टकराव नहीं है? : सीईसी ज्ञानेश कुमार

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क्या पश्चिम बंगाल में एसआईआर कराने को लेकर कोई मतभेद या टकराव नहीं है? : सीईसी ज्ञानेश कुमार

सारांश

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने पश्चिम बंगाल में मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर सभी मतभेदों को खारिज कर दिया है। जानें इस मुद्दे के पीछे की सच्चाई और ममता बनर्जी की प्रतिक्रिया।

मुख्य बातें

ज्ञानेश कुमार ने एसआईआर के लिए किसी टकराव की बात खारिज की।
पश्चिम बंगाल सरकार को संवैधानिक जिम्मेदारियों का पालन करना होगा।
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने विरोध किया है।
एसआईआर की प्रक्रिया में कुछ अतिरिक्त निर्देश दिए जाएंगे।
तृणमूल कांग्रेस का विरोध जारी है।

नई दिल्ली, 27 अक्टूबर (राष्ट्र प्रेस)। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने सोमवार को मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के संदर्भ में आयोग और पश्चिम बंगाल सरकार के बीच किसी भी मतभेद की अटकलों को पूरी तरह से अस्वीकार कर दिया।

ज्ञानेश कुमार ने कहा, "पश्चिम बंगाल में एसआईआर के लिए कोई टकराव नहीं है। सभी संवैधानिक संस्थाएं संविधान के अनुसार अपने कार्य करती हैं। एसआईआर की तैयारी करके, चुनाव आयोग अपने संवैधानिक कर्तव्य का निर्वहन कर रहा है और इसी तरह, प्रत्येक राज्य सरकार भी अपना कर्तव्य निभाएगी।"

उनकी यह टिप्पणी तब आई जब पश्चिम बंगाल सरकार द्वारा एसआईआर के संभावित प्रतिरोध के बारे में सवाल किया गया। रिपोर्टों के अनुसार, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मतदाता सूचियों के पुनरीक्षण का विरोध किया है। ज्ञानेश कुमार ने संकेत दिया कि राज्य सरकारों और उनके विभागों द्वारा एसआईआर के प्रयासों में शामिल न होने की कोई संभावना नहीं है।

उन्होंने कहा कि सभी संवैधानिक संस्थाओं की तरह, राज्य सरकारें भी एसआईआर के संचालन और चुनाव कराने के लिए सभी आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने के लिए बाध्य हैं। बिहार एसआईआर में चुनाव आयोग द्वारा सीखे गए सबक को आगे बढ़ाते हुए, इन 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में इस प्रक्रिया के लिए कुछ अतिरिक्त निर्देश भी जारी किए जाएंगे।

पश्चिम बंगाल में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) इस प्रक्रिया के संचालन के विचार के खिलाफ है। टीएमसी लगातार यह दावा कर रही है कि एसआईआर केंद्र सरकार और भाजपा द्वारा राज्य में एनआरसी लागू करने की एक अप्रत्यक्ष चाल है।

तृणमूल कांग्रेस के सूत्रों ने बताया कि नवंबर के पहले सप्ताह में कोलकाता में एक विशाल एसआईआर विरोधी रैली आयोजित होने की संभावना है। इस कार्यक्रम के मुख्य वक्ता मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और पार्टी महासचिव एवं लोकसभा सदस्य अभिषेक बनर्जी होंगे।

इस महीने की शुरुआत में, मुख्यमंत्री बनर्जी ने स्पष्ट किया था कि वह मतदाता सूची में किसी विशेष समुदाय के मतदाताओं के नाम काटे जाने को सहन नहीं करेंगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह स्पष्ट है कि चुनाव आयोग का कर्तव्य है कि वह चुनाव प्रक्रिया को निर्बाध रूप से संचालित करे। पश्चिम बंगाल में चल रहे विवादों के बावजूद, आयोग को संवैधानिक प्रावधानों के भीतर काम करना चाहिए।
RashtraPress
1 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या एसआईआर के लिए कोई टकराव है?
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने स्पष्ट किया है कि पश्चिम बंगाल में एसआईआर के लिए कोई टकराव नहीं है।
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का एसआईआर पर क्या कहना है?
ममता बनर्जी ने मतदाता सूचियों के पुनरीक्षण का विरोध किया है और इसे केंद्र सरकार की चाल बताया है।
क्या एसआईआर विरोधी रैली होगी?
जी हाँ, तृणमूल कांग्रेस ने नवंबर में कोलकाता में एक विशाल एसआईआर विरोधी रैली की योजना बनाई है।
राष्ट्र प्रेस
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