17 अक्टूबर 2026
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ईडी का पिनराई विजयन को समन: बैंक खाते, संपत्तियाँ और 10 साल के ITR का ब्योरा तलब

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ईडी का पिनराई विजयन को समन: बैंक खाते, संपत्तियाँ और 10 साल के ITR का ब्योरा तलब

सारांश

ईडी ने केरल के पूर्व मुख्यमंत्री पिनराई विजयन को समन जारी कर 10 साल के ITR, भारत-विदेश के बैंक खाते, संपत्तियाँ और सीएमआरएल से प्राप्त धन का ब्योरा माँगा। घर पर मौजूद न होने और कर्मचारियों के नोटिस लेने से इनकार के बाद अधिकारियों ने आवास परिसर में नोटिस चस्पा किया।

मुख्य बातें

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने केरल के पूर्व मुख्यमंत्री पिनराई विजयन को 17 अक्टूबर 2026 को औपचारिक समन जारी किया।
समन में भारत और विदेशों के सभी बैंक खातों, सावधि जमा, चल-अचल संपत्तियों और बैंक लॉकरों का ब्योरा माँगा गया है।
वित्त वर्ष 2016-17 से 2025-26 तक के 10 वर्षों के आयकर रिटर्न (ITR) की प्रतियाँ भी तलब की गई हैं।
समन में कोचीन मिनरल्स एंड रूटाइल लिमिटेड (सीएमआरएल) और शशिधर कार्था से प्राप्त धनराशि का ब्योरा देने का विशेष उल्लेख है।
विजयन के आवास पर अनुपस्थित होने और कर्मचारियों के नोटिस लेने से इनकार करने के बाद अधिकारियों ने परिसर में नोटिस चस्पा कर दिया।
कार्रवाई पीएमएलए, 2002 की धारा 50 के तहत की गई है।

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने केरल के पूर्व मुख्यमंत्री पिनराई विजयन को औपचारिक समन जारी कर उनके बैंक खातों, सावधि जमा (एफडी), चल-अचल संपत्तियों और निवेश का व्यापक ब्योरा मांगा है। 17 अक्टूबर 2026 को अधिकारी उनके तिरुवनंतपुरम स्थित आवास पर समन तामील कराने पहुँचे, लेकिन विजयन उस समय वहाँ मौजूद नहीं थे। उनके कर्मचारियों द्वारा उनकी ओर से नोटिस स्वीकार करने से मना करने के बाद अधिकारियों ने आवास परिसर में नोटिस चस्पा कर दिया।

समन में क्या-क्या माँगा गया

ईडी के समन में पिनराई विजयन और उनसे जुड़ी संस्थाओं के भारत तथा विदेशों में संचालित सभी बैंक खातों और सावधि जमा का विस्तृत विवरण माँगा गया है। इसके अतिरिक्त, भारत और विदेशों में स्थित उनकी एवं उनसे जुड़ी संस्थाओं की चल-अचल संपत्तियों, बैंक लॉकरों तथा संबंधित दस्तावेजों की जानकारी भी माँगी गई है।

वित्त वर्ष 2016-17 से 2025-26 तक दाखिल किए गए आयकर रिटर्न (आईटीआर) की प्रतियाँ भी प्रस्तुत करने को कहा गया है — यानी पिछले 10 वित्त वर्षों का लेखा-जोखा एजेंसी के दायरे में है। साथ ही, विजयन, उनके परिवार के सदस्यों और उनसे जुड़ी संस्थाओं में किए गए निवेश तथा भारत व विदेशों में उनके कारोबारी संबंधों का पूरा ब्योरा भी माँगा गया है।

सीएमआरएल और शशिधर कार्था का ज़िक्र

समन में विशेष रूप से कोचीन मिनरल्स एंड रूटाइल लिमिटेड (सीएमआरएल) और शशिधर कार्था अथवा इस कंपनी से जुड़े किसी अन्य व्यक्ति से पिनराई विजयन, उनके परिवार के सदस्यों या उनसे संबंधित किसी व्यक्ति को प्राप्त धनराशि का ब्योरा देने का उल्लेख है। यह संदर्भ महत्त्वपूर्ण है क्योंकि सीएमआरएल से जुड़े आरोप पहले भी केरल की राजनीति में चर्चा का विषय रहे हैं।

इसके अलावा, समन में धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए), 2002 की धारा 50 के तहत दर्ज बयान में संशोधन करने का भी निर्देश दिया गया है।

आवास पर नोटिस चस्पा करने की नौबत क्यों आई

अधिकारियों के अनुसार, जब ईडी की टीम तिरुवनंतपुरम स्थित आवास पर पहुँची तो पिनराई विजयन वहाँ अनुपस्थित थे। उनके कर्मचारियों ने उनकी ओर से नोटिस स्वीकार करने से स्पष्ट रूप से इनकार कर दिया, जिसके बाद अधिकारियों ने कानूनी प्रक्रिया के तहत आवास परिसर में नोटिस चिपका दिया। यह कदम तामील की वैकल्पिक कानूनी विधि के रूप में अपनाया जाता है।

