खान ग्लोबल स्टडीज सेंटर पटना में फायर सेफ्टी जांच: दूसरी बार भी मिलीं गंभीर खामियाँ, 7-10 दिन में सुधार का अल्टीमेटम
सारांश
मुख्य बातें
पटना स्थित खान ग्लोबल स्टडीज सेंटर की 7 जून 2026 को हुई फायर सेफ्टी जांच में एक बार फिर कई गंभीर सुरक्षा खामियाँ उजागर हुई हैं। बिहार फायर सर्विस ने संस्थान को नोटिस जारी करते हुए 7 से 10 दिनों के भीतर सभी आवश्यक सुधार पूरे करने का कड़ा निर्देश दिया है। यह इस कोचिंग संस्थान का दूसरा फायर ऑडिट था।
क्या-क्या खामियाँ मिलीं
बिहार फायर सर्विस के कमांडेंट रितेश कुमार पांडेय ने बताया कि जांच के दौरान अग्निशमन सेवा अधिनियम के तहत अनिवार्य कई सुरक्षा प्रावधान संस्थान में मौजूद नहीं पाए गए। सबसे बड़ी चिंता यह है कि पूरी इमारत में केवल एक ही सीढ़ी है, जो निर्धारित सुरक्षा मानकों के अनुरूप नहीं है। प्रतिदिन बड़ी संख्या में छात्र इस संस्थान में पढ़ने आते हैं, जिससे किसी आपात स्थिति में जोखिम कई गुना बढ़ जाता है।
पहले निरीक्षण के बाद भी नहीं हुआ सुधार
मई 2026 में भी इस कोचिंग संस्थान का पहला निरीक्षण किया गया था, जिसमें भी खामियाँ सामने आई थीं। अधिकारियों के अनुसार, उन कमियों पर संतोषजनक प्रगति नहीं मिलने के कारण विभाग ने अब सख्त रुख अपनाया है। यदि निर्धारित समय सीमा के भीतर सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया गया, तो विभाग आगे की कार्रवाई करने पर विचार कर सकता है।
मुजफ्फरपुर अग्निकांड के बाद राज्यव्यापी अभियान
यह जांच उस व्यापक अभियान का हिस्सा है जो मुजफ्फरपुर के एक निजी अस्पताल में आग लगने से सात लोगों की मौत के बाद शुरू किया गया। इस दुखद घटना के बाद बिहार सरकार ने राज्यभर में कोचिंग संस्थानों और निजी अस्पतालों की फायर सेफ्टी जांच का आदेश दिया। गौरतलब है कि पटना के कई निजी अस्पतालों की जांच में भी गंभीर सुरक्षा खामियाँ पाई गई हैं, जहाँ आपात स्थिति में मरीजों की जान को बड़ा खतरा हो सकता था।
छात्रों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता
फायर सर्विस ने स्पष्ट किया है कि चूँकि इस संस्थान में रोज़ाना बड़ी संख्या में छात्र आते हैं, इसलिए उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना सर्वोच्च प्राथमिकता है। विभाग का कहना है कि बिना पर्याप्त आपातकालीन निकास और अग्निशमन उपकरणों के किसी भी संस्थान को संचालित करने की अनुमति नहीं दी जा सकती। आने वाले दिनों में अनुपालन की स्थिति की समीक्षा की जाएगी और उसी के आधार पर अगले कदम तय होंगे।