पटना प्रशासन का आश्वासन, रसोई गैस सिलेंडर की कोई कमी नहीं है
सारांश
Key Takeaways
- रसोई गैस सिलेंडर की कोई कमी नहीं है।
- स्वास्थ्य एवं शैक्षणिक संस्थानों को प्राथमिकता दी जा रही है।
- सभी वितरकों के पास पर्याप्त मात्रा में एलपीजी उपलब्ध है।
- सिविल सर्जन को नोडल ऑफिसर नियुक्त किया गया है।
- गैस कंपनियाँ समस्या मुक्त आपूर्ति का दावा कर रही हैं।
पटना, 14 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। पटना का जिला प्रशासन यह पुष्टि करता है कि जिले में रसोई गैस सिलेंडर की कोई कमी नहीं है। सभी वितरकों और गैस कंपनियों के पास पर्याप्त मात्रा में एलपीजी उपलब्ध है।
इसी क्रम में, शनिवार को पटना के जिलाधिकारी डॉ. त्यागराजन एस एम ने अस्पतालों और शैक्षणिक संस्थानों के प्रमुखों, गैस कंपनियों के प्रतिनिधियों और अधिकारियों के साथ एलपीजी गैस आपूर्ति और वितरण व्यवस्था की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि सभी अस्पतालों और शैक्षणिक संस्थानों को जनहित में प्राथमिकता के आधार पर गैस की आपूर्ति की जा रही है।
स्वास्थ्य संस्थानों में एलपीजी गैस की आपूर्ति के लिए जिला प्रशासन ने सिविल सर्जन और जिला कार्यक्रम प्रबंधक (स्वास्थ्य), पटना को नोडल ऑफिसर के रूप में नियुक्त किया है। ये अधिकारी अस्पतालों और स्वास्थ्य संस्थानों में आवश्यकतानुसार गैस की सही आपूर्ति सुनिश्चित करेंगे।
जिलाधिकारी ने बताया कि इस बैठक में आईजीआईएमएस, एम्स, पीएमसीएच, एनएमसीएच, ईएसआईसी जैसे विभिन्न संस्थानों के प्रतिनिधि मौजूद थे। सिविल सर्जन और डीपीएम (हेल्थ) को निर्देश दिया गया है कि वे अस्पतालों और स्वास्थ्य संस्थानों के अधीक्षकों, गैस कंपनियों के क्षेत्रीय अधिकारियों और सेवा प्रदाताओं के साथ निरंतर संपर्क में रहें।
बैठक में आईआईटी, एनआईटी, चाणक्य राष्ट्रीय लॉ विश्वविद्यालय, निफ्ट आदि शिक्षण संस्थानों के प्रतिनिधियों ने भी भाग लिया। सभी से विस्तार से चर्चा की गई और गैस आपूर्ति की अद्यतन स्थिति का मूल्यांकन किया गया। जिलाधिकारी ने कहा कि इन संस्थानों के प्रमुखों ने बताया है कि गैस आपूर्ति से संबंधित कोई समस्या नहीं है।
गैस कंपनियों के क्षेत्रीय अधिकारियों ने भी यह बताया कि शैक्षणिक संस्थानों को प्राथमिकता के आधार पर गैस की आपूर्ति की जा रही है। छात्रों और संस्थानों के हित में, ग्रामीण क्षेत्रों के लिए अपर जिला दंडाधिकारी (आपूर्ति) और शहरी क्षेत्रों के लिए विशिष्ट पदाधिकारी को सभी शैक्षणिक संस्थानों में गैस की सुचारू आपूर्ति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है।