राजनीतिक पृष्ठभूमि और आगे की राह

गौरतलब है कि पिनराई विजयन केरल के लंबे समय तक मुख्यमंत्री रहे और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) — सीपीआई(एम) — के वरिष्ठ नेता हैं। यह ऐसे समय में आया है जब केरल में सत्ता परिवर्तन के बाद राज्य की राजनीति में उठापटक जारी है। आलोचकों का कहना है कि केंद्रीय एजेंसियों का उपयोग विपक्षी नेताओं पर दबाव बनाने के लिए किया जाता है, जबकि सरकार का पक्ष है कि जाँच कानून के अनुरूप है।

कथित तौर पर ईडी की यह कार्रवाई सीएमआरएल मामले से जुड़ी व्यापक जाँच का हिस्सा है। अभी यह स्पष्ट नहीं है कि विजयन किस तारीख तक सूचना प्रस्तुत करेंगे या ईडी के समक्ष पेश होंगे। आने वाले दिनों में उनकी ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया और संभावित कानूनी चुनौती की उम्मीद है।

संपादकीय दृष्टिकोण

वरना किसी पूर्व मुख्यमंत्री के दरवाज़े पर नोटिस चिपकाने का राजनीतिक जोखिम कोई भी एजेंसी नहीं उठाती। दूसरी ओर, यह भी एक स्थापित राजनीतिक पैटर्न है कि केंद्रीय एजेंसियाँ विपक्षी शासित राज्यों के नेताओं के इर्द-गिर्द तब सक्रिय होती हैं जब राजनीतिक दबाव बनाना हो। असली परीक्षा यह होगी कि क्या ईडी अदालत में टिकाऊ साक्ष्य पेश कर पाती है — या यह मामला उन कई जाँचों की सूची में जुड़ जाता है जो सुर्खियाँ बटोरकर अदालती कमज़ोरी में दम तोड़ देती हैं।
RashtraPress
17 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ईडी ने पिनराई विजयन को समन क्यों जारी किया?
ईडी ने पीएमएलए, 2002 की धारा 50 के तहत पिनराई विजयन को समन जारी कर उनके बैंक खातों, संपत्तियों, निवेश और सीएमआरएल से प्राप्त धनराशि का ब्योरा माँगा है। यह कार्रवाई कोचीन मिनरल्स एंड रूटाइल लिमिटेड (सीएमआरएल) से जुड़ी मनी लॉन्ड्रिंग जाँच का हिस्सा बताई जाती है।
समन में ईडी ने क्या-क्या जानकारी माँगी है?
समन में भारत और विदेशों के सभी बैंक खाते, सावधि जमा, चल-अचल संपत्तियाँ, बैंक लॉकर, वित्त वर्ष 2016-17 से 2025-26 तक के 10 वर्षों के आयकर रिटर्न, पारिवारिक संस्थाओं में निवेश और कारोबारी संबंधों का विवरण माँगा गया है। इसके साथ ही सीएमआरएल व शशिधर कार्था से प्राप्त किसी भी धनराशि का ब्योरा भी देना है।
आवास परिसर में नोटिस चस्पा करने की नौबत कैसे आई?
जब ईडी अधिकारी 17 अक्टूबर 2026 को तिरुवनंतपुरम स्थित विजयन के आवास पर पहुँचे, तो वे वहाँ मौजूद नहीं थे। उनके कर्मचारियों ने उनकी ओर से नोटिस स्वीकार करने से इनकार कर दिया, जिसके बाद अधिकारियों ने कानूनी प्रक्रिया के तहत परिसर में नोटिस चस्पा किया।
सीएमआरएल और शशिधर कार्था का इस मामले से क्या संबंध है?
कोचीन मिनरल्स एंड रूटाइल लिमिटेड (सीएमआरएल) और उसके जुड़े व्यक्ति शशिधर कार्था का नाम ईडी के समन में विशेष रूप से उल्लिखित है। ईडी ने माँगा है कि इस कंपनी या उससे जुड़े किसी व्यक्ति से विजयन, उनके परिवार या उनसे संबंधित किसी को प्राप्त धनराशि का पूरा ब्योरा दिया जाए।
पीएमएलए की धारा 50 के तहत समन का क्या अर्थ है?
पीएमएलए, 2002 की धारा 50 ईडी को किसी भी व्यक्ति को बयान दर्ज करने और दस्तावेज़ पेश करने के लिए तलब करने का अधिकार देती है। इसके तहत जारी समन का जवाब देना कानूनी रूप से बाध्यकारी होता है, और इनकार पर कानूनी कार्रवाई का प्रावधान है।
राष्ट्र प्रेस
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